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गर्भावस्था मे ग्रीन टी पीने के फायदे

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गर्भावस्था मे ग्रीन टी पीने के फायदे

4,000 से अधिक वर्षों से, एशियाई लोगों ने गर्म पेय के रूप में ग्रीन टी का आनंद लिया है और इसके परंपरागत चिकित्सा के रूप को भी बहुत सराहा  है। ग्रीन टी चीन मे पायी जाती है, लेकिन वियतनाम,  थाईलैंड, जापान और ताइवान सहित सभी एशियाई देशों में भी यह लोकप्रिय है। माना जाता है कि हर्बल चाय पाचन में मदद, रक्त शर्करा को नियमित, और रक्तस्राव नियंत्रण करता है।

गर्भवती महिलाओं को ग्रीन टी चाय पीनी चाहिए, जबकी हर्बल चाय पीने से कुछ जोखिम हो सकते हैं। कैफीन के किसी भी पेय के रूप में, एक मात्रा से आधिक उसका सेवन करने पर नुकसान कर सकती है। गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान एक महिला के आहार में अपर्याप्त फोलिक एसिड (फोलेट) के कारण एक गंभीर जन्म दोष हो सकता है। हालांकि, ग्रीन टी स्वास्थ्य लाभ को अनदेखा नहीं किया जा सकता । गर्भवती महिलाएं ग्रीन टी पीने से लाभ ले सकती हैं , इसलिए, गर्भवती महिलाओं को इसके लाभों की कटाई करते हुए जोखिमों से बचने के लिए प्रति दिन एक कप से ज्यादा नहीं पीना चाहिए।
 

कोलेस्ट्रॉल को कम करना

एक गर्भवती महिला के रूप में उसे और बच्चे  की सेहत को बनाए रखने के लिए उसकी भूख बढ़ जाती है,जिससे  उसके रक्त में कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ सकता है। इससे प्रीक्लंपैसिया हो सकता है,यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें गर्भवती महिला असामान्य रूप से उच्च रक्तचाप का विकास करती है। प्रीक्लंपसिया माता और बच्चे के जीवन को खतरा पैदा कर सकता है।

यूएमएमसी द्वारा प्रकाशित लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्रीन टी में कुल कोलेस्ट्रॉल कम होता है और एचडीएल (उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन) को बढ़ाता है, जिसे "प्रामाणिक" कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है, । ग्रीन टी में पाए जाने वाले पॉलीफेनल्स एलडीएल (कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन) या "खराब" कोलेस्ट्रॉल को आंतों मे अवशोषण होने से रोकता है और पेट साफ करने मे मदद करता हैं।
 

ब्लड शुगर कम करना

गर्भवती महिलाएं मधुमेह कि ज्यादा शिकार होती है, खासकर गर्भकालीन मधुमेह। गर्भ में माता और बच्चे को बनाए रखने में मदद करने के लिए प्लेसेन्टा हार्मोन पैदा करता है। हार्मोन इंसुलिन के प्रति प्रतिरोधी कोशिकाओं का उत्पादन करता है। एक गर्भवती महिला का शरीर अधिक हार्मोन पैदा करती है, और इसमें ग्लूकोज (ब्लड शुगर) को अवशोषित करना इंसुलिन के लिए मुश्किल हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप ऊंचा रक्त शर्करा(ब्लड शुगर)  होता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर (यूएमसीसी) द्वारा 2008 में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, ग्रीन टी शरीर रक्त शर्करा(ब्लड शुगर)  को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। पशु अध्ययन से पता चलता है कि ग्रीन टी टाइप 1 डायबिटीज के विकास को रोकने में मदद कर सकती है और विकसित होने पर उसकी प्रगति धीमा कर सकती है
 

मसूड़ॉ  के संक्रमण रोकें

गर्भवती महिलाये छोटी मोटी संक्रमण की बीमारी से पीड़ित हो सकती है,जिनमे से एक है मसूड़ॉ संक्रमण।  जो मसुड़ॉ मे सूजन और गांठ का करण हॉ सकता है ।यह गम लाइन के पास दिखाई देता है। यह गांठ बोलना और खाना मुश्किल बना सकता है।

मार्च 13, 2009 को साइंस डेली द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, ग्रीन टी आपने गुणों के कारण मसुड़ॉ  के रोग को रोक सकता है। ग्रीन टी मे मुह मे पैदा होने बेकटेरीया और अम्ल को कम करने  वाले तत्व पाये जाते है। ग्रीन टी के सेवन से दांतो का गिरना और मसुड़ॉ मे से खून आने जैसी समस्या को कम किया जा सकता है।

 

 

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