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अपने बच्चो का मन कुछ इन तरीको से जीते

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Created by Parentune Support
Updated on Feb 05, 2018

अपने बच्चो का मन कुछ इन तरीको से जीते

कोई भी माता-पिता परफेक्ट नहीं होते हैं। गलतियां करना पैरेंटिंग का ही एक हिस्सा है। बच्‍चे की परवरिश करना बहुत कठिन काम है, इसका निर्वहन करना आसान नहीं होता है। एक अच्छे माता-पिता बनने के लिए आपको अपने बच्चो का मन जितना सिखना होगा |आपको अपने बच्चे का रोल माडल बनाना होगा।बच्चे हर छोटी-बड़ी बातें अपने माता-पिता से ही सीखते हैं, शायद बड़ों को इस बात का अंदाज़ा भी नहीं होता, कि बच्चे आपसे कितना कुछ सीख रहे हैं।

अपने बच्चों का मन जितने के कुछ टिप्‍स

अधिक समय बितायें- हालांकि आज कल माता-पिता के पास अपने बच्‍चे के लिए अधिक समय नहीं होता है, लेकिन यदि आप उनका दिल जितना चाहते हैं तो अपने व्‍यस्‍ततम कार्यक्रम में से अधिक से अधिक समय अपने बच्‍चे के लिए निकालें। ऐसा करने से आप अपने बच्‍चे को और उसकी आवश्यककताओं को समझ सकेंगे। बचपन में आप अपने बच्चे को जो कुछ सिखाएंगे वो उसे आजीवन याद रहेंगे क्युकी अगर इस वक्त आपके रिश्ते मजबूत बनेंगे तो आगे जा कर आपको ज्यादा मुस्किलो का सामना नही करना पड़ेगा |

 

उनके रोल माडल बने -- छोटे बच्चे सबसे ज्यादा अपने माँ-बाप के नजदीक होते है ,आप जैसा व्यवहार करेंगे वो उसकी ही नक़ल करेंगे । आपको पता होना चाहिए, कि आप एक रोल माडल की भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में आपके द्वारा की गलतियों को बच्चे ना दोहरायें इस बात का खास ख्याल रखें। आप जो भी करते हैं बच्‍चे उसको सीखते हैं और उसका अनुसरण भी करते हैं।

बच्‍चे का सम्‍मान करें- अपने बच्‍चे का सम्‍मान करें, ताकि वह भी आपकी तरह दूसरों का सम्‍मान करे। उसे अच्‍छी - अच्‍छी बातें सिखायें, कैसे अच्‍छा आचरण करना चाहिए उसकी जानकारी आप बच्‍चे को बे‍हतर तरीके से दे सकते हैं।


अच्‍छे दोस्‍त बनें- बच्‍चे से एक माता-पिता की तरह नहीं बल्कि एक अच्‍छे दोस्‍त की तरह पेश आयें। बच्‍चा अपने अच्‍छे दोस्‍त से सारी बातें शेयर करता है, इसलिए एक अच्‍छे दोस्‍त की भूमिका आप निभायें। अपने बच्‍चे से अपनी बातें शेयर करें साथ ही हर मामले में उसकी राय भी जानें।


पैरेंटिंग की कला सीखें- याद रखें आपके लिए भी हर नया दिन सीखने का है। हालांकि समय के साथ आप बहुत कुछ सीख सकते हैं, लेकिन पैरेंटिंग की कला सीखें।अच्छे माता-पिता वो होते है जो बच्चो की हर बात को सुनते है| होता यू है की बच्चो के मन मे बहुत से सवाल चल रहे होते है और वो आपसे इन सवालो के जवाब पूछते है|आपकी जिमेदारी ये बनती है की आप बच्चो की सुने और उन्हे जवाब दे| आपका फर्ज बनता है की आप अपने बच्चे को समझने का प्रयास करें, उसकी बातें सुनें और उनको अच्छे से गाइड करे|


जरूरतों को समझें-बच्‍चे की सभी जरूरतों को समझें, उसे पूरा करने की कोशिश कीजिए। बच्‍चे जिद्दी भी होते हैं, ज्‍यादातर बच्‍चे खिलौने और खाने को लेकर जिद कर सकते हैं, ऐसे में उन पर चिल्‍लाने की बजाय उनकी मांगों को पूरा करें।बच्‍चों के लिए शेड्यूल बनायें, उनकी तारीफ कीजिए, बच्‍चों की बात सुनिये, इन तरीकों को आजमाकर आप भी अपने बच्चो का दिल जीत सकते हैं।
 

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