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भारत के 'योगयात्रा' की कहानी आप अपने बच्चे के साथ जरूर शेयर करें

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7 से 11 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jun 21, 2018

भारत के योगयात्रा की कहानी आप अपने बच्चे के साथ जरूर शेयर करें

योग मुख्यतः संस्कृत का शब्द है इसकी उत्पात्ति ऋग्वेद से हुई है|  ऋग्वेद में योग की व्याख्या करते हुए यह बताया गया है कि वह शक्ति जिससे हम अपने मन, मस्तिष्क और शरीर को एक सूत्र में पिरो सकते हैं|योग ने बहुत लम्बी यात्रा की है और भारत से इसका बहुत ही गहरा सम्बन्ध है | आज विश्व में शायद ही कोई ऐसा देश हो जहां के लोग योग के बारे में नहीं जानते होंगे | विदेशों में योग का जबर्दस्त क्रेज है | इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में हमें अपने बच्चो को योग के बारे में बताना चाहिए |

 


 

योग की शुरुआत -- योग का इतिहास आज से लगभग 5000 साल पुराना है | भारत में इसकी शुरुआत का श्रेय महर्षि पतंजलि को दिया जाता है | भारतीय ऋषियों ने आज से लगभग 5000 साल पहले ही इसे मनुष्य के शारीरिक, मानसिक, और बौद्धिक विकास के लिए बहुत जरूरी बताया था| उनके मुताबिक ईश्वर और मनुष्य के बीच सम्बन्ध स्थापित करने के लिए, योग एक प्रमुख साधन है|

योग का अंतर्राष्ट्रीय सफ़र -- विदेशों में इसके प्रचार और प्रसार का श्रेय मुख्यतः स्वामी विवेकानंद को दिया जाता है|  स्वामी विवेकानंद ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान भारत की वैदिक संस्कृति के बारे में लोगों को जानकारी दी थी। |उनके इस प्रयास से प्रेरणा लेकर कई योग गुरुओं ने पश्चिमी देशों में इसका प्रचार प्रसार करने का निर्णय लिया था | साल 1980 तक पश्चिमी देशों में कई योग शिविरों का आयोजन होने लगा था, और कुछ समय बाद ही वहां के लोग योग को शारीरिक और मानसिक मजबूती के लिए बहुत जरूरी मानने लगे |

भारत के प्रसिद्ध कुछ योग गुरु -- महर्षि पतंजलि को फादर ऑफ योगा कहा जाता है। महर्षि पतंजलि ने योग के 195 सूत्रों को प्रतिपादित किया, जो योग दर्शन के स्तंभ माने गए। इन सूत्रों के पाठन को भाष्य कहा जाता है। महर्षि पतंजलि ने अष्टांग योग की महिमा को बताया, जो स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण माना गया | आज योग को देश के गांव-गांव और विदेश में इतने बड़े स्तर पर पहुंचाने का श्रेय बहुत हद तक बाबा रामदेव को जाता है। योगगुरु बाबा रामदेव ने कपालभाती और अनुलोम विलोम व्यायाम को नए रूप में पहचान दिलाई। उन्होंने योग को टीवी के माध्यम से लोगों के दहलीज तक पहुंचाया। स्वामी विवेकानंद , श्री अरविंदो अरविंद , स्वामी शिवानंद, के. पट्टाभी जोईस , बीकेएस अयंगर, तिरुमलाई कृष्णमचार्य ,महर्षि महेश योगी आदि योग गुरुओं ने योग को विश्वव्यापी पहचान दिलाई |

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस -- 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मान्यता दी और 21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। विश्व योग दिवस के अवसर पर 192 देशों में योग का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की लोकप्रियता दिलाने में बहुत हद तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी श्रेय जाता है। इस अवसर पर दिल्ली में एक साथ 35985 लोगों ने योग का प्रदर्शन किया, जिसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे और भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का।

 

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