• लॉग इन करें
  • |
  • रजिस्टर
स्वास्थ्य

कैसे बढ़ायें शिशु की रोग प्रतिकारक ताकत - 8 तरीके

Anurima
1 से 3 वर्ष

Anurima के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jan 14, 2019

कैसे बढ़ायें शिशु की रोग प्रतिकारक ताकत 8 तरीके

‘माँ, मेरी नाक बंद है और मैं सांस भी नहीं ले पा रहा हूँ, कुछ करो ना!’ जब से मेरे शिशु ने बोलना शुरू किया है, यह बात हर कुछ महीने में मुझे सुनने को मिलती है। ये शब्द सुनते ही डर की वजह मैं यह तक समझ पाती कि करना क्या है, खांसी कई हफ्तों तक बनी रहती है, इसके साथ बहती नाक और बुखार जैसी बीमारियां भी चलती रहती हैं। और फिर गर्म सूप बनाना, बार-बार बहती नाक पोंछना, हाथों को कई बार धोना, दवाइयों को अपने साथ रखना और कुछ रातें बिना सोऐ निकालना जैसी रस्मों की शुरूआत होती है।

 

सर्दियों की शुरूआत के साथ ही, यह विचार आता है कि मेरा बच्चा मौसमी बुखार का शिकार बन सकता है पर मैं इसके लिये कुछ भी नहीं कर सकती। यही बात मैंने जान-पहचान के कई माँ-बाप से सुनी है। कुछ और सवाल मैनें सुने हैं जो मुझे खुद भी हैरान करते हैं कि - मैं कैसे अपने शिशु को बार-बार बीमार होने से बचा सकती हूँ? मैं कैसे अपने शिशु की बीमारी से लड़ने की ताकत को बढ़ा सकती हूँ?

 

तो मैनें मौसमी बीमारी से लड़ने के साथ-साथ शरीर में बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ाने में मदद करने वाले कुछ आसान इलाज और बचाव के तरीकों का पता लगाने का फैसला किया जिन्हे जानकर आपको भी तसल्ली मिलेगी।

 

यहाँ कुछ हाथों-हाथ अपनाने वाली बाते हैंः

 

1. सेहतभरा खानाः संतुलित खाना, ज्यादा विटामिन-सी, विटामिन-ई, ओमेगा-3, कारोटेनोइड्स और प्रोबिओटिक्स वाला खाना आपके शिशु के शरीर में बीमारी से लड़ने की ताकत को बढ़ाते हैं। तो ये चीजें शिशु को ठीक मात्रा में मिलना तय करने के लिये आपको उसकी खुराक में क्या शामिल करना चाहिये?   

 

विटामिन-सीः अमरूद, पपीता, संतरा, ब्रोकोली, गोभी, कीवी, शिमला मिर्च और स्ट्राब्री जैसी चीजें।

विटामिन-ईः पालक, टोफू, बदाम, जैतून का तेल, ब्रोकोली, लौकी और कद्दू

ओमेगा-3ः अखरोट, मछली (सामन और सार्डिन), सोयाबीन, टोफू और झीगां

कारोटेनोइड्सः मीटा आलू, पालक, गाजर, ब्रोकोली और कद्दू

प्रोबिओटिक्सः दही इसका सबसे अच्छा भंडार है।

2. शिशु के लिये माँ का दूधः माँ का दूध, शिशु के पैदा होते ही उसके शरीर की बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ाने का सबसे अच्छा जरिया होता है। माँ के दूध में बीमारी से लड़ने वाले बहुत से तत्व होते हैं जो संक्रमण, एलर्जी, मूत्र की नली का संक्रमण, यहाँ तक कि ‘अकस्मात षिषु मृत्यु (एस.आई.डी.एस.)’ के खतरे को कम करता है।

3. पूरी नींद लेनाः नींद की कमी आपके शिशु को बुरी तरह से थका सकती है, जो संक्रमण का खतरा बढ़ाता है या उसकी सेहत में सुधार की गति को धीमा करता है। नये शिशु को कम से कम 18 घंटे की नींद की जरूरत होती है, घुटनें से चलने वाले या नया-नया चलना सीखने वाले शिशु को कम से कम 12 से 13 घंटे नींद की जरूरत होती है जबकि बालविहार जाने वाले शिशु को 10 घंटे नींद की जरूरत होती है। अगर आपके शिशु को नींद नहीं आ रही या उसे सोने में परेशानी हो रही है तो शिशु के डाक्टर से सलाह लेना मददगार रहता है।

4. टीकाकरण नियम से करायेंः टीके लगवाना बचपन की बहुत सी बीमारियों से लड़ने के लिये शरीर की ताकत बढ़ाता है। इसलिये सलाह है कि तयशुदा टीकों को शिशु की उम्र के हिसाब से और तय समय पर लगवायें। कुछ डाक्टर शिशु को खास वजहों से अलग से कुछ और टीके लगवाने की सलाह देते हैं जिन्हें स्थिति को समझते हुये और इसके फायदे-नुकसान को देखते हुये लगवाया जा सकता है।

5. व्यायामः घर से बाहर खेलने के लिये शिशु का हौसला बढ़ायें। जांच से पता चला है कि रोजाना 30 मिनट की खेल-कूद सर्दी लगने के खतरे को 50 प्रतिशत कम कर देती है। तो बाहर निकल कर थोड़ा टहलना शुरू करें, उसके साथ पार्क में जायें या उसके साथ खेल कर अच्छा समय बितायें जो शिशु के शारीरिक व्यायाम के लिये जरूरी है।  

6. दूसरों के बीड़ी-सिगरेट के धुंये से बचेंः जो शिशु देर तक दूसरों के बीड़ी-सिगरेट के धुंयेे आस-पास रहते हैं वो कान के संक्रमण, ब्रोंकाइटिस, सर्दी-खांसी और दूसरी सांस की समस्याओं के लिये ज्यादा नाजुक हो जाते हैं। सिगरेट का धुंआ घर के अन्दर देर तक बने रहने के लिये जाना जाता है और घर के साज-सामान जैसे सोफा, कालीन, बिस्तर की चादर और पर्दों में सिगरेट के बुझ जाने के बाद भी काफी समय तक बना रहता है। छोटे बच्चों की सांस लेने की दर तेज होती है और बड़ों की तुलना में वह ज्यादा जहरीले तत्व (4000 तक जाने-पहचाने जहरीले तत्व) सांस के साथ अपने अंदर लेते हैं। अपने शिशु को दूसरों के बीड़ी-सिगरेट के धुंये से बचाने के लिये यह करना चाहियेः

अपने घर बीड़ी-सिगरेट पीने पर पूरी तरह से रोक लगायें।

घर में बीड़ी-सिगरेट पीने वाले लोगों को बाहर और घर से दूर जाकर ऐसा करने के लिये मनायें।

7. दवाइयां देने में जल्दबाजी न करेंः ज्यादा दवाइयां लेना शरीर की बीमारी से लड़ने की ताकत को दबाता है और शरीर को कमजोर करता है। आपको शिशु के बीमार होते ही उसे तुरंत दवाई देने से बचना चाहिये, जब तक यह डाक्टर की सलाह की मुताबिक न हो। एंटीबाॅडी दवाइयों को लगातार देने से आपके शिशु की शरीर की बीमारी से लड़ने की ताकत को गंभीर रूप से कम कर सकती है और यह कि कभी-कभी अपना शरीर खुद ही दवा के असर को नकारने के लिये तैयार हो जाता है।  

8. साफ-सुथरा माहौल और साफ-सफाई को बरकरार रखेंः रोगाणू होने की जगह में रहना शरीर की बीमारी से लड़ने की ताकत को बढ़ाता है लेकिन इसमें ज्यादा देर तक रहने से यह बीमारी से लड़ने की ताकत पर उल्टा असर करता है। घर के माहौल को हमेशा शुद्ध रखें, हाथों को बार-बार साफ करने के लिये हौसला बढ़ायें, अपनी साफ-सफाई की आदतो पर अमल करना जैसे दिन में दो बार दांत मांजना, दांत साफ करने के ब्रश को कुछ महीनों में बदलना, नहाना और साफ कपड़े पहनना, आपके शिशु को सेहतमुद रखने और उसमें साफ-सफाई की आदत लाने के कुछ सबसे अच्छे तरीके हैं।  

जैसे-जैसे आपका शिशु बड़ा होगा, उसकी शरीर में बीमारी से लड़ने की ताकत भी बढ़ेगी। इस बीच मैं उम्मीद करती हूँ कि ऊपर लिखी बातें आपके शिशु की सेहत को बढ़ायेंगी और उसकी बीमारी से लड़ने की ताकत में इजाफा करेगी। 1 से 3 साल के शिशु को एक साल में 8 से 10 बार सर्दी होना सामान्य बात है और यह शिशु की बीमारी से लड़ने की ताकत को भी बढ़ाता है। आप शिशु को बीमार होने से नहीं बचा सकते पर रहन-सहन के तरीके में बदलाव लाकर आप शिशु की रोग प्रतिकारक ताकत को बढ़ाने और अपने परिवार को सेहतमंद रखने में दूर तक जा सकते हैं।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • 7
कमैंट्स()
Kindly Login or Register to post a comment.

| Jun 08, 2019

very helpful vedio

  • रिपोर्ट

| Jun 07, 2019

nice block

  • रिपोर्ट

| Jun 07, 2019

mera beta 15 mahena ka hey kuch nahi khata hey kya kare?

  • रिपोर्ट

| Jun 07, 2019

Mere baby 3 month ka hai uski cough bhut hai thick nh hote plz kuch help kijiye

  • रिपोर्ट

| Jan 15, 2019

Very good mam

  • रिपोर्ट

| Aug 02, 2018

mam Mare betay ka weight kam hai 2 years ka hai may uaska weight badany ke liye khay karu

  • रिपोर्ट

| Aug 02, 2018

Nice and thanks post

  • रिपोर्ट
+ ब्लॉग लिखें

Always looking for healthy meal ideas for your child?

Get meal plans
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}