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कहीं आपका बच्चा भी किसी व्यसन या नशे की लत का शिकार तो नहीं

Parentune Support
11 से 16 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jun 23, 2018

कहीं आपका बच्चा भी किसी व्यसन या नशे की लत का शिकार तो नहीं

आज के समय में फिल्मों, पैरेंट्स के व्यस्त होने, बुरी संगत व अन्य कारणों से छोटी-छोटी उम्र के बच्चे भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चे पैरेंट्स से चोरी-छिपे तरह-तरह का नशा जैसे स्मोकिंग, ड्रग्स लेना, शराब पीना, तंबाकू-गुटखे, गांजा, अफीम, चरस व हेरोईन जैसी घातक मादक पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। अभिभावकों को इसकी भनक तक नहीं लगती। संयुक्त राष्ट्र संघ के नारकोटिक्स नियंत्रण बोर्ड की वर्ष 2009 की रिपोर्ट के अनुसार 10 से 11 साल के 37 प्रतिशत स्कूली स्टूडेंट्स को अलग-अलग नशे की लत लग जाती है। अगर आप भी पैरेंट्स हैं, तो आपको भी थोड़ा अलर्ट होने की जरूरत है। आपको देखना चाहिए कि कहीं आपका लाडला भी किसी व्यसन या नशे की लत का शिकार तो नहीं है। अगर आप बच्चे पर नजर रखेंगे तो समय रहते उसकी परेशानी का समाधान कर पाएंगे। इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे आखिर नशे की लत क्या है, इसके नुकसान क्या हैं और कैसे अपने बच्चे को इससे दूर रख सकते हैं।

 जानिए क्या है नशे की लत या व्यसन?


वैसे तो जरा सी भी मात्रा में किया गया कोई भी नशा शरीर को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन जब यह लत बन जाए तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। लत का मतलब है कि जिस चीज की लत है, वह जब तक न मिले तो पीड़ित बेचैन और असामान्य रहता है। जब वह चीज उसे मिल जाए, तो वह सामान्य हो जाता है। पर असल में वह शख्स लत की वजह से अंदर से बीमार हो चुका होता है। 

ऐसे नोटिस करें नशे की लत के लक्षण को

किसी चीज की लत से पीड़ित होने पर घबराहट, बेचैनी, चिड़चिड़ापन, गुस्सा आना, मूड अचानक बदलना, तनाव व मानसिक थकान, फैसला लेने में दिक्कत, याददाश्त कमजोर पड़ना, चीजों को लेकर कंफ्यूजन होना, नींद न आना, सिर में तेज दर्द होना, शरीर में ऐंठन, भूख कम लगना, ज्यादा पसीना आना, बिना बीमारी के उल्टी व दस्त आने के लक्षण सामने आते हैं। हालांकि ये लक्षण किसी दूसरी बीमारी के भी हो सकते हैं। पर ऐसी स्थिति दिखने पर पैरेंट्स को अलर्ट होना चाहिए।

नशे के चंगुल में बच्चों के फंसने के ये कारण हो सकते हैं

 

  •  गलत संगत – बच्चों में नशे की लत पर हुए कई रिसर्चों में ये बात सामने आई है कि ज्यादातर बच्चों को नशे की लत गलत संगत की वजह से लगती है। वह अपने सर्कल यानी दोस्तों को अगर नशा करते देखते हैं, तो शुरुआत में उनके कहने या एंजॉय करने के लिए वे नशा शुरू करते हैं और धीर-धीरे ये लत बन जाती है। 
  • अपने बड़ों को नशा करते देखकर – कई बार पैरेंट्स या घर के बड़े सदस्य घर में बच्चों के सामने ही स्मोकिंग या कोई अन्य नशा करने लगते हैं, जो गलत है। दरअसल बच्चे उन्हें ऐसा करते देख पहले तो जिज्ञासावश उन चीजों का टेस्ट लेते हैं। इसके बाद वे इसकी गिरफ्त में पूरी तरह आ जाते हैं।
  • टीवी व फिल्में देखकर – ये भी बच्चे को नशे की लत लगने का एक प्रमुख कारण है। दरअसल टीवी पर आने वाले प्रोग्राम व फिल्मों में कई सीन में हीरो या विलेन स्मोकिंग व ड्रिंक करता दिखता है। बच्चे उन्हें ऐसा करते देख, खुद भी उस चीज का सेवन करने की कोशिश करते हैं।
  • पैरेंट्स का ध्यान न देना – आजकल सिंगल फैमिली का दौर है। इसमें मां-पिता जॉब की व्यस्तता के कारण बच्चे पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते। इस बीच बच्चा गाइडेंस व गार्जियनशिप के अभाव में गलत संगत में आने लगता है और उस संगत में जाकर उसे नशे की लत लग जाती है। उधर अभिभावक बच्चे पर ध्यान नहीं रख पाते कि वे क्या कर रहे हैं। ऐसे में उनकी आदत और खतरनाक होती जाती है।

बच्चों के नशे की लत को इस तरह छुड़ाएं 

 

  •  संयम रखना सिखाएं – लत बेशक किसी भी चीज की हो, उससे मुक्ति पाने के लिए संयम सबसे बेहतरीन उपाय है। अगर बच्चा नशे की लत का शिकार है, तो उसे संयम रखना सिखाएं। उसे बताएं कि अगर जब भी नशे का मन करे, तो मन पर संयम रखे और अपना ध्यान कहीं ओर लगाए।
  • संगत बदलें – क्योंकि बुरी संगत की वजह से ही बच्चे छोटी सी उम्र में ही नशे के आदी हो जाते हैं, ऐसे में पैरेंट्स के लिए जरूरी है कि वे अपने बच्चे की संगत पर नजर रखें और उसके कहीं भी गलत लगने पर उसमें बदलाव कराएं  ।
  • नुकसान के बारे में बताएं – अगर आप चाहते हैं कि बच्चे को इस लत से बाहर लाया जाए, तो इसके लिए आप उसे नशे के दुषप्रभावों के बारे में बताएं। आपका कोई ऐसा जानकार जो नशे की वजह से बर्बाद हो गया हो, उसके बारे में बच्चे को केस स्टडी बताएं।
  • बच्चे से न मंगाए नशे की चीज –  छोटे बच्चे से कभी भी अपने लिए नशे की चीज न मंगाएं। रास्ते में हो सकता है बच्चा जिज्ञासावश उस सामान को टेस्ट करने लगे, इससे धीरे-धीरे यह उसकी आदत बनती जाएगी।
  • संगत बदलें – नशा करने वाले साथियों से बच्चे को दूर रखें। गलत संगत में रहकर बच्चा गलत हो जाता है, इसलिए संगत बदलना जरूरी है। इसके अलावा अगर मेहमान घर में आएं तो बच्चे के सामने नशे की चीज ना परोसें। खुद भी बच्चों के सामने नशा न करें। 
  • बच्चे को रचनात्मक कार्य में व्यस्त रखें – सबसे बेहतर होगा कि आप बच्चे को हमेशा किसी न किसी रचनात्मक कार्य में व्यस्त रखें।
  • डॉक्टर या काउंसलर से भी लें सलाह – इसी के साथ आपको फिजिशियन व काउंसलरों से भी सलाह लेनी चाहिए। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

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