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प्रेग्नेंसी के दौरान रागी का सेवन करने के 10 बड़े फायदे
प्रकाशित: 09 नव॰ 2025
रागी एक पौष्टिकता से भरपूर अनाज है। यह बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। रागी से विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर आप अपने परिवार को इसके फायदे दें सकते हैं। रागी के पौष्टिक गुणों के कारण इसे अनाजों की संजीवनी कहा जाता है। आज हम आपको इस ब्लॉग में बता रहे हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान रागी का सेवन करने से आपको किस तरह के फायदे मिल सकते हैं।
रागी से जुड़ी खास बातें/ Ragi A Wonder Grain In Hindi
- बारह महीने होने वाली इसकी खेती मुख्यत अफ्रीका और एशिया महाद्वीप में की जाती है। हमारे देश में दक्षिण भारतीय प्रदेशों में मुख्यत इसकी खेती की जाती है तथा इससे विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं।
- रागी में पाए जाने वाले पोषक तत्व रागी में मेथोनाइन पाया जाता है, जो कि स्टार्च की प्रधानता वाले भोज्य पदार्थों में नही पाया जाता।
- प्रति १०० ग्राम के हिसाब से इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों का विभाजन इस प्रकार किया गया है- प्रोटिन- ७.३. ग्राम वसा १.३. ग्राम कार्बोहाइड्रेट ७२ ग्राम मिनरल २.७ ग्राम कैल्शियम ३.४४ ग्राम फाइबर ३.६ ग्राम कैलोरी ३२८ किलो कैलोरी
प्रेग्नेंसी के दौरान रागी का सेवन करने के मुख्य लाभ / Health Benefits of Eating Ragi (Nachni) during Pregnancy In Hindi
- एनिमिया में लाभकारी रागी में आयरन की उच्च मात्रा होती है, कम हीमोग्लोबिन वाले रोगियों के लिए इसका सेवन बहुत ही लाभदायक है। विटामिन सी आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है अतः रागी को अंकुरित करके खाना ज्यादा फायदेमंद होता है।
- वजन कम करने में सहायक रागी में वसा की मात्रा कम होती है। यह धीरे-धीरे पचती है इसलिए भूख जल्दी नहीं लगती है। इसमें टिफ्टोफेन नामक अमीनो एसिड होता है जिससे भूख कम लगती हैं। वजन को नियंत्रित करने के इच्छुक लोगों को नाश्ते में इसका प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
- मधुमेह में फायदेमंद रागी, रक्त में शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में सहायता करती है। इसमें उच्च पोलीफिनोल और फाइबर पाया जाता है जो शरीर में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ने से रोकते हैं।
- हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए लाभदायक रागी में गुड काॅलेस्ट्रोल की उच्च मात्रा होती है तथा कैलोरी कम होने की वजह से उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए लाभदायक होता है।
- मस्तिष्क के लिए लाभदायक (तनाव दूर करे) रागी में मौजूद अमीनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा में होने के कारण प्राकृतिक रूप से मानसिक अवसाद तथा तनाव को दूर करता है। माइग्रेन, नींद ना आने जैसी समस्याएं, सिर दर्द, बेचैनी आदि में भी काफी प्रभावशाली है। ऐसा टिप्टोफेन नामक एमिनो एसिड के कारण होता है।
- झुर्रियां करे दूर रागी में पाए जाने वाले मेथियोनीन और लाइसिन जैसे आवश्यक अमीनो एसिड त्वचा में कसावट करके झुर्रियों को दूर करते हैं, इसमें प्राकृतिक रूप से विटामिन डी होता है।
- हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए रागी में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होती है, जिससे शरीर में कैल्शियम का संचार होता है और हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना कम हो जाती है।
- स्तनपान कराने वाली महिलाओ के रागी के फायदे स्तनपान कराने वाली माँओं का दुध को बढ़ाता है और दूध को आवश्यक एमिनो एसिड, आयरन और केल्सियम प्रदान करता है जो माँ और बच्चे के पोषण के लिये आवश्यक है।
बच्चों के लिए रागी के लाभ / Benefits of Ragi for kids
- पोषक तत्वों से भरपूर।
- आसानी से पच जाता है।
- आयरन व कैल्शियम की समुचित मात्रा जो बच्चों के विकास के लिए आवश्यक है।
- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। इस ब्लॉग को भी जरूर पढ़ लें: रागी आपके नन्हें-मुन्नों के लिए एक अनोखा अनाज
बच्चों के लिए रागी से बनने वाले व्यंजन / Some Tasty Ragi Recipes for Your Kids In Hindi
- रागी का हलवा एक कप रागी का आटा तीन चम्मच पिसी गुड़ तीन चम्मच घी घी को गर्म करके रागी के आटे को हल्का भूरा होने तक पकाएं। गुड़ मिलाकर उबला पानी मिला ले। पानी सूखने तक चलाते रहे ताकि गांठे ना पड़े। ड्राई फ्रूट पाउडर मिलाकर गरमागरम सर्व करें। जरूर पढ़ें इस ब्लॉग को:- रागी से बनेगा आपका बच्चा निरोग, जानिए इसके फायदे
- रागी के बिस्किट आधा कप रागी का आटा आधा कप गेहूं का आटा 100 ग्राम मक्खन आधा कप गुड़ पिसी हुई एक चम्मच बेकिंग पाउडर एक चम्मच वनीला आधा कप दूध राखी और गेहूं के आटे को बेकिंग पाउडर मिलाकर अच्छे से छानकर भून लें। सोंधी महक आने पर आंच में से उतार लें। भूनते समय ध्यान रखें कि आटा नीचे से जल ना जाएं। इस आटे में मक्खन और पिसी हुई गुड़ मिलाकर अच्छे से गूंथ लें। जरूरत के हिसाब से दूध मिलाकर रोटी के आटे जैसा गूंथ लें। इस आटे को 15 से 20 मिनट तक फ्रिज में रखें। फिर इसे निकालकर रोटी जैसा बेलकर कुकी कटर से काट लें। अलग-अलग शेप बच्चों को आकर्षित करता है। इस बिस्कुट इसे 180 डिग्री प्रीहिटेड ऑवन में कुरकुरा और सुनहरा होने तक बेक करें।
इसके अलावा आप रागी की दलिया या चपाती भी बना सकते हैं अथवा रोज सुबह एक चम्मच रागी पाउडर को एक गिलास पानी में उबालकर नमक या मक्खन के साथ मिलाकर भी पी सकते हैं। अपने भोजन में रागी का इस्तेमाल करके इसके असंख्य लाभ उठाएं।
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