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बच्चे को नहलाने का सही तरीका

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संशोधित किया गया Nov 07, 2017

बच्चे को नहलाने का सही तरीका

नहाना मानव शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। चाहे बच्चे हों या बड़े, नहाना सबके लिए ही जरूरी है। पर अक्सर देखा गया है कि बात जब बच्चों की आती है, तो माएं अपने नवजात शिशु को नहलाने से डरती हैं। ऐसे में बच्चे को कई-कई दिनों बात नहलाती हैं, लेकिन ये ठीक नहीं है। बच्चों को साफ रखना बहुत आवश्यक है। साइंस में भी ये साबित हो चुका है कि सही तरीके से नहाना बच्चे के सामाजिक, मानसिक, भावनात्मक और ज्ञानात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर बच्चे को नहाने का सही तरीका क्या है। यह सवाल अधिकतर पैरेंट्स के मन में बना रहता है। हम आपको बता रहे हैं कि आखिर बच्चे को नहाने का सही तरीका क्या है।

 

ये है नहलाने का सही तरीका

  1. बच्चे को बाथटब में डालने के बाद भी बच्चे को एक हाथ से पकड़े रहें। इसके अलावा कोशिश करें कि उसे गुनगुने पानी से ही नहलाएं
  2. शिशु की कोमल त्वचा पर सीधे पानी न डालें। पानी और उसके स्किन के बीच में अपनी हथेलियों का इस्तेमाल करें। पहले पानी को अपनी हथेली पर गिरने दें, इसके बाद बच्चे की स्किन पर।
  3. अगर बच्चा सीधे बैठ नहीं सकता, तो अपनी हथेली में पानी लेकर उसे धीरे-धीरे नहलाएं।
  4. बच्चे को नहलाने के दौरान साबुन कभी भी सीधे उसके स्किन पर न लगाएं। किसी दूसरे मग में साबुन का झाग बना लें और झाग में किसी साफ तौलिये को भिगोकर तौलिये से बच्चे के शरीर को साफ करें। इसी तरह शैंपू का भी इस्तेमाल करें। शैंपू का झाग किसी दूसरे मग में बनाएं और उसको आराम-आराम से बच्चे के सिर में लगाएं।
  5. बड़ों के लिए बने साबुन, पाउडर और तेल बच्चों को न लगाएं, इससे उसे नुकसान भी हो सकता है। बच्चों के लिए बने खास प्रोडक्ट का ही इस्तेमाल करें।
  6. नहलाने के बाद बच्चे को सूखे तौलिये से पोछें। सर को आराम से रगड़ें। शरीर पोंछने के बाद उसे जल्द से जल्द कपड़े पहना दें।
     

इन बातों का भी रखें ध्यान

  1. सही चीजों का करें यूज –  एक अच्छा बेबी बाथ टब खरीदें। इसके अलावा बेबी टॉवल भी लें। एक टॉवल उसे पोंछने के लिए, जबकि दूसरा टॉवल उसे लपेटने के लिए रखें। इसके साथ ही आप एक बेबी मग और बेबी मैट भी खरीद लें। खास बात ये कि ये सभी सामान अच्छी क्वॉलिटी के होने चाहिए।
  2. सभी सामान तैयार रखें – बच्चे को नहलाने से पहले सभी चीजें (बाथटब, तौलिया, बेबी सोप, और बाथरूम स्टूल) तैयार रखें। ये सब आसपास रहे, तो बेहतर है। इसके अलावा बच्चे को कभी भी बाथटब में अकेला न छोड़ें। दरअसल बच्चा करीब 3 सेमी गहे पानी में भी डूब सकता है।
  3. पानी के तापमान का भी रखें ध्यान - बच्चे को नहलाने से पहले पानी का तापमान जरूर चेक करें। वैसे नहाने के लिए 37 डिग्री सेल्सियस तापमान बेस्ट होता है।
  4. नहलाते समय गुनगुनाएं – संगीत बच्चे के दीमाग के उन हिस्सों के विकास में मददगार होता है, जो उसकी स्मरण शक्ति और देखने और सोचने की क्षमता के लिए जिम्मेदार हैं। नहलाने के क्रम में खेल-खेल में ही बच्चे के दिमाग के विकास और सक्रियता को विकसित करने की कोशिश करें। नहलाते वक्त कोई नर्सरी पोयम या कोई गाना गुनगुनाते रहें।
  5. खेलते हुए नहलाएं – शिशु को नहलाते समय आप उसके साथ पानी में अलग-अलग गतिविधियां करके बहुत कुछ सिखा सकते हैं। जैसे पानी में छपाके मारिए या किसी मग में पानी भरिये। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चा सहज ही अलग-अलग कारणों और उनके परिणामों के बारे में जान जाएगा।

नहाने के ये हैं फायदे

बच्चे को नहलाने के दौरान शरीर पर साबुन लगाती हैं, तो उससे उसे सुगंध का अहसास होता है।

  • इसके अलावा नहाने से पहले या नहाने के दौरान की गई मालिश से बच्चे की चुस्ती फुर्ती बढ़ती है। मालिश से बच्चे का रक्तसंचार बढ़ता है और उसके बाद स्नान करने से उसे अच्छी नींद आती है। 

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