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स्वास्थ्य

अगर हकलाता है बच्चा तो ऐसे करें इस समस्या को दूर

Parentune Support
1 से 3 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Nov 12, 2019

अगर हकलाता है बच्चा तो ऐसे करें इस समस्या को दूर
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

हकलाना एक आम समस्या है, जिससे पूरी दुनिया में करीब 1.5 प्रतिशत लोग पीड़ित हैं। यह कोई रोग नहीं बल्कि मानसिक दोष है। यह जबड़ों की पेशियों के कड़ेपन और होठों की गतिमंदता के कारण होता है। यह समस्या बचपन से शुरू होती है, खासकर 2 साल से 7 साल के बीच। तब इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। दरअसल 2 से 5 साल में बच्चे में बोलने की क्षमता विकसित होती है। इस समय हकलाना या तुतलाना सामान्य है, जो उम्र बढ़ने के साथ ही अधिकतर बच्चों में ठीक हो जाता है। पर 10 साल के बाद भी अगर ये दिक्कत रहे, तो चिंता की बात है। ऐसे में जरूरी है कि इनके शुरुआती लक्षण दिखते ही कुछ घेरलू उपाय करें, इससे बच्चा धीरे-धीरे सही से बोलने लगेगा। इसके अलावा डॉक्टर से सलाह लेना भी बहुत जरूरी है।

इन देसी उपायों से दूर करें समस्या

  1. रोजाना सुबह के समय बच्चे को एक चम्मच देसी घी चटाएं, इससे उसकी हकलाहट जल्दी दूर होगी।
     
  2. काली मिर्च भी आपके बच्चे की हकलाहट को दूर करने में कारगर साबित हो सकता है। बच्चे को 3 काली मिर्च के दाने रोजाना चबाने के लिए दीजिए। काली मिर्च को धीरे-धीरे चबाना है।
     
  3. अगर आपका बच्चा भी हकलाता है, तो इस समस्या को दूर करने के लिए उसे रोजाना 1 हरा व ताजा आंवला खिलाएं, इससे उसकी समस्या दूर होगी। इसके अलावा नियमित रूप से सुबह एक चम्मच सूखे आंवले के पाउडर में एक चम्मच देसी घी को मिलाकर देने से भी हकलाहट धीरे-धीरे दूर हो जाती है।
     
  4. एक चम्मच सौंफ को पीसकर एक गिलास पानी में उबालें। जब पानी एक कप रह जाए, तब इसे छान लें। इसके बाद इसमें मिश्री और एक कप गाय का दूध मिलाकर बच्चे को पीने के लिए दें। रोजाना ये उपचार करने से भी उसका हकलाना ठीक होगा।
     
  5. 16 बादाम को रात भर पानी में भीगने दें। इसके बाद सुबह उनके छिलके उतारकर बारीक करके पीस लें। अब इस पेस्ट को 40 ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर कुछ महीने तक रोजाना बच्चे को खिलाएं। इससे आपके बच्चे के हकलाने की दिक्कत दूर हो जाएगी। इसके अलावा 10 बादाम और 10 काली मिर्च के दाने को मिश्री के साथ पीस लें और फिर 10 दिन तक खाली पेट इसका मिश्रण खाएं, इससे भी काफी राहत मिलेगी।
     
  6. अपने बच्चे को रोजाना सोने से पहले 1 गिलास दूध में छहारे को उबालकर पीने के लिए दें। इस विधि से भी हकलाने की दिक्कत दूर होगी। बस एक बात का ध्यान रखें कि दूध और छुहारा देने के 2 घंटे बाद तक बच्चे को पानी न पिलाएं।
     
  7. इसके अलावा आप 1 चम्मच अदरक के रस में 1 चम्मच शहद मिलाकर बच्चे को चटाएं। इससे तुतलाने व हकलाने की समस्या का समाधान होता है।

ये एक्सरसाइज भी होंगे कारगर साबित

  1. बच्चे को कुछ एक्सरसाइज कराएं। इस कड़ी में सबसे पहले उन्हें कहें कि जितना संभव हो सके, उतना जबड़ा खोलें। जीभ का सिरा ऊपर के तालु से लगाएं। अब इसे सरकाते हुए धीरे-धीरे गले तक ले जाएं। वहां जीभ को कुछ सेकेंड तक रोककर रखें। इसके बाद जीभ को बाहर निकालते हुए ठोड़ी की तरफ जितना संभव हो खींचे। कुछ सेकेंड रुककर 4-5 बार यही प्रक्रिया कराएं।  इससे हकलाने की समस्या में काफी राहत मिलेगी। 
     
  2. निरंतर गाना गाने से भी हकलाना कम हो जाता है। दरअसल इससे सांस व मांसपेशियों पर कंट्रोल बढ़ता है। ऐसे में आप बच्चे को गाना गाने के लिए भी प्रेरित कर सकते हैं।
     
  3. रोजाना सुबह-शाम अपने बच्चे से 12-15 बार ऊं मंत्र का उच्चारण कराएं। उच्चारण से पहले उसे पालथी लगवाकर बैठाएं और हाथों को सीधे करके घुटने पर रखेने को कहें। मन शांत करते हुए आंखें बंद करके नाक से गहरी सांस लेने के बारे में बताएं। इसके बाद जितना लंबा हो सके ऊं का उच्चारण कराएं।
     
  4. बच्चे को बताएं कि वह 2-3 महीने तक किसी किताब को जल्दी जल्दी व तेज आवाज में पढ़ने की कोशिश करे। इससे हकलाना बंद होगा।
     
  5. अपने बच्चे से कहें कि वह रोजाना करीब 30 मिनट खुद से बात करने की कोशिश करे। इससे बोलने का फ्लो बना रहेगा।
     
  6. आखिर में सबसे महत्वपूर्ण बात, अगर आपके बच्चे में हकलाने की समस्या बनी हुई है, तो स्पीच थेरेपिस्ट से जरूर मिलें। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 1
कमैंट्स()
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| Jul 26, 2018

Very nice post

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