Food and Nutrition

रागी: आपके नन्हें-मुन्नों के लिए एक अनोखा अनाज

Priya Mankotia
3 to 7 years

Created by

रागी आपके नन्हें मुन्नों के लिए एक अनोखा अनाज

रागी, जिसे ‘फिंगर मिलेट’ भी कहा जाता है, इसके कई लाभ और पौष्टिक गुणों के कारण एक अनोखा अनाज है। यह ज़्यादातर दक्षिण भारत में पाया जाता है, कई लोग गलती से इसे राई (काली सरसों) समझ लेते हैं क्योंकि यह काफी मिलता-जुलता है।
 

 रागी में महत्वपूर्ण अमीनो एसिड जैसे आइसोल्यूसिन, ल्यूसिन, मेथिओनीन एवं फ़िनाइल एलिनीन होते हैं जो स्टार्च वाले अन्य खाद्य पदार्थों में नहीं होते हैं। इसमें कैल्सियम (344 मि॰ग्रा॰%) और पोटैशियम (408मि॰ग्रा॰%) की उच्चतम मात्रा होती है। रागी आयरन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो इसे निम्न हीमोग्लोबिन स्तर वाले व्यक्तियों के लिए लाभकारी बनाता है।
 

बच्चों, नन्हें-मुन्नों के लिए रागी के लाभ

  • उच्च पोषक तत्व: रागो पाउडर पोषक तत्वों से भरपूर है।
  • आसानी से पच जाता है।
  • भूख पर लगाम लगाता है।
  • बच्चों को संपूर्णता का अहसास कराता है।
  • आयरन एवं कैल्सियम की कमियों को दूर करता है।
  • प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
     

रागी में आपके तंत्र (शरीर) को गरम रखने की क्षमता है इसलिए इसे आपके बच्चे को जाड़ों में भी दिया जा सकता है, लेकिन इसे सही तरीके से और सही मात्रा में दिया जाना चाहिए।

वास्तव में, मैं अपनी बेटी को उसके पहले आहार (दूध छूटने के बाद) से ही रागी दे रहा हूँ। मेरा विश्वास करें कि मुझे किसी भी मौसम में इसे उसको देने में कोई समस्या नहीं हुई और इसकी उच्च पौष्टिकता के कारण मुझे अपनी बेटी के पोषण के संबंध में कोई चिंता नहीं है।
 

रागी हलवा:

  • रागी का आटा और घी लें।
  • घी और आटे को मिलाएँ और तब तक पकाएं जब तक कि यह हल्का भूरा न हो जाए।
  • गुड़ और उबला हुआ पानी मिलाएँ।
  • और तब तक हिलाएं जब तक कि पानी गायब न हो जाए।
  • बच्चों के लिए आप ड्राई फ्रूट पाउडर डाल सकते हैं।
     

रागी बनाना पैनकेक:

  • रागी का आटा- ½ कप
  • आर्गेनिक गुड़ पाउडर- 1 से 2 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
  • कोकोनट की छीलन- 2 छोटा चम्मच
  • केला- 1 माध्यम आकार का (मसला हुआ)
  • इलायची- 1
  • काजू- 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
  • पानी- आवश्यकतानुसार
  • नमक- एक चुटकी
  • तेल/घी- पैनकेक बनाने के लिए
  • रागी आटा, कोकोनट और गुड़ को नाप लें। इसे तैयार रखें। फोर्क की सहायता से केले को मसलें और एक ओर रख दें।
  • एक सॉस पैन में गुड़ लें और पानी डालें जब तक कि यह डूब न जाए। गुड़ को गरम करें जब तक कि यह पूरी तरह से पिघल न जाए। अशुद्धियों को हटाने के लिए छन्नी का प्रयोग करते हुए गुड़ के पानी को छान लें। इसे एक तरफ रख दें।
  • एक बर्तन में, रागी का आटा, गुड़ का पानी एवं छिला हुआ कोकोनट, पिसी हुई इलायची और मसला हुआ केला डालें। धीरे-धीरे पानी डालें और अच्छी तरह से मिलाएँ जिससे कोई पिंड न बने। फेंटाई सामान्य डोसे फेंटाई के समान होनी चाहिए जो न तो ज्यादा गाढ़ा हो और न ही ज्यादा पतला। अंत में काजू को फेंटन में डालें और अच्छी तरह से मिलाएँ। इसे एक ओर रख दें।
  • डोसा तवा को गरम करें, एक चम्मच फेंटन को इसमें डालें और एक गोला बनाने के लिए इसे फैलाएँ। बहुत अधिक न फैलाएँ। घी अथवा तेल छिड़कें। पाँच मिनट तक पकाएं जब तक कि एक ओर भूरा न हो जाए और डोसा को पलट दें। एक मिनट तक पकाएं और तवे से हटा दें। शेष फेंटन के लिए इसी प्रक्रिया को दुहराएँ।
     

रागी डोसा

सामग्री

  • रागी आटा/ फिंगर मिलेट आटा- ½ कप
  • गेहूँ का आटा- ¼ कप
  • प्याज- 1
  • हरी मिर्च- 1
  • करी पत्ता- 1 टहनी
  • जीरा- 1 छोटा चम्मच
  • नमक- आवश्यकतानुसार
  • छाछ (वैकल्पिक) अथवा पानी- आवश्यकतानुसार

 

विधि

  • एक कटोरे में रागी, गेहूं का आटा, बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, टूटे हुए करी पत्ते, जीरा व नमक लें और फेंटन पतली बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में छाछ अथवा पानी डालें।
  • डोसा पैन को गरम करें, तेल छिड़कें जैसा हम रवा डोसा के लिए करते हैं, कुछ और तेल छिड़कें और मध्यम आँच में दोनों ओर पकाएं।
     

रागी फेंटन के लिए:

  • 2 कप रागी/फिंगर मिलेट
  • 2 कप ब्राउन राइस
  • 1 कप उरद दाल
  • ½ छोटा चम्मच मेथी
  • विधि
  • अच्छी तरह से धोएँ और 5-6 घंटे तक पर्याप्त पानी में फिंगर मिलेट को भिगोएँ।
  • 3-4 घंटे तक अलग से चावल और उरद दाल को मेथी के साथ भिगोएँ।
  • उरद दाल से पानी को निकाल दें और अच्छे पेस्ट के रूप में इसे पीस लें।
  • उरद दाल के पेस्ट को एक बर्तन में रख दें और अब भीगे हुए फिंगर मिलेट और ब्राउन राइस को पीस लें।
  • थोड़े खुरदरे पेस्ट के रूप में उन्हे पीस लें।
  • अब उरद दाल के पेस्ट और चावल-फिंगर मिलेट पेस्ट दोनों को मिला दें, नमक डालें और रात भर के लिए एक ओर रख दें।
  • किण्वन के बाद, हिलाएँ और डोसा एवं इडली की तरह पकाएं।
  • तीन दिन बाद, पेस्ट को उत्थपम की तरह तैयार किया जा सकता है।
  • उत्थपम के लिए:
  • रागी पेस्ट (आवश्यकतानुसार)
  • ½ कप कद्दूकस की हुई गाजर
  • ½ कप शिमला मिर्च (लाल एवं हरी अच्छी तरह से कटी हुई)
  • नमक
  • छिड़कने के लिए तेल
     

विधि

  • एक कटोरे में कद्दूकस की हुई गाजर, कटी हुई शिमला मिर्च लें, नमक डालें, अच्छी तरह से मिलाएँ, ज्यादा नमक न डालें क्योंकि पेस्ट में पहले से ही नमक होगा।
  • अपने डोसा तवा को गरम करें, तेल की कुछ बूंदों के साथ इसे धीरे-धीरे रगड़ें।
  • एक बार जब तवा गरम हो जाए, करछुल से रागी का पेस्ट डालें और मोटे डोसे की तरह फैलाएँ, इसे पतला न फैलाएँ।
  • किनारों पर तेल छिड़कें।
  • डोसा के ऊपर गाजर, शिमला मिर्च मिश्रण को समान रूप से छिड़कें, स्पैचुला से दबाएँ।
  • एक बार जब डोसा अच्छी तरह से पक जाए, डोसे को पलट दें और पकाने के लिए इसे दूसरी ओर पलटें।
  • कुछ तेल छिड़कें और और इसे अच्छी तरह से पकने दें।
  • जब दूसरी साइड अच्छी तरह से पक जाए, उत्थपम को तवा से हटा दें।
  • तत्काल चटनी, सांभर अथवा कुझंबू के साथ परोसें।

रागी आटा फ्लैट ब्रेड, चपाती, डोसा व इडली बनाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इसके उच्च पोषक तत्वों के कारण, दक्षिण भारत में विशेष रूप से रागी आटे की वीनिंग फूड के रूप में सलाह दी जाती है।

मैं उसी तरह से अपने घर में रागी का आटा रखता हूँ जैसे हम गेहूँ का आटा रखते हैं और कभी-कभी अपनी बेटी के लिए कोई भी चीज जैसे पूड़ी अथवा चपाती तैयार करने के दौरान एक चम्मच मिला लेता हूँ।

क्या आप यहाँ रागी की रेसिपी को साझा करना चाहेंगे? कृपया अपने विचार एवं फीडबैक यहाँ साझा करें क्योंकि हमें आपके विचारों को जानकार बहुत अच्छा लगेगा।

रागी, जिसे ‘फिंगर मिलेट’ भी कहा जाता है, इसके कई लाभ और पौष्टिक गुणों के कारण एक अनोखा अनाज है। यह ज़्यादातर दक्षिण भारत में पाया जाता है, कई लोग गलती से इसे राई (काली सरसों) समझ लेते हैं क्योंकि यह काफी मिलता-जुलता है।

            रागी में महत्वपूर्ण अमीनो एसिड जैसे आइसोल्यूसिन, ल्यूसिन, मेथिओनीन एवं फ़िनाइल एलिनीन होते हैं जो स्टार्च वाले अन्य खाद्य पदार्थों में नहीं होते हैं। इसमें कैल्सियम (344 मि॰ग्रा॰%) और पोटैशियम (408मि॰ग्रा॰%) की उच्चतम मात्रा होती है। रागी आयरन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो इसे निम्न हीमोग्लोबिन स्तर वाले व्यक्तियों के लिए लाभकारी बनाता है।
 

बच्चों, नन्हें-मुन्नों के लिए रागी के लाभ

  • उच्च पोषक तत्व: रागो पाउडर पोषक तत्वों से भरपूर है।
  • आसानी से पच जाता है।
  • भूख पर लगाम लगाता है।
  • बच्चों को संपूर्णता का अहसास कराता है।
  • आयरन एवं कैल्सियम की कमियों को दूर करता है।
  • प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
     

रागी में आपके तंत्र (शरीर) को गरम रखने की क्षमता है इसलिए इसे आपके बच्चे को जाड़ों में भी दिया जा सकता है, लेकिन इसे सही तरीके से और सही मात्रा में दिया जाना चाहिए।

वास्तव में, मैं अपनी बेटी को उसके पहले आहार (दूध छूटने के बाद) से ही रागी दे रहा हूँ। मेरा विश्वास करें कि मुझे किसी भी मौसम में इसे उसको देने में कोई समस्या नहीं हुई और इसकी उच्च पौष्टिकता के कारण मुझे अपनी बेटी के पोषण के संबंध में कोई चिंता नहीं है।
 

रागी हलवा:

  • रागी का आटा और घी लें।
  • घी और आटे को मिलाएँ और तब तक पकाएं जब तक कि यह हल्का भूरा न हो जाए।
  • गुड़ और उबला हुआ पानी मिलाएँ।
  • और तब तक हिलाएं जब तक कि पानी गायब न हो जाए।
  • बच्चों के लिए आप ड्राई फ्रूट पाउडर डाल सकते हैं।
     

रागी बनाना पैनकेक:

  • रागी का आटा- ½ कप
  • आर्गेनिक गुड़ पाउडर- 1 से 2 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
  • कोकोनट की छीलन- 2 छोटा चम्मच
  • केला- 1 माध्यम आकार का (मसला हुआ)
  • इलायची- 1
  • काजू- 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
  • पानी- आवश्यकतानुसार
  • नमक- एक चुटकी
  • तेल/घी- पैनकेक बनाने के लिए
  • रागी आटा, कोकोनट और गुड़ को नाप लें। इसे तैयार रखें। फोर्क की सहायता से केले को मसलें और एक ओर रख दें।
  • एक सॉस पैन में गुड़ लें और पानी डालें जब तक कि यह डूब न जाए। गुड़ को गरम करें जब तक कि यह पूरी तरह से पिघल न जाए। अशुद्धियों को हटाने के लिए छन्नी का प्रयोग करते हुए गुड़ के पानी को छान लें। इसे एक तरफ रख दें।
  • एक बर्तन में, रागी का आटा, गुड़ का पानी एवं छिला हुआ कोकोनट, पिसी हुई इलायची और मसला हुआ केला डालें। धीरे-धीरे पानी डालें और अच्छी तरह से मिलाएँ जिससे कोई पिंड न बने। फेंटाई सामान्य डोसे फेंटाई के समान होनी चाहिए जो न तो ज्यादा गाढ़ा हो और न ही ज्यादा पतला। अंत में काजू को फेंटन में डालें और अच्छी तरह से मिलाएँ। इसे एक ओर रख दें।
  • डोसा तवा को गरम करें, एक चम्मच फेंटन को इसमें डालें और एक गोला बनाने के लिए इसे फैलाएँ। बहुत अधिक न फैलाएँ। घी अथवा तेल छिड़कें। पाँच मिनट तक पकाएं जब तक कि एक ओर भूरा न हो जाए और डोसा को पलट दें। एक मिनट तक पकाएं और तवे से हटा दें। शेष फेंटन के लिए इसी प्रक्रिया को दुहराएँ।
     

रागी डोसा

सामग्री

  • रागी आटा/ फिंगर मिलेट आटा- ½ कप
  • गेहूँ का आटा- ¼ कप
  • प्याज- 1
  • हरी मिर्च- 1
  • करी पत्ता- 1 टहनी
  • जीरा- 1 छोटा चम्मच
  • नमक- आवश्यकतानुसार
  • छाछ (वैकल्पिक) अथवा पानी- आवश्यकतानुसार

 

विधि

  • एक कटोरे में रागी, गेहूं का आटा, बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, टूटे हुए करी पत्ते, जीरा व नमक लें और फेंटन पतली बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में छाछ अथवा पानी डालें।
  • डोसा पैन को गरम करें, तेल छिड़कें जैसा हम रवा डोसा के लिए करते हैं, कुछ और तेल छिड़कें और मध्यम आँच में दोनों ओर पकाएं।
     

रागी फेंटन के लिए:

  • 2 कप रागी/फिंगर मिलेट
  • 2 कप ब्राउन राइस
  • 1 कप उरद दाल
  • ½ छोटा चम्मच मेथी
  • विधि
  • अच्छी तरह से धोएँ और 5-6 घंटे तक पर्याप्त पानी में फिंगर मिलेट को भिगोएँ।
  • 3-4 घंटे तक अलग से चावल और उरद दाल को मेथी के साथ भिगोएँ।
  • उरद दाल से पानी को निकाल दें और अच्छे पेस्ट के रूप में इसे पीस लें।
  • उरद दाल के पेस्ट को एक बर्तन में रख दें और अब भीगे हुए फिंगर मिलेट और ब्राउन राइस को पीस लें।
  • थोड़े खुरदरे पेस्ट के रूप में उन्हे पीस लें।
  • अब उरद दाल के पेस्ट और चावल-फिंगर मिलेट पेस्ट दोनों को मिला दें, नमक डालें और रात भर के लिए एक ओर रख दें।
  • किण्वन के बाद, हिलाएँ और डोसा एवं इडली की तरह पकाएं।
  • तीन दिन बाद, पेस्ट को उत्थपम की तरह तैयार किया जा सकता है।
  • उत्थपम के लिए:
  • रागी पेस्ट (आवश्यकतानुसार)
  • ½ कप कद्दूकस की हुई गाजर
  • ½ कप शिमला मिर्च (लाल एवं हरी अच्छी तरह से कटी हुई)
  • नमक
  • छिड़कने के लिए तेल
     

विधि

  • एक कटोरे में कद्दूकस की हुई गाजर, कटी हुई शिमला मिर्च लें, नमक डालें, अच्छी तरह से मिलाएँ, ज्यादा नमक न डालें क्योंकि पेस्ट में पहले से ही नमक होगा।
  • अपने डोसा तवा को गरम करें, तेल की कुछ बूंदों के साथ इसे धीरे-धीरे रगड़ें।
  • एक बार जब तवा गरम हो जाए, करछुल से रागी का पेस्ट डालें और मोटे डोसे की तरह फैलाएँ, इसे पतला न फैलाएँ।
  • किनारों पर तेल छिड़कें।
  • डोसा के ऊपर गाजर, शिमला मिर्च मिश्रण को समान रूप से छिड़कें, स्पैचुला से दबाएँ।
  • एक बार जब डोसा अच्छी तरह से पक जाए, डोसे को पलट दें और पकाने के लिए इसे दूसरी ओर पलटें।
  • कुछ तेल छिड़कें और और इसे अच्छी तरह से पकने दें।
  • जब दूसरी साइड अच्छी तरह से पक जाए, उत्थपम को तवा से हटा दें।
  • तत्काल चटनी, सांभर अथवा कुझंबू के साथ परोसें।
     

रागी आटा फ्लैट ब्रेड, चपाती, डोसा व इडली बनाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इसके उच्च पोषक तत्वों के कारण, दक्षिण भारत में विशेष रूप से रागी आटे की वीनिंग फूड के रूप में सलाह दी जाती है।

मैं उसी तरह से अपने घर में रागी का आटा रखता हूँ जैसे हम गेहूँ का आटा रखते हैं और कभी-कभी अपनी बेटी के लिए कोई भी चीज जैसे पूड़ी अथवा चपाती तैयार करने के दौरान एक चम्मच मिला लेता हूँ।

क्या आप यहाँ रागी की रेसिपी को साझा करना चाहेंगे? कृपया अपने विचार एवं फीडबैक यहाँ साझा करें क्योंकि हमें आपके विचारों को जानकार बहुत अच्छा लगेगा।

  • 3
Comments()
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| Oct 04, 2017

@PoojaPallod Please note to give in moderate quantities around 50 gms

  • Report

| Sep 07, 2017

वाकयी उत्तम पौषक तत्वों से भरपूर.. ।

  • Report

| Sep 05, 2017

Hw cn one decide tht hw much quantity of ragi we cn give to our child or to anyone in house in a day?

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