Child Psychology and Behaviour

अगर आपके बच्चे को दूसरे बच्चे कर रहे हैं तंग, तो आपको यूँ संभालनी चाहिए स्थिति

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अगर आपके बच्चे को दूसरे बच्चे कर रहे हैं तंग तो आपको यूँ संभालनी चाहिए स्थिति

जब आपका बच्चा स्कूल जाना शुरू करता है, तो उसे वहां एक बिलकुल नया माहौल  मिलता है. ये आपके बच्चे के लिए बिना आपके संरक्षण के रहने का पहला मौका होता है. ऐसे में उसे कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें साथियों द्वारा परेशान किया जाना या Bullying भी शामिल हो सकता है. किसी अन्य बच्चे द्वारा परेशान किये जाने से बच्चे की मानसिक विकास पर बुरा असर पड़ सकता है.

अगर आपको  पता चले कि आपके बच्चे के साथ ऐसा कुछ हो रहा है, तो आपको कुछ इस तरह इस स्थिति का सामना करना चाहिए:

 

धैर्य रखें

अपने बच्चे के साथ ऐसा कुछ होने के बारे में पता चलने पर आपको गुस्सा आना लाज़मी है, लेकिन ऐसी स्थिति में ये ज़रूरी है कि आप धैर्य रखें. माता-पिता होने के नाते ये आपकी ज़िम्मेदारी बनती है कि आप समझ से काम लें. एक-दो बार अगर बच्चे का किसी के साथ झगड़ा होता है, तो इसका ये, मतलब नहीं है कि उसे Bully किया जा रहा है. बच्चों में झगड़े होना आम बात है, लेकिन जब आपका बच्चा अकसर परेशान और डरा-डरा रहने लगे, तो आपको आराम से उससे इस बारे में बात कर के जानने कि कोशिश करनी चाहिए कि क्या वाकई उसे तंग किया जा रहा है.

 

पता करें कि क्या वाकई ये Bullying है

अगर आपके बच्चे के खान-पान कि आदतों या नीन्द पर असर पड़ रहा है, तो हो सकता है कि वो ऐसी किसी चीज़ का शिकार हो रहा है, जो उसे अन्दर ही अन्दर  परेशान कर रही है. अगर उसने अचानक बोलना कम कर दिया है या मायूस रहने लगा है, तो भी ये परेशानी कि बात हो सकती है. ऐसा होने पर कई बच्चे स्कूल जाने से मना करने लगते हैं.

 

सुनिश्चित करें कि स्कूल में भी इसके खिलाफ़ पॉलिसी हो

आजकल सभी अच्छे स्कूलों में बच्चों को Bullying से सुरक्षित रखने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी होती है. बच्चे का एडमिशन कराने से पहले ही इसके बारे में पता कर लें. आप स्कूल में हर वक़्त उनके साथ नहीं होते, इसलिए अच्छा रहता है कि स्कूल भी ऐसी चीज़ों को रोकने कि ज़िम्मेदारी लेते हों.

 

उसे बेचारा महसूस न करवाएं

यदि आप बच्चे को पीड़ित जैसा महसूस करने देंगे, तो उसके मन में नकारात्मक  भावनाएं घर कर सकती हैं. उसे ये लग सकता है कि किसी के साथ ऐसा होना शर्म कि बात है और वो आपसे बातें छुपाना शुरू कर सकता है.

 

'कोई एक मारे तो तुम दो मारना' जैसी सीख कभी न दें

आपको कभी भी बच्चों को हिंसा से जुड़ी कोई भी बात नहीं सिखानी चाहिए. आपको उसे समझाना चाहिए कि किसी पर भी हाथ उठाना या किसी को तंग करना ग़लत होता है. ताकि वो भी कभी किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसा न करे. ऐसा कुछ सिखाने का एक नुकसान ये भी होता है कि जब बच्चे पलट कर कुछ नहीं कर पाते, तो उन्हें लगने लगता है कि वो अपने माता-पिता के लिए भी एक निराशा हैं.

जो भी उसे तंग करता है, उससे कहें कि वे उसे आराम से बता दे कि वो इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसकी शिकायत करेंगे.

 

उनसे दूसरे दोस्त बनाने को कहें

अगर उनका कोई साथी उन्हें तंग करता है, तो आप बच्चे से उसकी संगत छोड़ देने को कहें. उसे नए दोस्त बनाने के लिए प्रेरित करें, जो उसके साथ तमीज़ से पेश आते हों.

 

परेशान करने वाले बच्चों के माता-पिता पर न बिगड़ें

यदि आप अपने बच्चे को परेशान करने वाले बच्चे के माता-पिता पर बिगड़  कर  इसका  समाधान  निकालने  की कोशिश करेंगे, तो हो सकता है आप उन्हें ठेस पहुंचाएं. इससे कोई ख़ास मदद नहीं मिलती. बच्चे को इन परिस्थितियों  से खुद निपटना भी आना चाहिए.

 

बच्चे को समझाएं

आप अपने बच्चे को समझाएं कि आप उसके साथ हैं और अगर उसे कोई परेशान कर भी रहा है, तो इसके लिए उसे बुरा महसूस करने कि ज़रूरत नहीं है. आप बच्चे के शिक्षकों से भी इस बारे में बात कर सकते हैं. बच्चे को ये समझाना चाहिए कि  ज़िन्दगी में समस्याएं आती रहती हैं और वो हर मुश्किल से निपट सकता है.

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| Dec 01, 2017

Very nice and informative !! My son is 7 yr old. He is over talketive. Because of his this habit sometimes other kids feels irritated. Nw the situation is that no one in the apartment takes him seriously and dnt want to play with him. He is feeling neglected inside and thats y behaving rudely with everyone and does the silly things to get the attention. I m really worried. Dnt knw what to do? Pls help.

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