पेरेंटिंग बाल मनोविज्ञान और व्यवहार

भाई-बहन के बीच दोस्ती बनाये रखनी हो, तो उन्हें सिखाएं ये बातें

Parentune Support
7 से 11 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jun 27, 2018

भाई बहन के बीच दोस्ती बनाये रखनी हो तो उन्हें सिखाएं ये बातें

हर भाई बहन का रिश्ता अलग होता है, कुछ ज़्यादा लड़ते हैं तो कुछ कम और कुछ लड़ते ही नहीं. भाई बहन आपस में दोस्त बन कर रह सकें तो इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता. अगर आपके बच्चों में दोस्ती कम और लड़ाइयां ज़्यादा हैं तो आपको उनके रिश्ते मधुर बनाने की कोशिश करनी चाहिए. भाई-बहनों के बीच भी जितने ज़्यादा सकारात्मक पल बीतें उतना अच्छा होता है. इसके लिए ये टिप्स आज़माएँ.

1. उन्हें साथ खेलने का समय दें. उन्हें ऐसे कामों में लगायें जिन्हें वो दोनों एन्जॉय करते हों. अगर उम्र का अंतर ज़्यादा हो तो भी आपको ऐसे काम उनके लिए ढूँढने चाहियें. उदाहरण के लिए, उन्हें साथ में आर्ट करने का मौका भी दें.

2. अगर वो साथ में खेलते हुए खुश हैं तो उन्हें रोकें नहीं. जैसे कहते हैं कि सोते हुए बच्चों को नहीं जगाना चाहिए उसी तरह साथ खेलते बहन-भाइयों को भी नहीं रोकना चाहिए. जब वो साथ खेलते हैं, तब उनके संबंधों में मज़बूती आती है.

3. हंसने पर ऑक्सीटोसिन नाम का हार्मोन बनता है. उन्हें साथ खेलने, डांस करने और एन्जॉय करने के लिए प्रेरित करें, ताकि को वो ज़्यादा से ज़्यादा साथ हंस सकें.

4. वो साथ समय बिता सकें इसके लिए एक समय तय कर दें. जब वो दिन का एक निश्चित समय साथ बितायेंगे तो उनके बीच की दूरी कम होगी.

5. जब उनका दिन बहुत अच्छा न जा रहा हो तो उन्हें कोई ऐसी एक्टिविटी करने को प्रेरित करें जिसमें उन्हें मज़ा आये. उनसे मिल कर आपकी मदद करने को कहें.

6. उन्हें प्यार जताने की अहमियत के बारे में बताएं. बड़े बच्चे से आप छोटे बहन/भाई को कहानी सुनाने या कुछ सिखाने के लिए भी कह सकते हैं.

7. उन्हें एक दूसरे का ख़याल रखना सिखाएं. उन्हें सिखाएं कि भाई-बहन हमेशा एक-दूसरे की मदद करते हैं. जब एक को चोट लगे, तो खेलना रोक कर दूसरे को उसकी मदद करनी चाहिए. अगर एक की वजह से दूसरे को चोट लगी हो तो मरहम पट्टी में उसकी मदद लें.

8.  उन्हें एक टीम की तरह रहना सिखाएं, बच्चों में टीम स्पिरिट होना बेहद ज़रूरी है. उन्हें एक-दूसरे का प्रतिद्वंदी न बनने दें.

9. जब भी वो एक दूसरे के लिए कुछ अच्छा करें, उन्हें सराहें. इससे उन्हें आगे भी अच्छा करते रहने का प्रोत्साहन मिलेगा.

10. उनकी समस्याओं को इस तरह सुलझाएं कि कोई भी बच्चा ख़ुद को ग़लत न समझे. उन्हें बताएं कि लड़ाई-झगड़े हर रिश्ते में होते हैं. किसी भी बच्चे की साइड न लें. उन्हें झगड़ा सुलझाने के सही तरीक़े बताएं, जैसे बात करना, एक-दूसरे की बात सुनना और उसका सम्मान करना.

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