बाल मनोविज्ञान और व्यवहार

रोजमर्रा जीवन में अपने किशोर साथ तालमेल बनाने के तरीके

Shweta Chopra
11 से 16 वर्ष

Shweta Chopra के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 01, 2018

रोजमर्रा जीवन में अपने किशोर साथ तालमेल बनाने के तरीके

हमें अक्सर कुछ न कुछ ऐसा सुनने को मिलता है जो हजम नहीं होता जैसे किसी बच्चे के साथ गलत हरकतों का होना, उनमें शराब या नशीली दवाओं की लत होना और आत्महत्या जैसे मामले वगैरह, ऐसे में खामोशी से हम यही प्रार्थना करते हैं कि यह सब हमारे बच्चों साथ न होे। अक्सर हम अपने बच्चों को वो हरकतें करते हुये भी देखते हैं जो उन तौर-तरीकों से मेल नहीं खाती जो हम उनमें देखने की उम्मीद करते हैं और ऐसे में हमारे बर्ताव में उन चीजों की कमी हो जाती है जो उस समय वो हमसे चाहते हैं जैसे प्यार और हमदर्दी।

उनकी पढ़ाई के बोझ से लेकर उनकी सेहत और तंदुरूस्ती, उनकी दूसरी रूचियां, उनकी यारी-दोस्ती के हालात और वे कैसा इंसान बनने जा रहे हैं, तक हम माता-पिता इन सभी चीजों में संतुलन बनाने के लिये उनकी मदद की कोशिश करते हैं- पर क्या वे हमारे किरदार को इस नजरिये से देखते हैं?

कुछ मामलों में नहीं! एक परेशान और जिद्दी किशोर जो हमारे नजरिये को अनदेखा करे पर जिसका अपना कोई नजरिया ही न हो, यह देख कर सबसे ज्यादा निराशा होती है। माता-पिता होने का बोझ उस समय बढ़ता हुआ लगता है जब उसे हर चीज की कीमत तो पता होती है पर अहमियत किसी चीज की नहीं जानता। तो हम उन्हे कैसे इतना समझदार बनायें जिससे वो केवल हमारे लिये ही नहीं बल्कि खुद उनके लिये भी थोड़े लचीले हो सकें।

और ये रहे वो तरीके!!

अपने संघर्ष के बारे में बात करेंः उन्हें बताना चाहिये कि जीवन की राह हमेशा आसान नहीं होती, इसमें मुश्किल चढ़ाइयां भी चढ़नी होती हैं, और जो कुछ भी किशोर के पास है यह उन पर प्यार लुटाने का हमारा तरीका है, आपने खुद मेहनत करके उनके जीवन को आसान बनाने के लिये सभी सुविधायें जुटाई हैं। उनमें इस बात के लिये एहसानमंद होने का अहसास पैदा करने की कोशिश करें।

बतायें कि आप कैसा महसूस करती हैंः तनातनी से बचने के लिये माता-पिता अपने किशोर के बात करना कम कर देते हैं लेकिन इससे उनके बीच की दूरियां ही बढ़ती हैं। यह साधारण और प्यारभरा होना चाहिये। उन्हें जानने दें कि आप उनकी बात सुनती हैं और आप भी उनसे यही चाहती हैं। उन्हें इसकी मिसाल दे कर समझायें।

शिकायतों को तारीफ में बदलेंः आमतौर पर हमारे बच्चों को यही सुनने को मिलता है कि उनके साथ क्या गलत है लेकिन एक प्यारभरी और भरोसेमंद तारीफ उनके मनोबल को बढ़ाती है। यह उन्हें उनकी ताकत का यकीन दिलाती है और उनमें सब्र पैदा करती है। तारीफ लायक एक नजर ही बहुत कारगर होती है-आखिरकार तारीफ हर कोई चाहता है।

अपने छोटे-मोटे और उनसे न जुड़े मसले पर भी उनकी सलाह लेंः अपने किशोर को यह जानने में मदद करें कि आप उस पर विश्वास करती हैं और उसकी राय चाहती हैं। इससे उनके अंदर किसी समस्या को हल करने की ताकत बढ़ती है। उन्हें बतायें कि कैसे हर मामले पर पहले सोच-विचार करना जरूरी है बजाय कोई ऐसा कदम उठाने के, जिस पर आमतौर पर हमें बाद में पछताना पड़ता है।

अब सबसे आखिरी और जरूरी बात-

उनकी अंदरूनी ताकत से वाकिफ करायेंः हम सबमें यह शक्ति है कि हम मन को परेशान करने वाली चीजों को टाल कर इसकी जगह उन बातों को रखते हैं जो हमारा ध्यान खींचने के लिय ज्यादा ठीक हैं इसलिये उन शक्तियों से किशोर को वाकिफ कराकर उसे ताकतवर बनाने की जरूरत है जो उसके पास है ... एक मजबूत और नेक इरादे भर से एक-दूसरे के जख्म भरने की हमारी खूबी जीवन में बड़ी खुशियां ला सकती है।

किशोर को उसके अंर्तमन को जगाने और जज्बाती बनाने की ताकत देना ही वह सबसे बड़ा तोहफा है जो एक माता-पिता अपने किशोर को दे सकते हैं और यह जितनी जल्दी शुरू हो उतना बढ़िया। तो शुरू हो जाइये!

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