• लॉग इन करें
  • |
  • रजिस्टर
शिक्षण और प्रशिक्षण

क्यों होता है बिछिया पहनना नव-विवाहिता के लिए जरूरी?

Parentune Support
0 से 1 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Mar 17, 2020

क्यों होता है बिछिया पहनना नव विवाहिता के लिए जरूरी
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

बिछिया पहनना महिलाओं के 16 श्रृगांर में शामिल है और आमतौर पर इसे पैरों में बीच की तीन उंगलियों में पहना जाता है।

औरत का शरीर ज्यादा कोमल और संवेदनशील होने की वजह से शरीर में होने वाले हारमोनल बदलाव औरतों के तन-मन पर काफी असर करते हैं। ऐसे में महिलाओं की सेहत की रक्षा करने के उद्देश्य से पुराने समय में ऋषि-मुनियांे और वैद्यों ने शरीर के खास अंगो पर गहने पहनने की पंरपरा शुरू की और पैर की उंगलियों में पहने जाने वाली बिछिया भी इन्ही में से एक है।

महिलाओं का बिछिया पहनना केवल उनके सुहागन होने की निशानी भर नहीं होता बल्कि इसे पहनने के वैज्ञानिक कारण भी है। आइए जाने उन बातों को, जिनकी वजह से विवाहित महिलाओं का बिछिया पहनना अच्छा माना जाता है-

  • हिंदू धर्म के अनुसार सोने के गहने गर्मी सूर्य के तेज और चांदी के गहने चंद्रमा की शीतलता का प्रतीक माने जाते हैं इसलिए कमर के ऊपर सोने और कमर से नीचे के अंग में चांदी के आभूषण पहने जाते हैं।
     
  • बिछिया आमतौर पर चांदी से बनी होती हैं। महिलाओं को पैर में चांदी के गहने जैसे बिछिया पहनना शरीर में उष्मा (गर्मी) और शीतलता (ठंडक) का संतुलन बनाये रखता है।
     
  • चांदी को ऊर्जा का अच्छा प्रवाहक माना जाता है। पैरों में बिछिया पहनने से पृथ्वी की कुदरती ऊर्जा ठीक होकर शरीर में आती है जो मानसिक तनाव को कम करने में मददगार होता है और तन-मन तरोताजा बना रहता है।
     
  • पैरों की दूसरी और तीसरी उंगली में बिछिया पहनने से सिएटिक नस का दबाव बढ़ता है जिससे आसपास की नसें जो गर्भाशय और प्रजनन तंत्र से जुड़ी होती हैं, में खून का प्रवाह ठीक रहता है और गर्भाशय का संतुलन बना रहता है। आयुर्वेद व चीनी एक्यूप्रेशर चिकित्सा में बिछिया पहनना महिलाओं की जन्म देने की ताकत बढ़ाने के लिए अहम् माना गया है।
     
  • बिछिया एक्यूप्रेशर का भी काम करती है जिससे तलवे से लेकर नाभि तक की सभी नाड़ियों और पेशियां सुदृढ़ बनी रहती हैं। दोनों पैरों में पहनने से महिलाओं का मासिक चक्र नियमित बना रहता है।
     
  • मछली की आकार की बिछिया सबसे असरदार मानी जाती है. मछली का आकार मतलब बीच में गोलाकार और आगे-पीछे की ओर कुछ नोकदार बिछिया पहनना महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 9
कमैंट्स ()
Kindly Login or Register to post a comment.

| Oct 07, 2017

मुझे बिछिया पहनने के इतने सारे फायदे का पता नही था। वैसे ही अच्छा लगने के लिये पहन लेती हूं कभी कभी। धन्यवाद इतने सारे गुणों से अबगत कराने के लिये।

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Oct 12, 2017

Wow nice. thank for knowledge.

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Oct 14, 2017

Nice information

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Oct 15, 2017

Grt information.. Thnks alot

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Oct 16, 2017

Great imformation

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Oct 20, 2017

I agree, but keval suhagan aurato ko hi jaruri aur baakiyo ko nahi... Kyu?

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Oct 22, 2017

@Tapi Gupta actually post marriage a new bride undergoes more changes at energy levels which could be better controlled through these measures

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Nov 13, 2017

Good information

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Mar 29, 2020

  • Reply
  • रिपोर्ट
+ ब्लॉग लिखें
Sadhna Jaiswal

आज के दिन के फीचर्ड कंटेंट

गर्भावस्था

Ask your queries to Doctors & Experts

Download APP
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}