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अगर पहला बच्चा सिजेरियन (Cesarean) से हुआ हैं तो क्या दूसरी डिलीवरी भी सिजेरियन ही होगी?

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संशोधित किया गया Dec 18, 2018

अगर पहला बच्चा सिजेरियन Cesarean से हुआ हैं तो क्या दूसरी डिलीवरी भी सिजेरियन ही होगी

अगर आपका पहला बच्चा सिजेरियन आपरेशन कराकर हुआ है और आप दुबारा माँ बनने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके मन में कई तरह के सवाल उठ रहे होंगे। सिजेरियन के बाद दुबारा माँ बनने की प्लानिंग करते समय आपके मन में यह सवाल आ रहे होंगे की, आपका दूसरा बच्चा सिजेरियन से होंगा या उसकी डिलीवरी नार्मल होंगी ? दूसरे बच्चे में कितने समय का अंतराल ठीक रहेगा ? आपको किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए और पहली प्रेगनेंसी के समय जिन समस्यों का आपने सामना किया उनसे बचने के लिए इस बार आपने क्या सावधानी बरतनी चाहिए ?

ऐसे कई सवाल आपके और आपके परिवार से जुड़े कई लोगों के मन में आ सकते हैं। प्रेगनेंसी हर माँ-बाप और परिवार के सदस्यों के लिए ख़ुशी का और साथ ही जिम्मेदारी का विषय होता हैं। हमारी कोशिश यही होती है की प्रेगनेंसी के समय और प्रेगनेंसी के बाद माँ और बच्चे का स्वास्थ्य ठीक रहे और उनकी ग्रोथ अच्छी रहे।

पहला बच्चा सिजेरियन से होने के बाद दुबारा माँ बनने की प्लानिंग करते समय उठने वाले सवालों का जवाब निचे दिया गया हैं :
 

गर्भवती महिला का आहार कैसा होना चाहिए ? Diet Tips for Moms during Pregnancy in Hindi 

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला ने अपने खान-पान में विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस समय समतोल पौष्टिक आहार लेवा आवश्यक होता हैं। आहार में प्रोटीन, फोलिक एसिड और विटामिन अवश्य होना चाहिए। इन तत्वों की कमी से माँ और गर्भ में पल रहे बच्चे को दिक्कत हो सकती हैं।

  • प्रोटीन : दाल, दूध, दही, अंडा, मूंगफली, पनीर अधिक ले। अगर आपको डायबिटीज नहीं है तो रोजाना आप एक रसगुल्ला भी खा सकते हैं। प्रोटीन हाई रिस्क प्रेगनेंसी फैक्टर जैसे की यूटेरस व शारीरिक कमजोरी को दूर करने में अहम भूमिका निभाता हैं। 
  • विटामिन ; विटामिन ए, ई, बी6 के लिए भोजन में हरी पत्तेदार सब्जी, फल और दूध का समावेश करे। 
  • आयरन : पालक, गुड़, मेथी, मूंगफली, बथुआ, तरबूज, ब्रोकोली, सोयाबीन, हरे मटर में आयरन प्रचुर मात्रा में होता हैं। 
  • कैल्शियम : कैल्शियम की पूर्ति दूध और उससे बने पदार्थों से करे। बच्चो के मजबूत हड्डी के विकास के लिए यह जरुरी हैं। 
  • फोलिक एसिड : फोलिक एसिड के लिए अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जी और दालों का समावेश करे। 
  • पानी : प्रतिदिन कम से कम 8 से 10 ग्लास उबला या फ़िल्टर पानी अवश्य पिए। आप घर पर बने हुए ताजे फलों का रस भी पि सकते हैं। जहा तक हो बाहर का पानी न पिए इससे इन्फेक्शन फैलने का खतरा रहता हैं। 

गर्भवती महिला ने अपने आहार में क्या परहेज करना चाहिए ? Foods to avoid during pregnancy in Hindi

  • गर्भवती महिला ने अपने आहार में पपीता, अनानास, अधिक मिर्च-मसाले वाले पकवान और फास्टफूड से दुरी बनाकर रखना चाहिए। 
  • जो चीजे आपके प्रकृति को सूट न करे ऐसा आहार नहीं लेना चाहिए। 
  • अगर आपका ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक रहता है तो आहार में अधिक नमक वाले पदार्थ जैसे अचार, पापड़, आइसक्रीम, चिप्स और सॉस जैसे पदार्थों को शामिल न करे। 
  • डायबिटीज होने पर मीठी चीजो से परहेज करे। 
  • एक साथ अधिक आहार लेने की जगह हर 2 से 3 घंटों पर हल्का आहार लीजिये। 
     

गर्भवती महिला ने क्या व्यायाम करना चाहीए? Exercise during pregnancy in Hindi 

  • गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग वाक और योग जैसे हलके व्यायाम करे। 
  • अधिक परिश्रम वाले व्यायाम नहीं करना चाहिए। 
  • ध्यान रखे की अगर आपको अस्थमा, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज,ब्लीडिंग या अन्य कोई परेशानी हैं तो कोई भी व्यायाम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की राय अवश्य लेना चाहिए। 
     

अगर पहला बच्चा सिजेरियन (Cesarean) से हुआ हैं तो क्या दूसरी डिलीवरी भी सिजेरियन ही होगी? 

अगर आपका पहला बच्चा सिजेरियन से हुआ है और यदि इस डिलेवरी के समय कोई बड़ी दिक्कत नहीं है तो यह डिलीवरी नार्मल हो सकती हैं। लेकिन यदि आपकी पहली दो डिलीवरी सिजेरियन हुई है तो तीसरी डिलीवरी सिजेरियन ही होगी। 
 

सिजेरियन डिलीवरी करना कब जरुरी होता हैं?

प्रेगनेंसी के समय महिला या बच्चे को कोई समस्या होने पर सिजेरियन आवश्यक होता हैं। डिलीवरी की तारीख निकलजाना, बच्चे की ह्रदय गति कम होना, गर्भवती शारीरिक रूप से कमजोर होना, ब्लड प्रेशर और यूरिक एसिड का बढ़ जाना, गर्भसथ शिशु के पोजीशन में बदलाव, बच्चे का सामान्य से अधिक वजन या प्लासेंटा का निचे की ओर होना ऐसी समस्या होने पर सिजेरियन करवाना आवश्यक हो जाता हैं। 
 

पहली डिलीवरी सिजेरियन होने के बाद दूसरी डिलीवरी नार्मल होने के लिए क्या आवश्यक हैं ? Tips for Normal Delivery in Hindi
 

पहली डिलीवरी सिजेरियन होने के बाद दूसरी डिलीवरी नार्मल होने के लिए निचे दी हुई बातें आवश्यक हैं :

  1. पहले सिजेरियन के बाद इन्फेक्शन न हो 
  2. प्रेगनेंसी में कोई दिक्कत न हो 
  3. सभी प्रकार की जांच नार्मल हो 
  4. बच्चे का वजन 3.5 किलो से अधिक न हो 
  5. महिला की लंबाई 154 सेंटीमीटर से अधिक होना चाहिए 
  6. महिला को अधिक मोटापा नहीं होना चाहिए 

ऊपर दिए हुए बातों के साथ महिला ने गर्भावस्था के समय पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम करना आवश्यक हैं। 
 

पहली डिलीवरी सिजेरियन होने के बाद दूसरी डिलीवरी प्लानिंग करने में कितना गैप / समय अंतराल रखना चाहिए ?

पहली डिलीवरी सिजेरियन होने के बाद दूसरी डिलीवरी के बिच कम से कम दो से तीन साल का अंतर अवश्य रखना चाहिए। पहला बच्चा सिजेरियन से होने के बाद माँ में शारीरिक कमजोरी आ जाती हैं जिसकी पूर्ति के लिए कम से कम दो साल तक का समय चाहिए। ऐसा करने से पहले बच्चे की परवरिश भी अच्छी तरह से होती हैं।

यह लेख Parentune के साथ डॉ पारितोष त्रिवेदी जी ने साझा किया हैं l पेरेंटिंग और सेहत से जुडी ऐसी ही अन्य उपयोगी जानकारी सरल हिंदी भाषा में पढने के लिए आप डॉ पारितोष त्रिवेदी जी की वेबसाइट www.nirogikaya.com पर अवश्य करे ! 

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  • 3
कमैंट्स()
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| Jul 08, 2018

mera 3 math chal raha hai me apne khane kya lu jise mera bacha acha soath ho

  • रिपोर्ट

| Aug 27, 2017

AGR phla baby na rhe to kitne time ka gap hona chahiye

  • रिपोर्ट

| Aug 04, 2017

My son is 5y3month old. He Have very low confidence and feel lazy always and don't want to study properly

  • रिपोर्ट
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