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स्वास्थ्य

बच्चों को इस तरह योग से जोड़ें

Parentune Support
3 से 7 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jan 01, 2020

बच्चों को इस तरह योग से जोड़ें
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

लगातार खराब होते पर्यावरण व बिगड़ती लाइफस्टाइल की वजह से आजकल बच्चे भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि उनके स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए और उन्हें फिट रखने के लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रखा जाए। शरीर को फिट रखने के लिए व्यायाम व योग जरूरी है। अब सवाल उठता है कि अगर बच्चे योग के लिए तैयार न हों, तो उन्हें किस तरह से योग से जोड़ा जाए। यहां हम बात करेंगे कुछ ऐसे ही उपायों पर जिनके जरिये आप बच्चों को योग से जोड़कर उन्हें तंदरुस्त रख सकते हैं।
 

इस तरह सिखाएं योग
 

  1. सुबह टहलने के लिए अपने साथ ले जाएं – बच्चों को योग व व्यायाम से जोड़ने के लिए जरूरी है कि पहले आप खुद भी इन पर अमल करते हों। इस कड़ी में जब आप सुबह पार्क में टहलने जा रहे हों, तो साथ में बच्चे को भी ले जाएं। जब वह आपके साथ जाएगा और वहां अन्य लोगों को योग करते देखेगा तो उसके मन में भी वैसा करने की इच्छा पैदा होगी।
     
  2. खुद जब योग करें तो बच्चे को पास में बैठाएं – योग करने के दौरान बच्चे को अपने पास बैठाएं। जब आप आसन व प्रणायाम करेंगे, तो आपको देखकर वह भी वैसा करने की कोशिश करेगा। इस तरीके से भी वह योग से जुड़ सकता है। योग करते-करते उसे आसन व प्रणायाम के नामों के बारे में भी बताएं ताकि वह समझ सके।
     
  3. फायदे बताएं – बीच-बीच में योग के फायदे बताना भी जरूरी है। अगर आप बच्चे को योग के फायदे व महत्व बताते रहेंगे, तो वह इसे गंभीरता से लेगा। वह इसे लेकर बोरियत भी महसूस नहीं करेगा।
     
  4. पहले ऐसे आसान कराएं जिनमें उन्हें रोमांच महसूस हो – बच्चे से पहले ऐसे आसन कराएं जिसमें उन्हें रोमांच महसूस हो। जैसे लंबा सांस लेने को कहें, हास्य आसन करवाएं, ओम का उच्चारण करवाएं। इन सबसे वह रोमांचित होगा और एंजॉय करते हुए योग करेगा। इसके अलावा योग के दौरान बच्चे को बोरियत से बचाने के लिए आप लाइट म्यूजिक थीम का सहारा भी ले सकते हैं।  
     
  5. योग से जुड़े वीडियो दिखाएं – इन सबके अलावा बच्चों को बीच-बीच में योग से जुड़े वीडियो भी दिखाएं। हो सकता है कि दूसरों को योग करते देख वह भी उसे सीखे और योग करने लगे।
     

इस बात का रखें ध्यान

वैसे तो प्रणायाम करना बच्चों के लिए पूरी तरह से सेफ है, लेकिन एहतियातन बच्चों को ऐसे प्रणायाम न करने दें, जिसमें उन्हें देर रात तक सांसे रोक कर रखनी हो। कपालभांति प्रणायाम बच्चों से न कराना ही बेहतर है।

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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