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गर्भावस्था

जानें शिशु अपनी माँ के गर्भ में क्या क्या करते हैं?

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jun 07, 2019

जानें शिशु अपनी माँ के गर्भ में क्या क्या करते हैं

गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए जिंदगी का सबसे खुशनुमा पल होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान वे अपने पेट में पल रहे शिशु को लेकर तमाम तरह की कल्पनाएं करती हैं।  इस दौरान गर्भवती व पेट में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य के लिए डॉक्टर विशेष सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। लेकिन इस सबके बीच में एक कौतुहल आपके मन में उठता होगा, आप ये जानने को जरूर इच्छुक रहती होंगी कि आखिर आपके पेट में पल रहा शिशु गर्भ के अंदर क्या कर रहा है? बड़े-बुजुर्गों के मुताबिक गर्भ के अंदर पलने वाला शिशु बहुत कुछ सीखता भी है। ऐसे में जरूरी है कि गर्भवती महिलाएं अपनी दिनचर्या, व्यवहार व अन्य चीजों पर भी ध्यान दें, ताकि गर्भ में पल रहा बच्चा अच्छी चीजें सीख सके। इस ब्लॉग में हम बात करेंगे कि आखिर बच्चा गर्भ में क्या-क्या करता है?

गर्भ के अंदर शिशु की सक्रियता को लेकर क्या मान्यताएं हैं अपने देश में?  

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक महाभारत में अभिमन्यू का किरदार तो आपको जरूर याद होगा। महाभारत का युद्ध चल रहा था और अर्जुन किसी दूसरे छोड़ पर लड़ाई लड़ रहे थे। उस समय में कौरवों की तरफ से चक्रव्यूह की रचना की गई। इस चक्रव्यूह को भेदने की  युद्धकौशल में सिर्फ अर्जुन दक्ष थे और चिंता की बात ये थी कि अर्जुन उस समय में वहां मौजूद नहीं थे। अर्जुन के बेटे अभिमन्यू ने उस समय में कहा कि उनको चक्रव्यूह भेदने की कला आती है। अभिमन्यू के इस दावे पर पांडव पक्ष अचरज में पड़ गए तब अभिमन्यू ने कहा कि वे जब अपनी मां के गर्भ में थे उस समय में उन्होंने चक्रव्यूह भेदने की कला अपने पिता से सुन लिया था। अभिमन्यू ने इस कला को अपने मां के गर्भ में ही सीख लिया लेकिन जब अर्जुन चक्रव्यूह से बाहर निकलने के बारे में बता रहे थे तब उनकी मां सुभद्र को नींद आ गई इसलिए वे चक्रव्यूह से बाहर निकलने की कला को सीख नहीं पाए।  

गर्भ के अंदर शिशु क्या करते हैं और क्या सीखते हैं ? / What a Baby Learns While Still In The Womb In Hindi

वैज्ञानिक भी इस बात को मानते हैं कि बच्चे में खान-पान, स्वाद, आवाज, बोलने जैसी चीजें सिखने की नींव मां के गर्भ में ही पड़ जाती है। आइए जानते हैं कि बच्चा क्या सीखता है।

  1. स्वाद -  बच्चा मां के गर्भ में स्वाद लेना सीख जाता है। तमाम बुजुर्ग भी ये बात मानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान मां जो कुछ खाती-पीती है या करती है उसकी आदत बच्चे पर भी पड़ती है। दरअसल गर्भवती जो कुछ खाती है, वो खून के माध्यम से बच्चे तक पहुंचता है और मां के स्वाद की आदत बच्चे को भी लगने लगती है। वह स्वाद लेना सीख जाता है। यही वजह है कि उन्हें बेहतर खान-पान व लाइफस्टाइल जीने की सलाह दी जाती है। अमेरिका के पेन्सिल्वेनिया यूनिवर्सिटी में हुए एक रिसर्च में सामने आया कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान गाजर अधिक खाती थीं, उनके बच्चों को जब जन्म के बाद गाजर मिला बेबी फूड दिया गया, तो उसका स्वाद उन्हें पसंद आया। यानी स्वाद लेना उन्होंने गर्भ में ही सीख लिया था।
     
  2. आवाज सीखने की कला - आवाज सीखने की कला भी बच्चा गर्भ में ही सीखता है। इस बात की पुष्टि भी कई रिसर्च में हुई है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च में सामने आ चुका है कि आवाज व जुबान सीखने की कला बच्चा गर्भ में ही समझ जाता है। रिसर्च में पाया गया कि बच्चे उन आवाजों को ज्यादा महत्व देते हैं, जिनमें शब्द होते हैं। जैसे दो लोगों के बीच बातचीत या गाना। मां-बाप की आवाज व उनकी जुबान आदि।
     
  3. संगीत – संगीत की समझ भी काफी हद तक बच्चा गर्भ में सीखता है। अगर कोई गर्भवती प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा संगीत सुनती है, तो पेट में पल रहा बच्चा भी उस संगीत को समझता है और पैदा होने के बाद बच्चा उस आवाज यानी संगीत को आसानी से पहचान लेता है। पर बच्चे को संगीत का आदी बनाना ठीक नहीं है।
     
  4. खुशबू की पहचान – खुशबू की पहचान की कला भी बच्चा गर्भ में ही सीखता है। वह मां के खून के जरिये अलग-अलग खुशबू को पहचानने लगता है और जब बाहर आता है तो उक्त खुशबू को आसानी से पहचान लेता है।
     
  5. अलग-अलग आवाज – बच्चा इंसानों के अलावा अलग-अलग जानवरों की आवाजों को समझने की कला भी पेट में ही सीखता है।

उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट की यूनिवर्सिटी के पीटर हेपर ने इस संदर्भ में बहुत शोध किया। पीटर हेपर ने अपने रिसर्च में पाया कि जो प्रेग्नेंट महिलाएं गर्भावस्था के दौरान लहसुन खाती थीं उनके बच्चों को भी लहसुन खूब पसंद था। पीटर हेपर के मुताबिक गर्भ के दसवें हफ्ते से भ्रूण मां के खून से मिलने वाले पोषक तत्वों को निगलने लगता है। हेपर कहते हैं कि उस समय से ही उसे अपनी मां के स्वाद के बारे में अनुभव होने लगता है। यानि कि ये रिसर्च भी बताते हैं कि मां की आदतों, व्यवहार, बोल-चाल, रहन-सहन को गर्भ के अंदर पलने वाला शिशु काफी बारीकी से सीखने और अनुभव करने का प्रयास करता है। 

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कमैंट्स()
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| Jun 09, 2019

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| Jun 08, 2019

out

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