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स्वास्थ्य

क्या स्तनपान कराने से कैंसर जैसी अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है?

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 01, 2020

क्या स्तनपान कराने से कैंसर जैसी अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

नवजात शिशु के मन में अनेक तरह के सवाल आते रहते हैं खास तौर से स्तनपान को लेकर। एक मां होने के नाते आपके मन में भी ये सवाल कभी ना कभी जरूर आया होगा कि बीमार होने की अवस्था में क्या बच्चे को स्तनपान करा सकते हैं? तो चलिए इस ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं कि स्तनपान कराने से आप किस तरह की खतरनाक बीमारियों से बच सकती हैं, स्तनपान कराने से किस प्रकार के फायदे होते हैं और इसके साथ ही ये भी जानना महत्वपूर्ण है कि किस प्रकार की बीमारियों के दौरान आपको स्तनपान नहीं कराना चाहिए?

क्या कैंसर के खतरे को भी कम करता है स्तनपान? / Breastfeeding lowers your breast cancer risk In Hindi

ब्रेस्टफीडिंग कराने से ना सिर्फ शिशु बल्कि मां की सेहत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बिहार के बेगूसराय के ISDS डीपीओ रचना सिन्हा के मुताबिक नवजात शिशु के जन्म लेने से लेकर 6 माह तक शिशु के लिए मां का दूध बहुत आवश्यक है। रचना सिन्हा बताती हैं कि इससे मां में ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर का खतरा कम हो जाता है। 

  • मां के दूध से बच्चे की तमाम जरूरतें पूरी होती है। मां के दूध के प्रभाव से बच्चे को डायरिया और निमोनिया जैसी बीमारी का खतरा भी 11 से 15 गुना तक कम हो जाता है। 

  • आईसीएमआर की हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक अपने देश में महिलाओं को सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बना होता है। WHO ने कोरोनाकाल में भी ब्रेस्टफीडिंग नहीं रोकने की सलाह दी है।

  • WHO के मुताबिक अगर मां कोरोना संक्रमित है तो भी वह स्तनपान करा सकती है हालांकि इसके साथ ही कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। 

    कोरोना संक्रमित मां बच्चे को स्तनपान कराते समय किन बातों का रखें ध्यान?/ Coronavirus Disease and Breastfeeding In Hindi

  • कोरोना संक्रमित मां स्तनपान कराते समय में मास्क जरूर पहनें

  • बच्चे को स्पर्श करने से पहले और बाद में अपने हाथों को अच्छे से धोएं।

  • हां अगर स्तनपान कराने की स्थिति में नहीं हैं तो एक्सप्रेसिंग मिल्क या डोनर ह्यूमन मिल्क का भी प्रयोग कर सकती हैं।

डॉक्टरों के मुताबिक नवजात शिशु के जन्म लेने के तुरंत बाद मां का पहला दूध को कोलोस्ट्रम कहते हैं। मां के पहले दूध में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। मां का पहला दूध शिशु के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि ये बच्चे की इम्यूनिटी पावर को बढाता है और कई प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए संक्रमणों से सुरक्षा करता है। 

स्तनपान कराने से मां को होने वाले फायदे

अब हम आपको बताने जा रहे हैं कि स्तनपान से मां को किस प्रकार के लाभ मिलते हैं।

  1. डॉक्टरों के मुताबिक स्तनपान कराने से मां में ब्रेस्ट ओवेरियन कैंसर, टाइप 2 डायबिटीज और हृदय से संबंधित बीमारियों का खतरा कम करता है। आंकड़ों के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर से होने वाली तकरीबन 20 हजार मौतें सिर्फ बच्चे को स्तनपान कराकर ही रोके जा सकते हैं।

  2. स्तनपान कराने से मां की कैलोरी बर्न होती है औऱ इस प्रकार से डिलीवरी के बाद उनका वजन कम करने में भी मदद मिलती है। स्तनपान के दौरान ऑक्सीटोसीन नामका तत्व निकलता है और इसके चलते महिलाओं का तनाव भी कम होता है।

  3. WHO के निर्देशों के मुताबिक बच्चे को जन्म से लेकर 6 महीने तक निश्चित रूप से स्तनपान कराना चाहिए। 6 महीने के बाद ही बच्चे को सेमी सॉलिड फूड जैसे की दाल का पानी, केला इत्यादि खिलाना शुरू करना चाहिए। मां का दूध बच्चे के 2 साल के होने तक पिलाया जा सकता है। 

  4. डॉक्टरों के मुताबिक मां अपने एक स्तन से बच्चे को 10 से 15 मिनट तक दूध पिला सकती हैं। 

  5. स्तनपान के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखना विशेष रूप से जरूरी है। 

  6. स्तनपान कराने वाली मां अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, दही, पनीर, टमाटर, नारियल पानी, दूध, लस्सी, जूस, ड्राई फ्रूट्स, दाल, इत्यादि शामिल कर सकती हैं।

किन परिस्थितियों में स्तनपान नहीं कराना चाहिए?/ When Not to Breastfeed: Safety Issues 

विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ परिस्थितियों में मां को अपने शिशु को स्तनपान कराने से परहेज रखना चाहिए।

  1. अगर मां HIV पॉजिटिव है, टीबी की मरीज है, कैंसर के इलाज के दौरान कीमोथेरेपी ले रही हैं तो स्तनपान नहीं कराना चाहिए।

  2. गैलेक्टोसीमिया बीमारी जिसमें बच्चा दूध में मौजूद शुगर को पचा नहीं पाता है, अगर ये दुर्लभ बीमारी बच्चे को है तो भी स्तनपान नहीं कराना चाहिए

  3. स्तनपान कराने वाली मां अगर माइग्रेन, पार्किंसन, या आर्थराइटिस जैसी बीमारियों के लिए दवा का सेवन कर रही है तो पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करके ही स्तनपान कराएं।

कुल मिलाकर आप इसको ऐसे समझिए कि स्तनपान कराने से मां की फिटनेस भी बनी रहती है औऱ कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी कम होता है।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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कमैंट्स ()
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| Sep 03, 2020

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| Sep 07, 2020

Thenx

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