खाना और पोषण

शिशु को कब्ज से बचाने के 7 नुस्खे

Puja Sharma Vasisht
1 से 3 वर्ष

Puja Sharma Vasisht के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 08, 2018

शिशु को कब्ज से बचाने के 7 नुस्खे

शिशुओं को भी कब्ज हो सकता है!!!! यह चकित करने वाली बात है लेकिन सुबह आपकी छोटी शिशु का पेट ठीक से साफ नहीं होता या उसे पेट साफ करने के लिये जोर लगाना पड़ता है तो हो सकता है कि उसे कब्ज हो।

इससे बचने के लिये आप क्या करेंगी? अगर यह तकलीफ पुरानी है तो आपको जरूर शिशुओं के डाक्टर के पास जाना पड़ सकता है पर डाक्टर की बतायी गयी पेट साफ करने वाली या अन्य दवाईयों के अलावा शिशु की कब्ज की बीमारी मिटाने के लिये आपको चाहिये कि उसके खान-पान के तरीके में कुछ बदलाव करें।

शिशु को कब्ज से बचाने के लिये उसकी तरल और रेषेदार खुराक बढ़ा दें 

1) तरल खुराक में क्या दें

उसे ज्यादा पानी पिलायें। अगर शिशु को सादा पानी अच्छा नहीं लगता तो उसे सूप, नारियल पानी, नींबू पानी और फलों के रस जैसे तरल चीजें पिलायें।

2) रेषेदार खुराक में क्या दें

भूसी वाली दाल, सेम और अन्य फलियां शिशु के रोज के खाने में शामिल करें। ये चीजें रोज की तरी वाले खाने में, पानीदार खिचड़ी के साथ या सूप में मिला कर दी जा सकती हैं।

3) शिशु को सभी तरह के अनाज वाला खाना खिलायें जैसे जौ का दलिया, भूरा चावल, बाजरा, रागी और चावल का आटा आदि। ये चीजें जौ या किसी और अनाज का दलिया बनाकर, रागी और चावल के पापड़ के रूप में दी जा सकती हैं। यह पूरे अनाज का खाना कई तरह से दिया जा सकता है जैसे खिचड़ी, उत्पम, उपमा और इडली के साथ।

4) शिशु को ज्यादा से ज्याद फल और सब्जियों खिलायें। कड़े फलों जैसे सेब और नाषपाती का पीस कर खिलाया जा सकता है। अन्य फल जैसे केला, पपीता, चीकू, अमरूद और अंगूर को ऐसे ही या पीस कर दे सकते हैं। सूखे फल जैस अंजीर और आलूबुखारा भी कब्ज दूर करने में मदद करते हैं। इन्हे सूखा या रात भर पानी में भिगोने के बाद दे सकते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों, मटर, सेम और गाजर भी कब्ज में फायदा करते हैं।

5) साफ किये हुये अनाज या मैदा से बनी हुयी चीजें जैसे बे्रड, पावरोटी, पिज्जा का निचला हिस्सा और पास्ता आदि ज्यादा खिलाने से बचें। 

6) शिशु की हर खुराक में ज्यादा रेषेदार वाला एक खाना शामिल करने की कोषिष करें।

7) कभी-कभी दूध की वजह से शिशु को कब्ज या पतले दस्त होते हैं अतः एक गिलास दूध पीने के बाद क्या होता है उन लक्षणों पर ध्यान दें।

हालांकि शिशुओं में कब्ज की बीमारी आसानी से दूर की जा सकती है लेकिन यदि यह एक खास समय के बाद भी ठीक न हो तो डाक्टर की सलाह जरूर लें।

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