Child Psychology and Behaviour

क्या आपका बच्चा आपको थिएटर या सिनेमा हॉल में तंग करता है? जानिये कुछ महत्वपूर्ण टिप्स!

Priya Garg
3 to 7 years

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क्या आपका बच्चा आपको थिएटर या सिनेमा हॉल में तंग करता है जानिये कुछ महत्वपूर्ण टिप्स

छोटे बच्चे (3-7 वर्ष) स्वभाव से चंचल होते हैं। उन्हें अपने शरीर के हिस्सों को किसी न किसी गतिविधि में हमेशा व्यस्त रखना बहुत पसंद होता है। उन्हें खेलना, अलग-अलग काम करना, उछलना-कूदना बहुत पसंद होता है।

 

 यदि इसे बाल-मनोविज्ञान की भाषा में समझा जाए तो इस उम्र में बच्चों की सभी काम खुद करके देखने में, खेलने में, अलग-अलग चीजों को समझने में, उनका इस्तेमाल करने में मज़ा आता है। ऐसी अवस्था में बच्चों को एक जगह लेजाकर उसे वहाँ शांत बैठना बहुत मुश्किल होता है।

 

इस समस्या से बचने के लिए नीचे दिए गए कुछ तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है-

 

  1. बच्चों की पसंद की पिक्चर का चयन करें- 3-7 वर्ष के बच्चे कार्टून या बाल-कलाकार वाली फिल्में देखना पसंद करते हैं। कोशिश करें और बच्चों को उनकी पसंद की फिल्में दिखाने के लिए थिएटर या सिनेमा हॉल में लेकर जाये। यह काम थिएटर या सिनेमा हॉल में जाने और वहाँ के तरीके को समझने में भी उनकी मदद करेगा। यदि वह इस तरह जाते हैं तो वे समझते हैं की उन्हें अपनी पसंद का कुछ देखना है तो उन्हें वहाँ आराम से बैठना होगा।

     
  2. थिएटर या सिनेमा हॉल में जाने से पहले बच्चों से बातचीत करें-  अक्सर किसी चीज़ के बारे में पहले से बता देने से बच्चे उस काम को करने के लिए तैयार हो जाते हैं। ऐसे ही यदि बच्चों से फिल्म और उसको देखने जाने के बारें में बात की जाए तो बच्चे थिएटर या सिनेमा हॉल  में फिल्म देखने के लिए तैयार हो जाते हैं। ऐसे में वहाँ जाकर आराम से बैठना बच्चों के लिए आसान हो जाता है।

     
  3. ऐसी फिल्मों का चयन करें जो आपको और आपके बच्चों दोनों को देखने में मज़ा आए- अपने और बच्चों के लिए ऐसी फिल्मों का चयन करें जो आप दोनों के लिए मज़ेदार हो। आप चाहें जो उन फिल्मों के गाने सुनकर भी बच्चों को फिल्म देखने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।

     
  4. घर आकर फिल्मों के बारें में करें बातें- बच्चों को काम करने और उसके बारें में बात करने में बहुत मज़ा आता है। इस तरह से कोई काम करने में बच्चों की दिलचस्पी बढ़ती हैं। बच्चों के साथ एक-दो बार फिल्में देखने के बाद उनके साथ बातचीत करें। जैसे; आपको फिल्म में क्या समझ आया? आपको क्या अच्छा लगा या नहीं लगा? उसका कारण। इस तरह की बातें अगली बार ध्यान से फिल्म देखने और शांत रहने के लिए प्रेरित करेंगी।
     

अगली बार थिएटर या सिनेमा हॉल जाने के लिए इन सब तरीकों का इस्तेमाल करके देखें और अपने बच्चों के साथ मज़े से फिल्म देखें।

 

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