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बच्चों में कैसे जगायें गणित का उत्साह

Nandini Muralidharan
3 to 7 years

Created by Nandini Muralidharan
Updated on Jan 27, 2017

बच्चों में कैसे जगायें गणित का उत्साह

रोज शाम का अभ्यास, किताबें और ट्यूषन। गणित को पंसदीदा बनाने के लिये आपने शिशु के लिये सब-कुछ किया पर कुछ काम नहीं आया.... ठीक है न? माफ करें बहनों! पर आपने पूरी मेहनत नहीं की। मानें या न मानें, यह एक दिमागी रूकावट होती है जिससे आप धैर्य और चतुराई से छुटकारा पा सकती हैं। इसके लिये कुछ तरीके हैं जिनसे अपनी चिंता को कम कर सकते हैं और नंबर के खेल को समझ कर फायदा उठा सकते हैं।

1. अपने घर को खेल का मैदान बनायें

अपने शिशु को गणित के आसान काम बतायें। वह उस पैसे का जोड़ना-घटाना कर सकता है जो आपको सब्जीवाले को देना है या पिज्जा खाते समय भाग करना सीख सकता है। तादाद और लम्बाई-चैड़ाई के बारे में सीखने के लिये खिलौने बड़ा अच्छा साधन होते हैं। शिशुओं की समझ-बूझ बहुत अच्छी होती है और जैसे ही उन्हे सीखने वाली बात की अहमियत पता चलती है, वे बिजली की रफ्तार से इसे पकड़ लेते हैं।

2. गणित के खेल खेलें

एसे बहुत से खेल हैं जिनमें गणित शामिल होता है और जिन्हें आप, अपने शिशु के साथ खेल सकते हैं। शिशु को शतरंज और चेकर्स जैसे खेलों की पहचान करायें। इस डिजिटल युग में बहुत सी कम्प्यूटर एप्लीकेषन और आनलाइन खेल हैं जों शिशु को मजेदार और नये तरीके से गणित की ढांचा समझने में मदद करती हैं। यहाँ तक कि यदि आपको लगता है कि यह खेल आपके शिशु को सिखाने के संजीदा रूख से मेल नहीं खाते, तो भी इसे छोड़ें नहीं- गणित में आये उसके गोल-गोल अंको का नतीजा देखकर आप अपना मन बदलने के लिये मजबूर हो सकती हैं

3. अपने राज़ न खोलें

विद्यालय जाने के दिनों में अगर कोई विषय आपको नापंसद था या आपने इम्तिहान में अच्छा नहीं किया था तो इस बारे में अपने शिशु से बात न करें। ऐसी कोई बात भी न बोलें जों उसके अपने भरोसे को कमजोर करे जैसे ‘तुम्हे गणित में ‘सी’ग्रेड मिला है, ये देखकर मुझे बिल्कुल हैरानी नहीं है, इसे करने में तो तुम बिल्कुल मुझ पर गये हो।’ गणित को पसंद करने की असली कोषिष से काफी पहले ही शिशु ये ख्याल छोड़ देगा- ‘जब माँ नहीं कर पाती तो मैं कैसे करूंगा।’

4. शिशु का इषारों को समझें

कुछ शिशु खेलना पसंद करते हैं, कुछ पढ़ना। थोड़ा गहराई से पता लगायें कि आपके शिशु को असल में किस चीज में आनंद मिलता है। आप इसे अपने फायदे के लिये इस्तेमाल कर सकते हैं और, एक बिल्कुल अलग तरीके से अपने शिशु को गणित की जानकारी दे सकते हैं। उदाहरण के लिये, किसी जरूरी खेल के स्कोर के साथ या कुछ ऐसी दिलचस्प किताबों को खरीद कर कहानियों के द्वारा जिसमें गणित की बातों के बारे बताया गया हो, जैसी चीजें आपके शिशु की गणित में दिलचस्पी बढ़ाने के लिये बड़ी दूर तक ले जा सकती हैं।

5. हमेषा तैयार रहें

आपके पीछे हटने और शिशु पर नजर रखने के मामले सुस्त होने पर कोई भी खेल या किताबें आपकी मदद नहीं कर सकती। उसका साथ देना ही काम करने वाली चाभी है। उसके जोष का हिस्सा बनें और जब वह आपको कुछ समझाये, तो शिशु कैसे सीख रहा है, इस बात पर उसका हौसला बढ़ायें।

सवाल करें और और समस्याओं पर मिल कर काम करें। आपको पता है? यह आपसी बंधन मजबूत करने का भी एक शानदार तरीका है।

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