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क्या आपके बच्चों को चाय पीने की आदत डालनी चाहिए

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Created by Parentune Support
Updated on Sep 06, 2017

क्या आपके बच्चों को चाय पीने की आदत डालनी चाहिए

आमतौर पर माना जाता है कि बच्चे को चाय पिलाने से उसके शरीर की बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ती है, चाय पीने से बच्चा मौसम में होने वाले बदलाव के असर से सुरक्षित रहता है और चाय पीने से उसका हाजमा भी दुरूस्त रहता है।

 

असल में बच्चों की खान-पान की आदत बड़ों के भरोसे ही होती है। जैसे ही बच्चा थोड़ा बड़ा होता है और ठोस भोजन लेना शुरू करता है, तो हम खुद ही उसे चाय या काॅफी जैसी चीजें यह सोचकर देने लगते हैं कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा- ‘अरे, इतनी सी चाय पिलाने से क्या होगा!!’.... इसके अलावा बच्चे को सर्दी-जुकाम होने पर चाय पिलाना तो बड़ा ही आम है पर उस समय हम यह भूल जाते हैं कि हमारे ऐसा करने से बच्चा चाय पीने का आदी हो सकता है और यह बात आगे जाकर उसकी अच्छी सेहत के लिए परेशानियां पैदा कर सकती है।

 

क्या बच्चों को चाय पिलाना सही है?
 

एक माता-पिता होने के नाते हमारी यह जिम्मेदारी है कि बच्चे के खान-पान का पूरा ध्यान रखा जाए और जो चीजें उसकी सेहत को नुकसान पंहुचाएं, बच्चे को उन चीजों से बचाया जाए जिसमें चाय भी शामिल है। सबसे पहले- बच्चों को चाय पीने की आदत लगने से बचाएं और दूसरा, अगर बच्चे को चाय पिलानी ही है तो इसकी मात्रा इतनी सीमित कर दें कि बच्चा इसके दुष्प्रभाव से बच सके।

 

आइए जानें, चाय किस तरह से बच्चों की सेहत पर असर करती है-
 

1) नींद कम आना

चाय में काफी मात्रा में कैफीन होती है जो शारीर में खून के दबाब को बढ़ाने या असमान्य करने की बड़ी वजहों में से एक है। ऐसा होने पर बच्चे को घबराहट/उलझन हो सकती है और बच्चा अनिद्रा या कम नींद आने की परेशानी का शिकार हो सकता है। कम उम्र में यह शिकायतें बच्चे के ध्यान लगाने की क्षमता को घटाती हैं और बच्चा थका-थका सा और सुस्त बना रहता है।
 

2) सिरदर्द

आपने गौर किया होगा कि चाय का आदी होने पर यदि आप सुबह या दिनभर चाय नहीं पीते तो आपको सिरदर्द, सुस्ती और आलस आने जैसी परेशानियां होती हैं और यही कुछ हमारे बच्चों के साथ भी होता है.....यदि वे चाय पीने के आदी हों। चाय की आदत नशे की लत की तरह होती है।
 

3) तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर बुरा असर

बच्चे के ज्यादा चाय पीने से उसके नर्वस सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है और इसकी असल वजह चाय में कैफीन की ज्यादा मात्रा होना है। कैफीन तंत्रिका तंत्र पर ही असर नहीं करती बल्कि बच्चे के मस्तिष्क, मांसपेशियां और शारीरिक ढांचे के विकास पर भी बुरा असर करती है। ज्यादा चाय पीने वाले बच्चों में हड्डियों मे कमजोरी, शारीरिक दर्द, ध्यान लगा पाने की कमी, चिड़चिड़ापन और व्यवहार से जुड़ी समस्याएं बड़ी आम हैं।
 

4) शरीर में चीनी की मात्रा बढ़ती है

मीठी चाय बच्चों के शरीर में चीनी की मात्रा को बढ़ाती है जो बच्चों में मोटापा की समस्या की बड़ी वजह है। इसके अलावा, चाय शरीर में तरल के स्तर को बढ़ाती है जिससे बच्चों को बार-बार पेशाब आता है। ज्यादा पेशाब होने से उनके शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है जिसके नतीजे में बच्चों के दांतों का खराब होना और हड्डियों के कमजोर होने जैसी परेशानियां होती हैं।
 

5) पौष्टिक तत्व नहीं मिलते

चाय में ऐसा कोई पौष्टिक तत्व नहीं होता जो बच्चों के अच्छे पोषण और सेहत के लिए जरूरी हो इसलिए चाय के बदले बच्चों को दूध, जूस या लस्सी जैसे पौष्टिक तरल पिलाएं। कई लोग बच्चों के दूध में थोड़ी सी चाय मिला देते हैं जो आमतौर पर बच्चे को बहलाने या दूध का स्वाद बदलने के लिए किया जाता है। अगर आप भी ऐसा करती हैं तो जान ले कि दूध में जरा सी चाय मिलाने पर यह दूध की अपनी पौष्टिकता को पूरी तरह खत्म कर देती है। 
 

6) पेट सम्बन्धी और अन्य समस्याएं

ज्यादा चाय पीने से बच्चें के दांतो में पीलापन आ सकता है, बच्चों को पेट की तकलीफें जैसे जैसे पेट दर्द, हार्टबर्न और जलन भी हो सकती हैं, इसलिए बच्चों को ज्यादा चाय पिलाने से परहेज करें। 

 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

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| Jun 28, 2018

अति. उत्तम और लाभदायक सूचना।

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