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इंटरनेट इस्तेमाल करते समय कैसे रखें अपने किशोर को सुरक्षित - 7 तरीके

Parentune Support
11 से 16 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 02, 2018

इंटरनेट इस्तेमाल करते समय कैसे रखें अपने किशोर को सुरक्षित 7 तरीके

इंटरनेट ने पूरी दुनिया में क्रांति ला दी है। फायदों के साथ-साथ यह कई तरह के खतरे भी पैदा कर रहा है जैसे सायबर धोखाधड़ी और आॅनलाइन डराने-धमकाने के मामले। मॅकेफी, अमेरिका द्वारा पूरी दुनिया में किये गये एक सर्वे में कुछ परेशान करने वाले आंकडे सामने आये हैं।

  • अपने माता-पिता की उम्मीद से कहीं ज्यादा समय किशोर आॅनलाइन रहने में बिताते हैं। औसतन एक दिन में 5 घंटे, जबकि उनके माँ-बाप को लगता है कि किशोर एक दिन में औसतन तीन आॅनलाइन रहता है। लगभग 10.3 प्रतिषत किशोर हर रोज 10 घंटे से ज्यादा समय आॅनलाइन रहते हैं।

  • माता-पिता को यह पता ही नहीं होता कि उनका बच्चा कितना समय सोशल मीडिया पर बिताता है।

  • ज्यादातर किशोर नहीं मानते कि आॅनलाइन दोस्ती-यारी खतरनाक हो सकती है। एक चिंताजनक तादाद ऐसे किशोरों की है जो उन लोगों से मिल चुके हैं जिनसे उनकी जान-पहचान केवल आॅनलाइन जुड़ाव से हुई है।

  • जब बच्चे सोशल मीडिया/इंटरनेट पर किसी जानकारी का आदान-प्रदान करें तो माँ-बाप को सावधान रहना चाहिये। 49 प्रतिशत किशोर सोशल नेटवर्क पर नाजायज (जैसे अश्लील बातें -39 प्रतिशत और 10 प्रतिषत वेश्यावृति के बारे में) बातें लिखते हैं और 16.3 प्रतिशत वो लोग हैं जो ऐसी बाते लिखते हैं जो उनके माता-पिता के जानने लायक नहीं होतीं।

आपके बच्चे के लिये यह बहुत जरूरी है कि वह इंटरनेट सुरक्षा के बारे में जाने जिससे वह सायबर अपराध के साथ डराने-धमकाने और पहचान चुराने का शिकार होने से बच सके। यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप आपने बच्चे को सायबर जानकारी देकर होशियार बनायें। यहाँ कुछ तरीके हैं जिन्हें अपना कर आप अपने बच्चे को बुद्धिमानी से इंटरनेट इस्तेमाल के लिये तैयार कर सकते हैंः

1. बच्चा किसी भी उम्र का होेः उससे नियम से पूछें कि क्या वह इंटरनेट का इस्तेमाल करता है? वह आॅनलाइन रहने पर क्या-क्या करता है इस बारे में जानकारी लें। यह आपके बच्चे के साथ एक बढ़िया चर्चा की शुरूआत हो सकती है।

अगर आपको कुछ गलत होने का अहसास हो तो न तो डरें और न ही इसके लिये बच्चे को दोष दें। बच्चा जिस समस्या का समाना कर रहा है, उसके बारे में बात करें और इसे समझदारी से हल करें। पूछताछ करते समय संयम रखें, कहीं ऐसा न हो कि बच्चा अपना मुंह ही न खोले।

2. परिवार में इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस्तेमाल के नियम बनायेंः

  • बच्चे के लिय इंटरनेट इस्तेमाल का समय तय करें।

  • इस्तेमाल करने वाली वेबसाइट का नाम तय करें।

  • इंटरनेट चलने वाले कम्प्यूटर को सभी के आने-जाने वाली जगह पर रखें जैसे बैठक में।

  • इस बात पर नजर रखें कि वह अपनी जन्मतिथि, स्कूल और घर का पता, छुट्टियों पर जाने की योजना और दूसरी चीजों का इंटरनेट पर खुलासा न करे।   

3. अपने किसी भी एकाउंट के पासवर्ड और दूसरी बातों की जानकारी की सावाधानी से सुरक्षा करें। इन बातों का वेबसाइट पर नया एकाउण्ट बनाते समय ध्यान रखेंः

  • इसमें आपका प्रयोगकर्ता नाम, आपका या आपकी कंपनी का वास्तविक नाम न हो।

  • आपका नया पासवर्ड पिछले पासवर्ड से पूरी तरह से अलग हो।

  • पासवर्ड का मतलब है कि यह पूरी तरह से गुप्त हो, तो पक्का करें आपका बच्चे इसे किसी को न बताये।

4. अपनी जानकारी बढ़ायेंः सोशल मीडिया वेबसाइट से जुड़ें और जानें कि यह कैसे काम करती है। साथ ही अपने बच्चे की प्रोफाइल पर नजर रखें। उस सामग्री के प्रति सावधान रहें जो आपके बच्चे के प्रोफाइल पर डाली जाती है।

5. अपने बच्चे को सिखायें कि बिना जान-पहचान वाले लोगों की दोस्ती की प्रस्ताव को कभी भी स्वीकार न करें और न ही ऐसे लोगों से आॅनलाइन बातचीत करें जिन्हे वे नहीं जानते।

6. आॅनलाईन सुरक्षा से जुड़ी कोई भी जानकारी जो आपके पास है, को पढ़ें और एसा करते समय अपने बच्चे को भी अपने साथ शामिल करें। इंटरनेट के खतरे से जुड़े लेख, सोशल मीडिया और अपने बच्चे के साथ को नियम से साझा करे, उसे डराने के लिये नहीं बल्कि उसकी जानकारी बढ़ाने के लिये। इसके साथ-साथ, चलन में होने वाली नई सोशल मीडिया साइट और एप्लीकेशन की अपनी जानकारी को बढ़ाते रहें।  

7. ट्रैकिंग के बारे में जानें और अपने बच्चे से इस बारे में बात करें। निजी जानकारी के खुलासे से जुड़े खतरों के प्रति सतर्क रहें जो आपके बच्चे की ली हुयी तस्वीरों और वीडियो की वजह पैदा होते हैं। उदाहरण के लिये, जब भी अपने बच्चे का कोई फोटो आप किसी वेबसाइट जैसे फेसबुक वगैरह पर डालें तो फोटो किस जगह लिया गया है, यह पता लगाने वाली तकनीक को डिएक्टीवेट कर दें।

8. अपने बच्चे के साथ भरोसे का रिश्ता कायम करेंः कई बार बच्चे से उसकी आॅनलाइन गतिविधि को लेकर सीधा सवाल करना उल्टा असर करता है और वह आपको कोई भी जवाब न देने पर अड़ जाता है। इसके बजाय, आप उसके साथ दोस्ताना और भरोसे का रिष्ता बनायें जिससे वह चीजों के बारे में आपसे बात और चर्चा कर सके।

9. बच्चे की निगरानी करने वाली एप्लीकेशनः बच्चे के मोबाइल/कम्प्यूटर आदि में निगरानी करने वाली एप्लीकेशन डालें जिससे उसकी आॅनलाइन गतिविधि के बारे में आपको तुरंत पता चल सके।

10. बच्चे के लिये घर पर ऐसे कार्यक्रम करें जिसमें वह अपने सभी दोस्तों को बुला सके। इस तरह, अगर वह किसी ऐसे दोस्त को वहाँ बुलाता है जो उसकी सोशल मीडिया मंडली में से है तो आपको उसके बारे में जानने का मौका मिल जायेगा। यह खासकर, ज्यादा उम्र के बच्चों के लिये ठीक तरीका है क्योंकि इस उम्र में बच्चे बिना जान-पहचान और अपने आॅनलाइन दोस्तों के साथ अकेले घूमने-फिरने जाने लगते हैं।

आप इन सलाहों को अपना कर यह पक्का कर सकती है कि आपका परिवार इंटरनेट पर सुरक्षित है। माता-पिता होने का फर्ज निभायें और सुरक्षित रहें।  

लेखक की जानकारीः सोनल पवार (कदम) इंटरनेट के बढ़ते चलन से प्रभावित हैं और इंटरनेट की दुनिया में क्या चल रहा है, इसकी पूरी जानकारी रखती हैं। एक माँ होने के नाते वह सायबर सुरक्षा के महत्व को समझती हैं।   

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