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ऐसे बहलाए अपने बच्चे को अगर थियेटर में करे वो आपको तंग

Parentune Support
1 to 3 years

Created by Parentune Support
Updated on Jun 01, 2018

ऐसे बहलाए अपने बच्चे को अगर थियेटर में करे वो आपको तंग

फ़िल्मे देखने जाना किसको पसंद नही होता और अगर वो आपके पसंदीदा एक्टर की हो तो कैसे छोड़ सकते है भले ही आपका छोटा बच्चा हो| नये नये बने माँ बाप को हमेशा ये चिंता सताती है की कही उनका शिशु या छोटा बच्चा मूवी थियेटर मे जा कर उनको या लोगों को परेशन ना करे| इस समस्या के कारण बहुत से माता पिता थियेटर जाने से बचते है पर अगर आप इन बातों का ध्यान रखे तो आपको ज़्यादा परेशानी नही उठानी पड़ेगी| जाने कैसे--

  • हमेशा अपने बच्चे के मनपसंद और आवश्यक वस्तुएँ साथ ले जाए जैसे उसके खिलोने, खाना, दूध, कपड़े, दवा आदि| अगर उसे किसी चीज़ के ना मौजूद होने की वजह से चिड़चिड़ाहट हो तो उससे आप बच सकते है| साधारणतः छोटे शिशु ज़्यादा देर एक जगह बैठने से परेशान हो कर रोने लगते है तो ज़रूरी है की आप उसे ब्रेक्स और इंटर्वल्स मे बाहर बहलाने ले जाए| आप यह भी कर सकते है की आप फिल्म स्टार्ट होने पर ही अंदर जाए जिससे थोड़ा समय और बच सके|

 

  • अगर हो सके तो आप जल्दी के मूवी शोस जाए जिसमे कम लोग आते है और समय भी अनुकूल होता है| इसका  लाभ ये है की उन शोस मे लोग कम होते है और कुछ बच्चे भीड़ की वजह से भी तंग करते है या उत्तेजित हो जाते है और इससे आप बच सकते है|

 

  • आपको इस बात का विशेष ध्यान देना होगा की फिल्म किस तरह की है? क्यूकी उसका सीधा असर आपके बच्चे पर पड़ सकता है| कोई भी उग्र, आतंकी, शोर शराबे वाली फिल्म हुई तो वो डर जाएगा और उसको संभालना मुश्किल हो जाएगा| आप हर वक्त उसके कान बंद करके भी नही रख सकते इसलिए कोई शांत ओर धीमी फिल्म मे कम आशंका है उसके परेशानी वाले व्यवहार की|

 

  • चाहे कितनी भी आपकी पसंदीदा फिल्म रिलीस हुई हो अगर आपका बच्चा बीमार हो या अस्वस्थ अवस्था में हो तो रहने ही दीजिए| काई बार  लोग ये सोचते है की उसका मन बहाल जाएगा तो ये हो ज़रूरी नही है| बीमारी में ख़ासकर शिशु उम्र ४-५ साल तक के भी चिड़चिड़ाते है, परेशान करेंगे क्यूकी उनकी ना समझ उभरी है ना ही शक्ति|

 

  • इस बात की भी हमेशा चर्चा रही है की किस उम्र से बच्चे को सिनिमा हॉल ले जया जा सकता है| तो कई थियेटर मे भी एज लिमिट यानी आयुसीमा का पाबंद होता है| अगर सलाहकारो की माने तो २ साल के बाद से बच्चे को ले जया जा सकता है अगर थियेटर में अनुमति हो| फिर भी उसका थोड़ा बड़े होने का इंतेज़ार किया जा सकता है|

 

  • ये उन बच्चो के साथ किया जा सकता है जो थोड़े बड़े और समझदार हो चुके है और जिनको समझ हो वातावरण की| आप जाने से पहले अपनी संतान को समझाए की वह कहा जा रहा है. वहाँ क्या होगा और उसे कैसे पेश आना है| यह एक बेहतर उपाय है शांति से अपने और अपने बच्चे के मनोरंजन का |

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