Child Psychology and Behaviour

बच्चों को इस तरह सिखाएं उनकी भावनाओं को समझना और अपनाना

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Updated on Mar 22, 2018

बच्चों को इस तरह सिखाएं उनकी भावनाओं को समझना और अपनाना

भावनाओं को नियंत्रित करने का पहला कदम होता है उन्हें समझना और अपनाना. जब माता-पिता अपनी भावनाओं के बारे में बच्चों के सामने बात करते हैं, तभी बच्चे अपनी भावनाओं को समझना सीखते हैं. बच्चों को अलग-अलग भावनाओं के बारे में सिखाने की शुरुआत आप चार आधारभूत भावनाओं के बारे में बताने से कर सकते हैं.
 

1. ख़ुशी
 

ख़ुशी एक सकारात्मक भावना है, जो प्यार, उत्साह और आनंद के वक़्त महसूस होती है.
 

2. डर
 

डर किसी ख़तरे के वक़्त महसूस होता है. वैज्ञानिक मानते हैं कि जब इंसानों को डर लगता है तो वो कई बार गुस्से में भी तब्दील हो जाता है.
 

3. दुःख
 

कुछ खो जाने पर या निराशा होने पर इंसान को दुःख का एहसास होता है. इसके परिणामस्वरूप भी कई बार लोग गुस्सा महसूस करने लगते हैं.
 

4. गुस्सा
 

  • चिढ़, झुंझलाहट आदि गुस्से के प्रतीक हैं. ऐसा भी होता है कि जब इंसान अपना गुस्सा ज़ाहिर नहीं कर पाता, तो उसे अवसाद हो सकता है.
     
  • बच्चों को इन भावनाओं के बारे में सिखाने के लिए ध्यान दें कि उन्हें कब ये भावनाएं महसूस हो रही हैं और उसी वक़्त उनके बारे में बात करें. उन्हें इनके बारे में और बताएं.
     
  • इसके बारे में उन्हें लेक्चर देने से अच्छा है इसे सवाल-जवाब के ज़रिये समझाया जाए. उन्हें बताएं कि आप भी ये सभी भावनाएं महसूस करते हैं. साथ ही ये भी बताएं कि इन भावनाओं के समय किस तरह रियेक्ट किया जाना चाहिए, गुस्से और दुःख जैसी नकारात्मक भावनाओं को कैसे नियंत्रित करना चाहिए.
     
  • इस तरह बात करने से आपके और आपके बच्चे के बीच का भावनात्मक रिश्ता भी मज़बूत होगा. अगर उनका भाई या बहन है तो उसकी भावनाओं के बारे में भी बात करें. इस तरह वो उनके प्रति भी सहानुभूति महसूस कर पाएंगे और उनके बीच एक सकारात्मक रिश्ता बनेगा.
     
  • आप उन्हें कहानी सुनाते हुए कहानी के किरदारों की भावनाओं के बारे में बता कर उन्हें ज़्यादा सामाजिक बना सकते हैं. ऐसा करने पर उनके साथियों के साथ भी उनका बर्ताव बेहतर होता है.
     

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| Apr 08, 2018

very nice...

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