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आपको आपके बचपन में ले जायेगें ये आठ खेल

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संशोधित किया गया Dec 29, 2017

आपको आपके बचपन में ले जायेगें ये आठ खेल

स्मृतियों की गली में कभी कभार घूमना किसे अच्छा नहीं लगता है । चलिए हम आपको आपके बचपन में ले कर चलते हैं । याद करें जब हम सभी बच्चे थे ,तो खेलना पसंद करते थे। अगर आपको याद हो तो हम अधिकतर पारंपरिक भारतीय खेल ही खेला करते थे। लेकिन इधर जब से हमारा परिचय  इनटरनेट के माध्यम से दुनिया से हुआ हैं। इन भारतीय पारंपरिक त्योहारों और खेलों का महत्व घट रहा है। क्योंकि हम आधुनिक तकनीक  के नाम पर पष्चिमी संस्कृति को अपना रहे हैं।

कितने दुख की बात है कि , आज की पीढी के पास इन त्योहारों के लिए समय और न ही इन खेलो को खेलने के लिए मैदान हैं। उनका समय टीवी, वीड़ियो गेम और इंटरनेट सर्फिग में अधिक खर्च होता है। जहां तक बात है खेल के मैदानों की तो वो भी धीरे-धीरे खत्म होते जारहे है , आज पार्को और खेल के मैदानों में कंकरीट के जंगल खड़े होते जा रहे हैं।

हालांकि भारत के पारंपरिक खेल क्षेत्रिय हैं तथा एक दूसरे से भिन्न-भिन्न हैं। लेकिन मेरा मानना है कि पाठक इन खेलों को एक दूसरे से संबधित कर सकते हैं। 

आइए हम इस बारे में पढ़ते हैं और पहचानने की कोशिश करते हैं कि इन खेलों और समारोहों में से कितने हमारे आसपास हैं।
 

लट्टू (स्पिनिंग टॉप)

शीर्ष या लट्टु कताई भारत का सबसे लोकप्रिय सड़क खेल था। यह अभी भी ऊत्तर भारत के शहरों  एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खेला जाता है। लट्टू भारतीय गांवों में बच्चों के लिए जीवन का एक हिस्सा है। इस खेल में लट्टू (शीर्ष) कताई शामिल है - एक ठोस शलजम आकार वाला लकड़ी का खिलौना है , जिसके निचले भाग में एक कील निकली होती है और  ऊपर से नीचे की और खांचे बने होते है। एक कपास की स्ट्रिंग को लट्टु के निचले आधे भाग के आसपास लपेटा जाता है जिससे यह स्पिन बना सकता है।
 

गिल्ली -दंडा

क्रिकेट के बल्ले और गेंद की तरह ही गिली डांडा बिल्कुल वैसा ही खेल होता है इसे बंगाली में दन्गोगोली, कन्नड़ में विहिनी-दंडु, मराठी में विटी-दंडु, तमिल में किट्टी-पुलू और तेलुगू में गोटिबिल्ला कहा जाता है। यह खेल आमतौर पर भारत के ग्रामीण और छोटे शहरों में खेला जाता है। खेल एक गिली और डंडा के साथ खेला जाता है, जो दोनों लकड़ी की छड़ें हैं। दांडा लंबे समय तक (खिलाड़ी के  हाथ में बना रहता है) जो आसानी से स्विंग कर सकता है। गिली छोटी होती है और दोनों पक्षों के मध्य  दंड या गीली के लिए  कोई मानक लंबाई निर्धारत नही होती  है आमतौर पर, गिलली 3 से 6 इंच लंबा है यह भारत के गांवों में लड़कों के बीच एक बहुत लोकप्रिय खेल है। यह क्रिकेट की तरह ही  लोकप्रिय खेल है। 
 

पतंगबाजी

पतंग उड़ना भारत के साथ-साथ एशिया के सबसे लोकप्रिय और रोमांटिक खेलों में से एक है। भारत में पतंग के अनेको रूप  प्रयोग किए जाते है।  पतंग को मांझे नामक सूत के धागे से बांधकर आकाश  में ऊचां उड़ाया जाता है। मांझा ,धागे में कांच के महीन टुकड़े लगाकर बनाया जाता है। भारत में विभिन्न त्योहारों खासतौर से दीवाली के दूसरे दिन पंतगबाजी का विशेष आयोजन होता है। 

 

सटोलिया या पिंथू

यह खेल सस्ता और सरल होने के कारण भारत में बहुत प्रचलित हैं। इसमें बस ज़रूरत है कुछ सपाट छोटे-छोटे पत्थरों की जिनको बडे़ से छोटे क्रम में एक टावर के रूप में सजाया जाता है। फिर एक रबड की गेंद से एक निष्चित दूरी से पत्थर के टावरों को गिराया जाता है। उत्तर भारत में यह खेल पिंथू के नाम से जाना जाता है। 
 

कांच की गोली

कांच की गोली का यह खेल भारत के तमाम क्षेत्रों में किसी न किसी रूप में खेला जाता है। इसकी कार्यप्रणाली यह है कि एक कांच की गोली से निश्चित  दूरी पर रखें कई दूसरी कांच की गोलियों को लक्ष्य बनाकर निशाना  लगाया जाता है। विजेता शेष  सभी खिलाड़ियों की कांच की गोली ले लेता है।
 

कबड्डी

कबड्डी एक प्राचीन पारंपरिक खेल है जो 4,000 साल पहले खेला गया था। इस गेम को खेलने के लिए 12.5 मीटर गुणे  10 मीटर के आसपास खेलने के क्षेत्र की जरूरत होती है ।  प्रत्येक विरोधी टीम में 12 लोगों की आवश्यकता होती है। इसकी शुरुआत  का कोई  रिकॉर्ड नहीं हैं, लेकिन इतिहासकारों का दृढ़ विश्वास है कि यह गेम भारतीय सैनिकों को अपने आत्मरक्षा कौशल सुधारने में मदद करने के लिए विकसित किया गया था। प्रत्येक टीम क्षेत्र के विपरीत हिस्सों में रहती है यह मूल रूप से एक आक्रामक खेल है। एक समय में मैदान पर सात खिलाड़ियों के साथ, जबकि अन्य पांच आरक्षित रहते हैं हालांकि, कबड्डी को एक अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में मान्यता दी गई है लेकिन फिर भी इसमें उस आकर्षण का अभाव अभी भी है जो इसे पहले ऊंचाईयों पे ले जा रहा था।
 

छुपा-छुापई

इस गेम को छिपाना- द- तलाश के रूप में भी जाना जाता है हालांकि इन सभी प्रतिभागियों को पकड़े जाने की आवश्यकता होती है। एक व्यक्ति को पकड़ लिया जाता है और वह दूसरे छिपे हुए सहभागियों को पकड़ने की कोशिश करता है।
 

कैरम

यह एक इनड़ोर और बहुत ही प्रसिद्ध खेल है। इस खेल में एक समय में कम से कम दो खिलाडी और अधिक से अधिक चार खिलाड़ी खेल सकते हैं। इस खेल की विशेषता यह है कि यह खिलाड़ियों को ध्यान केन्द्रित करने में सहायता करता है।

इन खेलों को दोबारा अपना कर आप जहा तनाव से मुक्ति पा सकेगें वही अपने परिवार और दोस्तों से कम होते जारहे संवाद को दोबारा स्थापित कर पायेगें। इन खेलों मे आप अपने बच्चों को भी अवष्य शामिल  करें । धीरे-धीरे आप पायेगें कि वे आप से खुल कर संवाद करेगें जो कि उनके मांनसिक विकास में सहयोग करेगा।

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