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स्वास्थ्य

अपने दिल का रखिए ख्याल, इन 5 जरूरी बातों का रखें ध्यान

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 29, 2021

अपने दिल का रखिए ख्याल इन 5 जरूरी बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

दिल धड़कता है तो हमारी सांसें चलती है। दिल हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग होता है। अपने दिल का ध्यान रखना हमारे लिए अत्यावश्यक है। हाल के दिनो में हम सबने कोरोना महामारी के प्रकोप को देखा है और इसकी वेदना को महसूस किया है। आपको आंकड़ों के माध्यम से सतर्क करना चाहूंगा क्योंकि कोरोना के बाद दिल के रोगियों की संख्या में 14 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे चिंताजक बात ये है कि दिल के मरीजों में ज्यादातर युवा हैं जिनकी आयु 30 से 40 के बीच है। टीवी अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की उम्र महज 41 साल थी और उनकी मौत की वजह भी हार्ट अटैक बताई जाती है। इस ब्लॉग में हम आपको दिल की बीमारियों के लक्षण व बचाव के जरूरी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं।  

 हार्ट अटैक के मामले क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं?

विश्व हार्ट दिवस 29 सितंबर से ठीक एक रात पहले मेरे होम टाउन दरभंगा में एक व्यक्ति की सुबह 4 बजे के आसपास में मौत हो गई। मौत की वजह दिल का दौरा बताया जा रहा है। दिल की बीमारियों को लेकर अगर आप सजग और सतर्क रहें तो निश्चित रूप से सुरक्षित रह सकते हैं। 

  • कोरोना से रिकवरी करने के बाद भी पोस्ट कोविड के मरीजों की संख्या बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना से स्वस्थ होने के बाद भी मरीजों में खून के थक्के की समस्या देखने को मिल रहे हैं। वैसे लोग जिनका वजन अधिक है उन मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ गया है। जो लोग धूम्रपान करते हैं, शारीरिक रूप से कम सक्रिय हैं उनके कोलेस्ट्रॉल का स्तर उच्च है तो ऐसे लोगों को दिल की बीमारियां अटैक कर सकती है।

  • अगर किसी व्यक्ति के परिवार में दिल के रोग से मौत हो चुकी है तो उनमें आनुवांशिक रूप से भी दिल की बीमारियां परेशान कर सकती है। ऐसी परिस्थितियों में नियमित रूप से अपने डॉक्टर से परामर्श लेते रहें और कोलेस्ट्रॉल के लेवल की जांच कराने का सुझाव दिया जाता है।

  • इसके अलावा ये भी महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक 2 साल के अंतराल पर कम से कम बार TMT, Echo and CT angiography तो जरूर करवा लें, इन जांचों से आपका दिल कितना स्वस्थ है इसका अंदाजा लग सकता है।

  • इसके अलावा कुछ शिशु को जन्मजात दिल में छेद होता है, हार्ट से संबंधित अन्य कुछ समस्याएं जैसे कि हार्ट के वाल्व का खराब होना, हार्ट के मांसपेशियों की बीमारियां जैसी कई दिक्कतें हो सकती है। हालांकि इनमें से ज्यादातर बीमारियों का इलाज अब मुमकिन है। 

  • Dr.Amrendra Jha, Consultant Physician Intensivist बताते हैं कि 30 साल के हो जाने पर नियमित रूप से अपने दिल की जांच कराते रहना चाहिए। कई बार सीने में जलन जैसी समस्याओं को हम एसिडिटी मानकर अनदेखी कर देते हैं लेकिन बाद में इसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ सकता है। दिल से संबंधित बीमारियों की मुख्य वजहें प्रदूषण, दूषित खाना, लाइफस्टाइल में अनियमितता हो सकते हैं। डॉ अमरेंद्र झा बताते हैं कि कोरोना के कुछ ऐसे मरीज भी आए हैं जिनको पहले दिल से संबंधित बीमारियां नहीं थी। डॉ अमरेंद्र झा ने सचेत करते हुए ये भी कहा है कि कोरोना से रिकवर करने के बाद तकरीबन 25 फीसदी लोगों में कार्डियोवस्कुलर जैसी समस्याएं नोटिस की गई है। इतना ही नहीं डॉ अमरेंद्र के मुताबिक कोरोना से हुआ मौत में 40 फीसदी में दिल से संबंधित समस्याएं देखी गई।

  •   Dr.Amrendra Jha, Consultant Physician Intensivist ने बताया है कि कोरोना से रिकवर करने बाद अगर तुलना करें तो पहले के मुकाबले अब ज्यादा थकान महसूस करते हैं। 

दिल की बीमारियों से बचाव के लिए क्या हैं कारगर टिप्स?

कोरोनाकाल में हमने एक बात तो समझ लिया है कि स्वस्थ रहने के लिए हमें शारीरिक व मानसिक फिटनेस का ख्याल रखना आवश्यक है। 

  1. एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शुमार करें- नियमित रूप से व्यायाम करें। रोजाना कम से कम आधा घंटा पैदल चलना तो सबसे आसान रहेगा आपके लिए। इसके अलावा स्विमिंग साइक्लिंग भी अच्छा विकल्प हो सकता है।

  2. योग भी बेहतर विकल्प- ध्यान रहे कि आप अगर किसी योग को शुरू करना चाहते हैं तो पहले किसी योग विशेषज्ञ की मदद अवश्य लें। प्राणायाम व ध्यान योग बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

  3. बहुत अधिक कसरत या फूड सप्लिमेंट्स का भी सेवन ना करें। अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करें।

  4. स्वस्थ आहार का सेवन करें- जंक फूड्स से जितनी दूरी बनाकर चल सकते हैं उतना बेहतर। तेल मसालेदार खाने जीभ को भले अच्छा लग सकते हों लेकिन आपके दिल की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात की अगर आपको किसी भी प्रकार की समस्या महसूस हो तो उसे इग्नोर ना करें और अपने डॉक्टर की सलाह का अवश्य ध्यान रखें

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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