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कैसे बचाएं खुद को और अपने बच्चो को इन बाबाओ के ढोंग से!

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Created by Parentune Support
Updated on Sep 05, 2017

कैसे बचाएं खुद को और अपने बच्चो को इन बाबाओ के ढोंग से

धर्म चाहे हिंदू हो या मुस्लिम या फिर सिख व ईसाई, हर धर्म में गुरु का विशेष महत्व है। गुरु चाहे शिक्षा के क्षेत्र में हो या अध्यात्म के क्षेत्र में माना जाता है, कि वो हमें सही पथ बताता है और हमें लक्ष्य तक पहुंचाता है। धर्म के मामले में सही पथ से मतलब भगवान, अल्लाह, जीसस या सदगुरु तक पहुंचने का है। प्राचीन समय से ये परंपरा चली आ रही है। लोग साधू, संतों या यूं कहें कि गुरुओं की मदद से ईश्वर की साधना कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान में इसके मायने बदल रहे हैं। अब धर्म की आड़ में गुरु के रूप में पाखंडी भी आ गए हैं, लेकिन हर कोई पाखंडी भी नहीं है। जिस तरह अंगूर के गुच्छे में कुछ अंगूर खट्टे तो कुछ मीठे होते हैं, उसी तरह धर्म में भी अगर कुछ पाखंडी सामने आ रहे हैं, तो अच्छों की भी कमी नहीं है, लेकिन सवाल उठता है कि क्यों हम किसी गुरु या बाबा के इतने अंधभक्त हो जा रहे हैं कि हमें उनका गलत भी सही नजर आता है।

 

अंधभक्ति से बचें
 

पिछले 2-3 साल में कई बड़े गुरुओं जैसे आसाराम, नारायण साईं, रामपाल, रामवृक्ष और हाल ही में गुरमीत राम रहीम का पाखंड हमारे सामने आया है। न्यायालय की तरफ से दोषी ठहराने के बाद भी इनके भक्त इन्हें सही मानते हैं और इनके समर्थन में हंगामा करने से भी गुरेज नहीं करते। पर ये भक्ति नहीं अंधभक्ति है।

अगर आप धार्मिक हैं और ईश्वर की भक्ति में खोना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको किसी के सहारे की जरूरत नहीं है। आप खुद भी अपने भगवान की अराधना कर सकते हैं। भगवान ऐसा नहीं कहते कि किसी गुरु के जरिये ही आप उनकी अराधना कर सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप किसी गुरु पर निर्भरता न बढ़ाएं। खुद भी घर में बैठकर भक्ति कर सकते हैं।

इसके अलावा एक और अहम बात ये कि गुरु बनाना गलत नहीं है, लेकिन आपको सही और गलत गुरु का भेद जानना होगा और सही का चुनाव करना होगा। आप गुरु अगर ईश्वर की अराधना के लिए ही चुन रहे हैं, तो ऐसे गुरु से बचिए जो भगवान की जगह अपनी पूजा कराता हो, जो भगवान से ज्यादा खुद को महत्वपूर्ण साबित करने में लगा रहता हो, क्योंकि ऐसे बाबा गुरु नहीं पाखंडी हो सकते हैं।
 

बच्चों को बनाएं तार्किक
 

अगर एक मिनट को आप ऐसे किसी पाखंडी बाबा के चक्कर में आ भी गए हैं, तो असलियत पता चलते ही फौरन उसकी अंधभक्ति बंद करें। इसके अलावा आप चाहते हैं कि भविष्य में आपका बच्चा इस तरह के ढोंगी बाबाओं के चक्कर में न पड़े, तो आपको इसके लिए उन्हें तार्किक बनाना होगा, ताकि वे किसी पर भी आंख बंदकर भरोसा न करें। हर चीज को तर्क की कसौटी पर परखें और उसके बाद सही-गलत का फैसला लें। आप अपने बच्चों को इस तरह तार्किक बना सकते हैं....

  1. बच्चों को हमेशा किसी भी चीज का हर पहलु बताएं। उनको ये भी बताएं कि अगर कोई चीज सही है, तो सही है और अगर वह गलत है तो क्यों गलत है। इससे वह सही गलत को पहचानना सीखेगा।
     
  2. बच्चे को बताएं कि दूसरों की किसी भी चीज या बात को आंख मूंदकर न मान लें। बिना प्रमाणिकता के हर बात पर यकीन न करें। अगर प्रमाण न भी हो, तो कम से कम कुछ तर्क तो जरूर हो।
     
  3. पूजा-पाठ व धर्म में बच्चे का ध्यान लगाना गलत नहीं है, आप बेफिक्र होकर उन्हें आध्यात्मिक बनाएं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि बच्चों में कभी भी सफलता या किसी काम को बनाने के लिए मन्नत या पूजा पाठ करने जैसी आदत न डालें। इससे बच्चा कमजोर हो जाएगा। अगर आप इसकी जगह उसके मन में शुरू से ये बात डालेंगे कि सफलता के लिए महेनत जरूरी है, तो वह पाखंडी बाबाओं के चक्कर में नहीं पड़ेगा। वह अपनी मेहनत पर यकीन करेगा। 

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| Sep 06, 2017

खुद पर करना चाहिए विश्वास

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