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पेरेंटिंग स्वास्थ्य

खांसी, बुखार और सिरदर्द में बच्चों को शतावरी कैसे दें? शतावरी का प्रयोग कैसे करें?

Supriya Jaiswal
3 से 7 वर्ष

Supriya Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jun 18, 2020

खांसी बुखार और सिरदर्द में बच्चों को शतावरी कैसे दें शतावरी का प्रयोग कैसे करें
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

शतावरी एक वसंत ऋतु का सब्जी है जो कि लिली (लिलीसेए) परिवार के अंतर्गत आता है। सदियों पहले, मूत्र प्रवाह बढ़कर गुर्दे को साफ करने और गुर्दे की पथरी को रोकने के लिए इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल रोमनों और यूनानियों द्वारा किया जाता था तथा एशिया में, शतावरी का उपयोग तंत्रिका संबंधित समस्याओं, खांसी और दस्त के इलाज के लिए किया जाता था। शतावरी एक स्वस्थ पोषक तत्व समृद्ध वनस्पति है जिसमें वसा और कोलेस्ट्रॉल नहीं होती है। इसमें बहुत कम कैलोरी और सोडियम होता हैं। शतावरी  के  डंठल  आमतौर  पर  एक  सब्जी  के  रूप  में  खाए  जाते हैं। इसकी जड़ें, बीज और अर्क का उपयोग विभिन्न बीमारियों के लिए किया जाता है। शतावरी कई लाभ प्रदान करता है।

इसमें कई सारे विटामिन और खनिज पाए जाते है। इसमें विटामिन ए, सी, ई, के, और बी 6, साथ ही फोलेट, लौह, तांबा, कैल्शियम, प्रोटीन, और फाइबर पाया जाता है ,जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आप इसे जैतून का तेल में पास्‍ता के साथ खाया जा सकता है। साथ ही इसे टमाटर और ग्रीन सलाद के साथ भी उपयोग में लिया जा सकता है।इसका उपयोग चूर्ण के रूप में भी किया जाता हैं।

क्या हैं शतावरी के फायदे?/What Are the Benefits of Asparagus in Hindi 

सरदर्द, बुखार व खांसी एक ऐसी बिमारी होती है जो किसी को कभी भी हो सकती है। इसके लिए शतावरी एक ऐसा इलाज है जिसके सेवन से इन बिमारियों से बचा जा सकता है।इसमें विटामिन ए, सी, ई, के, बी 6, फोलेट, लोहा, तांबे, कैल्शियम, प्रोटीन, और फाइबर जैसे विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं।

कैसे करें शतावरी का प्रयोग खांसी होनें पर?

खांसी की समस्या होनें पर शतावरी के रस में अडूसे का रस मिलाएं व इसमें स्वादानुसार मिश्री मिलाकर खाने से खांसी की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। आपकों बता दें की अगर आपके बच्चे को सूखी खांसी है तो यह रामबाण माना जाता है। है। वहीं अगर किसी को लंबे समय से खांसी की परेशानी है और कफ के साथ खून भी आता है तो इससे राहत मिलती है।

बुखार होनें पर बच्चो को शतावरी कैसे दें? 

बुखार आने पर शतावरी और गिलोय का रस गुड़ में मिलाकर लेने से तुरंत आराम मिलता है। इसके उपयोग से तेज बुखार मे भी तुरंत आराम मिलता है| हालांकि खाने शुरूआत में खाने के दौरान हमारे मूत्र त्यागते समय दुर्घंध आने की शिकायत रहती है।पर धीरे धीरे यह कम हो जाती है।

सिरदर्द में शतावरी का प्रयोग कैसे करें?

सिरदर्द के लिए शतावरी बहुत काम की दवाई मानी गई है। सिरदर्द मे काम लेने के लिए शतावरी को कूट कर रस निकाल लीजिए। अब इसमें तिल का तेल मिलाकर सिर पर मालिश करिए आप देखंगे की आपका सिरदर्द बंद हो जाएगा। साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दै कि इससे आधाशीशी रोग में भी फायदा मिलता है।

सरदर्द ,बुखार व खांसी एक ऐसी बिमारी होती है जो किसी को कभी भी हो सकती है। इसके लिए शतावरी एक ऐसा इलाज है जिसके सेवन से इन बिमारियों से बचा जा सकता है।इसमें विटामिन ए, सी, ई, के, बी 6, फोलेट, लोहा, तांबे, कैल्शियम, प्रोटीन, और फाइबर जैसे विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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| Jul 26, 2018

Phli bar pta chla asparagus ko shtvari khehte hain

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| Jul 27, 2018

Satawari buhut achhi ayurvedic aosadhl nhi h

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Sadhna Jaiswal

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