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दूसरा बच्चा आने के पहले करें कुछ इस तरह प्लानिंग

Anubhav Srivastava
1 से 3 वर्ष

Anubhav Srivastava के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 13, 2018

दूसरा बच्चा आने के पहले करें कुछ इस तरह प्लानिंग

“मम्मी मुझे कोई छोटी बहन या भाई ले आओ “। आपका बच्चा यदि ऐसे बातें बोल रहा है और आप नए बच्चे के आगमन की प्लानिंग कर रहे है तो आइयें हम आपको दुसरे बच्चे की प्लानिंग से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातो से अवगत कराते है | 

यदि आपका पहला बच्चा बहुत छोटा हो तो ज्यादातर समय उसकी देखभाल को लेकर ही निकलता है जैसे की उसे नहलाने-धुलाने, दूध पिलाने और सुलाने में। ऐसे में ज़रूरी है की आप बच्चो में सही अंतर दे ताकि दोनों बच्चो का पालन पोषण अच्छे से हो सके|
 

दूसरे बच्चे की प्लानिंग से जुड़ी अहम बातें/ Important Things Related To Planning Another Child In Hindi

दूसरे बच्चे की प्लानिंग से जुड़ी इन खास बातों पर ध्यान देना आपके लिए जरूरी है। 

  1. बच्चे का जीवन में आना माता पिता के लिए सबसे ख़ुशी की बात है परन्तु किसी भी बच्चे के पालन पोषण तथा उसके उत्तम भविष्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यकताओं की पूर्ती और महत्वपूर्ण हो जाती है | ऐसे में ज़रूरी है की आप सही आंकलन करें की दुसरे बच्चे का आपके जीवन में आना कितना ज़रूरी है ?
     
  2. कई बार हम पारिवारिक तथा अपने घर के मौहोल में सही फैसला नहीं ले पातें  इसिलए एक ज़िम्मेदार माता पिता के हैसियत से यह बेहद ज़रूरी है की आप यह निर्णय खूब सोच समझ के लें, ना की किसी दबाव में।
     
  3. पहले बच्चे के अकेलेपन को दूर करने के लिए यदि आप दुसरे बच्चे के आगमन के लिए सोच रहे है तो यह एक उचित बात है । बच्चे आपस में बहुत घुल मिलकर बड़े होते है तथा ऐसे बच्चो में सहनशीलता तथा समाज में रहने की भावना का विकास औरो के अपेक्षा बेहतर होता है ।
     
  4. आर्थिक रूप से दुसरे बच्चे की प्लानिंग करना बेहद महत्वपूर्ण है,  एक ज़िम्मेदार माता पिता के हैसियत से अपने बच्चे की सारी ज़रूरतों को पूरा करने की ख़ुशी अपने आप में एक सुखद एहसास है। अपनी प्लानिंग में,  बच्चे के पैदा होने से लेके उसके उज्जवल भविष्य तक की ज़रूरतों का सही आंकलन करें।  ख़ास कर की वह माता पिता जो की बड़े शहरों में है उनके लिए बहुत ज़रूरी है की वह पहले से इन बातो को समझ बूझ कर ही निर्णय लें।
     
  5. ज़्यादा लेट करने से हो सकती है स्थिति चुनौतीपूर्ण ! यदि आप बच्चे के आगमन के निर्णय सही समय पर नहीं लेते है तो बढ़ती उम्र तथा पहले और दूसरे बच्चे के उम्र में बढ़ते अंतर के साथ स्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उदाहरण के तौर पे ज़्यादा अंतर होने की वजह से बच्चो का आपस में तालमेल में कमी होना, तथा माता पिता के लिए उनके परवरिश पर अलग अलग ध्यान देना कुछ प्रमुख बातें है |

बच्चो के साथ में होने के है अनेको फायदें, जैसे की उनके जीवन के अनेको अनुभवों का समान्तर होना  साथ ही साथ उनके खिलौने, साथ में पढ़ने की भावना का विकास होना ऐसी कुछ महत्वपूर्ण बातें है |

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  • 1
कमैंट्स()
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| Jul 25, 2018

mera beta thik se nhi bolta with two year ka h kya krur

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