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अपने पार्टनर को कराएं एड्स से जुड़ी बातों से अवगत

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अपने पार्टनर को कराएं एड्स से जुड़ी बातों से अवगत

एड्स से प्राय अधिकतर लोग डरते हैं। इससे जुड़ी कई गलतफहमियां भी हैं। हालांकि जागरूकता की वजह से पिछले कुछ साल में एड्स के नए मामले सामने आने की दर में गिरावट आई है, लेकिन आज भी देश में करीब 25 लाख लोग इससे पीड़ित हैं। एड्स यानी एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब आमतौर पर जिंदगी का अंत मान लिया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर इससे पीड़ित व्यक्ति डॉक्टरों की सलाह के अनुसार काम करे, तो वह लंबे समय तक सामान्य जिंदगी जी सकता है। बस इसको लेकर जागरूकता की जरूरत है, साथ ही इससे जुड़ी गलतफहमियों को दीमाग से हटाना जरूरी है। अगर आपके पार्टनर के मन में भी एड्स को लेकर कोई कंफ्यूजन है, तो हम यहां बता रहे हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें, जिन्हें आप अपने पार्टनर के साथ शेयर कर सकते हैं।

 

पहले एचआईवी और एड्स को समझें

  • एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनो डिफिशिएंसी वायरस) एक ऐसा वायरस है, जिसकी वजह से एड्स होता है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। जिस इंसान में इस वायरस की मौजूदगी होती है, उसे एचआईवी पॉजिटिव कहते हैं। आमतौर पर लोग एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब ही एड्स समझने लगते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।
  • एचआईवी के शरीर में दाखिल होने के बाद शरीर की प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है और शरीर पर तरह तरह की बीमारियां और इन्फेक्शन पैदा करने वाले वायरस अटैक करने लगते हैं। एचआईवी पॉजिटिव होने के करीब 8 से 10 साल बाद इन तमाम बीमारियों के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। इस स्थिति को ही एड्स कहा जाता है। वैसे, एचआईवी पॉजिटिव होने के बाद से एड्स होने तक के गैप को दवाओं की मदद से बढ़ाया जा सकता है और कुछ बीमारियों को ठीक भी किया जा सकता है। एचआईवी पॉजिटिव होना या एड्स अपने आप में कोई बीमारी नहीं हैं, बल्कि इसकी वजह से बीमारियों से लड़ने की शरीर की क्षमता कम हो जाती है और तरह तरह बीमारियां अटैक कर देती हैं।

 

कैसे फैलता है

  • एचआईवी पॉजिटिव पुरुष या महिला के साथ अनसेफ (कॉन्डम यूज किए बिना) सेक्स से, चाहे सेक्स होमोसेक्सुअल ही क्यों न हो। भारत में एचआईवी/एड्स की सबसे खास वजह यही है। देश में एड्स के जो भी मामले हैं, उनमें से 86 फीसदी असुरक्षित सेक्स संबंधों की वजह से हैं।
  • संक्रमित (इन्फेक्टेड) खून चढ़ाने से। इसकी वजह से एड्स होने के मामले 2.57 फीसदी हैं।
  • एचआईवी पॉजिटिव महिला से पैदा हुए बच्चे में। बच्चा होने के बाद एचआईवी ग्रस्त मां के दूध पिलाने से भी इन्फेक्शन फैल सकता है।
  • खून का सैंपल लेने या खून चढ़ाने में डिस्पोजेबल सिरिंज (सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल में आने वाली सुई) न यूज करने से या फिर स्टरलाइज किए बिना निडल और सिरिंज यूज करने से। 1.97 फीसदी मामलों में इसकी वजह से एड्स होता है।
  • हेयर ड्रेसर (नाई) के यहां बिना स्टरलाइज्ड (रोगाणु-मुक्त) उस्तरा, पुराना इन्फेक्टेड ब्लेड यूज करने से। सलून में हमेशा नया ब्लेड यूज हो रहा है, यह सुनिश्चित करें।

 

इन चीजों से नहीं फैलता एड्स

  1. चूमने से व आलिंगन से एड्स नहीं फैलता, लेकिन  अगर किसी शख्स को एड्स है और उसके मुंह में कट या मसूड़े में सूजन जैसी समस्या है, तो उसे चूमने से एड्स फैल सकता है।
  2.  हाथ मिलाना, गले मिलना, एक ही टॉइलेट यूज करना, एक ही गिलास में पानी पीना, छींकने, खांसने से भी एड्स नहीं फैलता।
  3. यह खाने और हवा से भी नहीं फैलता।
  4. रक्तदान करने से बशर्ते खून निकालने में डिस्पोजेबल (इस्तेमाल के बाद फेंक दी जाने वाली) सुई का इस्तेमाल किया गया हो।
  5. टैटू बनवाने से, बशर्ते औजार स्टरलाइज्ड हों।
  6. डॉक्टर या डेंटिस्ट के पास इलाज कराने से। ये लोग भी आमतौर पर स्टर्लाइज्ड औजारों का ही इस्तेमाल करते हैं।
  7. मच्छर के काटने से

 

इनमें से कोई लक्षण हो तो टेस्ट जरूर कराएं

एचआईवी से पीड़ित शख्स शुरू में बिल्कुल नॉर्मल और स्वस्थ लगता है, लेकिन धीरे-धीरे इसके लक्षण आने लगते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर एचआईवी टेस्ट जरूर कराएं।

  • बुखार बने रहना, जिसकी कोई खास वजह भी पता न चले।
  • बिना किसी वजह के लगातार डायरिया बने रहना।
  • लगातार सूखी खांसी।
  • मुंह में सफेद छाले जैसे निशान होना।
  • बिना किसी वजह के लगातार थकान बने रहना और तेजी से वजन गिरना।
  • याददाश्त में कमी, डिप्रेशन आदि। 

    नोट : ये सभी लक्षण किसी साधारण बीमारी में भी हो सकते हैं इसलिए घबराने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।)

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