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दूसरे शिशु के लिये गर्भवती होने पर पहले बच्चे में कैसे जगायें भरोसा और प्यार

Parentune Support
0 से 1 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 22, 2019

दूसरे शिशु के लिये गर्भवती होने पर पहले बच्चे में कैसे जगायें भरोसा और प्यार

‘मुझे कोई छोटी बहन या भाई नहीं चाहिये’। मेरे 5 साल के बच्चे के मुंह से निकली इस बात से मुझे एक तेज झटका लगा। जांच के बाद मुझे जब अपने गर्भवती होने का पता चला तो यह मेरे जीवन का सबसे खुशनुमा दिन था पर मुझे अपने पहले बच्चे से ऐसा जवाब मिलने का अंदाजा नही था। मुझे इस बात की कम से कम उम्मीद थी, बल्कि मैं सोच रही थी कि वह अपना भाई या बहन के आने वाली खबर की खुशी और उमंग में मेरा साथ देगी। मैंने खुद महसूस किया कि ‘इस तरह जवाब मिलना भाई-बहन के बीच होने वाले मनमुटाव का शायद पहला संकेत है, जो कि मेरे दूसरे शिशु के पैदा होने से काफी पहले दिख रहा था’। मेरे माँ होते हुये, यह बात पिछली स्थितियों की तुलना में मुझे ज्यादा चुनौतीपूर्ण लग रही थी और मैं इस बात से निराश हो गयी कि इससे कैसे निपटा जा सकता है।

 

कोई भी माता-पिता जिनका पहला बच्चा बहुत छोटा हो तो ज्यादातर तालमेल उसकी देखभाल को लेकर ही करने होते हैं जैसे उसे नहलाने-धुलाने, दूध पिलाने और सुलाने के अलावा पेट में पलने वाले दूसरे शिशु की परवरिश करना। यदि पहले बच्चे के लिये गर्भवती होने के समय से तुलना की जाये तो दूसरे शिशु के लिये गर्भवती होना आपके लिये अलग से एक जिम्मेदारी होती है।

 

इसी तरह पहले बच्चे के लिये यह भावनात्मक सुरक्षा का मामला होता है क्योंकि वह परिवार में जुडने वाले नये सदस्य के असर को समझने की कोशिश कर रहा होता है। इस समय माँ-बाप के लिये जरूरी होता है कि वह बड़े बच्चे को बार-बार समझायें कि उसके नये भाई या बहन के आने से आपके प्यार में उसके लिये कोई फर्क नहीं पड़ेगा।   

 

माँ-बाप होने के नाते, हमें यह समझने की जरूरत है कि स्थिति को संभालने के लिये बच्चे को बार-बार भरोसा दिलाया जाये। कैसा लगेगा जब परिवार के लिये एक जश्न का मौका बच्चे के लिये डर और आशंका की वजह बने -वह डर जिससे वह परिवार में अपनी खास जगह उसके छोटे भाई या बहन के आने से खो देगा। इस मानसिक उथल-पुथल का सामना करने लायक बनने के लिये उसे बहुत से प्यार और भरोसे की जरूरत होगी जो उसके माता-पिता ही दे सकते हैं।   

 

ऐसा न हाने पर बड़ा बच्चा भड़क सकता है, उसमें ईष्या, नापसंदगी यहां तक की चिड़चिड़ापन भी आ सकता है जिससे बुरा बर्ताव, झुंझलाहट, खाना ठीक से न खाना और नींद की कमी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। माँ-बाप की देखभाल और प्यार का किसी और के साथ बंटवारा करने वाली सोच उसके बर्ताव में बदलाव ला सकती है। बच्चे का यह बर्ताव कुछ माता-पिता के लिये बिल्कुल अनजाना होता है, ऐसा जो बच्चे में पहले कभी देखने में न आया हो।

कई बार ऐसा भी होता है कि बड़े भाई या बहन के हाव-भाव से नये शिशु के आने की नाखुशी न दिखे तो यह माता-पिता के लिये कुछ तसल्ली की बात हो सकती है। दूसरी गर्भावस्था के समय मैनें खुद भी कुछ मुश्किल समय का समाना किया है और यह कुछ बातें हैं जिन्होने इस स्थिति से निपटने में मेरी मदद की है।

 

1. बड़े भाई या बहन को काम में लगाये रखें और व्यस्त रखें। उसे अपने साथ परिवार में आने वाले नये सदस्य की तैयारी होने वाले कामों में शामिल करें जैसे नये शिशु के लिये खरीदारी करना और उसके कमरे को सजाना।

2. परिवार में उसके बड़ा भाई या बहन होने के किरदार को मजबूती दें और उसका खास किरदार होने की वजहों और इसके रूतबे के बारे में बतायें। आप उसे कुछ जिम्मेदारियां भी दे सकती हैं जैसे नये शिशु के लिये डायपर लाना, उसके कपड़े समेटना या शिशु पर नजर रखने के लिये जब आप किसी और चीज की देख-रेख में व्यस्त हैं। किसी खिलौना गुड़िया या फ़र के खिलौने को नया शिशु मानकर आप इसका अभ्यास कर सकती हैं।

3. बड़े बच्चे को नियम से पब्लिक पार्क मे लेकर जायें जहाँ वह उन बच्चों से मिल सके जिनके छोटे भाई-बहन हैं।

4. अगर बड़ा बच्चा अपने-आप शौच न कर पाता हो तो उसे इसका अभ्यास करायें। दूसरे शिशु के जन्म के बाद, बड़े बच्चे की देखभाल के लिये आपको भी किसी की मदद की जरूरत पड़ेगी। इसके लिये आप दादा-दादी, नाना-नानी की या किसी करीबी रिश्तेदार की मदद ले सकती हैं।

5. नये शिशु के आने के बाद, आपको बड़े भाई या बहन के साथ खासतौर पर कुछ अच्छा समय बिताना चाहिये। बच्चे छोटी-छोटी बातों को पकड़ सकते हैं और आपके बर्ताव या देखभाल में कोई भी बदलाव उसकी नजर से नहीं बच सकता।

 

इन चीजों से बचें-

 

1. बच्चे पर अपनी ज्यादा खुशी न जाहिर करें। यह उसे असहज् और आशंकित कर सकता है। बच्चे को उसके नये भाई या बहन के आने की अच्छाइयां बतायें, हो सकता है कि उसे तालमेल करने में समय लगे पर शांत और संयमित रहें।

2. इस बात को पक्का करें कि उसे अपनी अनदेखी का अहसास न हो क्योंकि उसके लिये यह गलत संकेत होता है। गर्भावस्था के दौरान, बड़े भाई या बहन के साथ खेलने, फिल्म देखने या पढ़ने के लिये आप कुछ समय जरूर निकालें। अगर आप उसके साथ बाहर न जा पा रही हों तो घर के बगीचे में ही उसके साथ पिकनिक करें।   

3. अपनी गर्भावस्था या नये शिशु को ही हमेशा जीवन में खास न बनायें। किसी दोस्त या परिवार में किसी से मिलने पर हर बार आपसे इस बारे में चर्चा की जाती है लेकिन यह आपके बड़े बच्चे में उसकी अनदेखी और परायेपन का अहसास ला सकता है।

4. हो सकता है कि आप थकी हुई और बेचैन महसूस कर रही हों पर बड़े बच्चे को लेकर अपने-आप पर काबू रखें। चूंकि गर्भावस्था में माँ शारीरिक असहजता में होती है, तो पिता का किरदार ऐसे में बहुत जिम्मेदारी वाला होना चहिये।

5. जन्म देने के बाद अपनी खुद की देखभाल की अनदेखी करने से बचें।


इस स्थिति से निपटने के लिये अपने-आप पर भरोसा रखें क्योंकि यह आपका दूसरा तर्जुबा है। बहुत सारा प्यार, देखभाल और सब्र धीरे-धीरे सभी चीजों को सुधारने में मदद करेगा।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • 14
कमैंट्स()
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| Sep 17, 2019

h. km.. ₩00£/$ m. ÷×@-,,,0

  • रिपोर्ट

| Sep 14, 2019

m.. n

  • रिपोर्ट

| Sep 13, 2019

Meri beti 7 sal ki hai or beta 1. 5 mnth ka meri beti exited thi phele fir baby aane k bad sb baby ko dekhne aate the bt hm baby ko jyada nhi dekhte the or usi ko bolte the ti baby ka dhyan rkho or school ki chutti vale din bhi usi ko aage krte hai baby ko bar bar bolti hu ki dekh didi ko bula didi tera sb kam krti hai or beti ko hm ye ahesas dilate hai ki jaise aap behave kroge ya jaise aap silhaoge vaise hi krega so meri beti k undr ye jimmedari aa gai hai badi didi hone ki or me to sb se request krugi dusra baby krne se phele first baby ko prepare kro dependent banao muje koi dikkat nhi aa rhi 7 years k gape k bad kuch nhi hota duniya bole to bolne do itna gape kyu kere aage piche koi nhi hai suppoter 2 nd bhi seasor hua is bar to surgery risky thi 22 inner or uppr 18 steaches hai bt beti smjdar ho gai isliye mere hubby ko jyada problm nhi hui sambhalne me muje rest bhi nhi mila because koi nhi hai 5th day se sb kam me khud kr rhi hu

  • रिपोर्ट

| Sep 09, 2019

Knmkmmjjgffdfrypopopppppooiu rwaa

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| Sep 03, 2019

mera 6 months chal rha h praivet part me bhu dard rhata h

  • रिपोर्ट

| Jul 26, 2019

14 month baby ka food chart Kay hona chaiye,plz suggest me

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| Jul 24, 2019

🤔☺

  • रिपोर्ट

| Jun 28, 2019

patient is much important

  • रिपोर्ट

| Jun 14, 2019

Nice information in this

  • रिपोर्ट

| Jan 21, 2019

Mere sath sayad yhi prob h, badi bety ne school jana bnd kar dia, suddnly hi school k name se b darne lagi, har tarik se pu6a school b gai thi but koi reason najar ni aya

  • रिपोर्ट

| Jan 20, 2019

Bahut khub likha h yahi sahi tarika h apne baache ko samajhne Ka or samjhane ka 🙏🙏🙏

  • रिपोर्ट

| Jul 21, 2017

अच्छा लिखा है

  • रिपोर्ट

| Jul 21, 2017

यह बहुत Delicate Matter है माँ बाप को बड़ी समझदारी से इसे tackle करना चाहिए |

  • रिपोर्ट

| Jul 21, 2017

बहुत खूब!

  • रिपोर्ट
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