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स्वास्थ्य बाल मनोविज्ञान और व्यवहार

लॉकडाउन 2 के दौरान बच्चे से संबंधित समस्याएं और उनके समाधान

Prasoon Pankaj
0 से 1 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Apr 15, 2020

लॉकडाउन 2 के दौरान बच्चे से संबंधित समस्याएं और उनके समाधान
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ा दी गई है यानि की अब 3 मई तक हम सबको अपने घर में ही रहना है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए फिलहाल सबसे सटीक तरीका तो यही है कि हम और आप अपने घर में रहकर लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह से पालन करें। लेकिन इसके साथ ही पैरेंट्स के सामने खासतौर पर बच्चे से संबंधित कई और चुनौतियां आ सकती है। इसको ऐसे समझिए कि लॉकडाउन के दौरान जैसे हम अपने पुराने लाइफस्टाइल को मिस कर रहे हैं ठीक उसी तरह से बच्चे भी बाहर की दुनिया जैसे अपने स्कूल, पार्क, आउटडोर गेम्स, फ्रेंड्स को याद कर रहे होंगे। तो चलिए इस ब्लॉग में हम आपको बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान बच्चे किस तरह की मानसिक समस्याओं का सामना कर सकते हैं और पैरेंट्स होने के नाते आप इसका क्या समाधान निकाल सकते हैं। 

बाहर की दुनिया को मिस कर रहे बच्चों की उदासी कैसे दूर की जाए?.

  1. आप अपने बच्चों को अकेला ना महसूस होने दें- यह मानकर चलें कि लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर ही देखने को मिल रहा है और ये स्वाभाविक है क्योंकि आपके बच्चे जो दिन भर एक्टिव रहते थे उनकी दुनिया बस घर भर में सिमट कर रह गई है। चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट शैलजा सेन के मुताबिक इस समय में हम डिजिटल मीडिया का सबसे ज्यादा प्रयोग करें। आप अपने बच्चे को भी इसका बेहतर इस्तेमाल करना सिखाएं। वीडियो कॉल के जरिए अपने बच्चे को उनके दोस्तों या अन्य पारिवारिक सदस्यों से बातचीत कराएं।

  2. बच्चे को अलग-अलग तरीकों से बहलाएं- चाइल्ड सॉइकोलॉजिस्ट डॉक्टर शैलजा का कहना है कि आप अपने बच्चे को इस परिस्थितियों के बारे में अच्छे से जानकारी दें। उनको बताएं कि इस समय में सिर्फ वही नहीं बल्कि उनके दोस्त भी अपने घर में ही रह रहे हैं। बच्चे बोर ना हो इसका खास ख्याल रखें। अगर बच्चे बहुत छोटे हैं तो उनके कमरे में ढेर सारा खिलौना रख दें ताकि वे व्यस्त रहें। बच्चे को पेंटिंग व अन्य क्राफ्ट बनाने के लिए दें।

  3. ऑनलाइन गेम बच्चों के साथ खेलें- आप बच्चों के मनोरंजन का भी खास ध्यान रखें। अपने बच्चे के साथ बैठकर ऑनलाइन गेम खेल सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पार्टी का आयोजन भी कर सकते हैं जिसमें बच्चों के दोस्तों व पारिवारिक सदस्यों को शामिल कर सकते हैं। इस माध्यम से आपका बच्चे अन्य लोगों से कनेक्टेड हो सकता है।

  4. अपने बच्चे को सुरक्षित महसूस कराएं- आप अपने बच्चे के संग बेहतर संवाद स्थापित करते रहें क्योंकि बच्चे बेहद संवेदनशील होते हैं। न्यूज देखें लेकिन इस समय में बच्चों के सामने बहुत ज्यादा न्यूज चैनल देखने से परहेज करें क्योंकि खबरों में दिखाए जा रहे आंकड़ों व खबरों को आक्रामक तरीके से प्रस्तुतिकरण से बच्चे असहज महसूस कर सकते हैं। बच्चे को किसी प्रकार का मानसिक तनाव ना हो इस बात का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है।

  5. बच्चों के व्यवहार पर नजर बनाए रखें- आप अपने बच्चे में आ रहे प्रत्येक बदलावों पर नजर बनाए रखें। इस बात का ध्यान रखें कि पहले के मुकाबले क्या बच्चे में किसी तरह के परिवर्तन नजर आ रहे हैं। क्या आपका बच्चा पहले की तरह ही डाईट ले रहा है? क्या वो पहले की तरह ही नींद पूरी कर रहा है? क्या उसके व्यवहार में किसी तरह का बदलाव आ गया है...इन सभी बातों पर नजर बनाए रखें और अगर वाकई में बदलाव महसूस करते हैं तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए

लॉकडाउन के दौरान घर में कैसे रखें बच्चों का ख्याल ?

1. सबसे जरूरी बात यह कि आप अपने बच्चे के नियमित दिनचर्या का खास ख्याल रखें। बच्चे को ये एहसास नहीं होने दें कि घर में रहना उनके लिए कैद के समान हो गया है और आप भी कभी अपने बच्चे के सामने इस तरह की बातें नहीं करें। 

2. लॉकडाउन के दौरान  स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए अपने टीचर्स से मिलना मुश्किल हो गया है। उनके दोस्त भी उनसे दूर हो गए हैं। इस समय में पैरेंट्स ही अपने बच्चे के टीचर और दोस्तों की भूमिका में हैं तो आपको भी एक अच्छा टीचर और दोस्त बनने के लिए प्रयास करना चाहिए।

3. बच्चों को खेलने के लिए बदल-बदलकर खिलौने दें।  आप ऐसा करें कि कुछ खिलौने कमरे में रखें और कुछ आलमारी में बंद करके रखें।  अगले दिन अलमारी से कुछ नए खिलौने उन्हें दें और कुछ संभलकर वापस अलमारी में रख दें। नई चीजें सामने होने से बच्चे कभी बोर नहीं होंगे.

4. बच्चों को पेंटिंग करने के लिए कहें और इस वक्त में वो क्या महसूस करते हैं इससे जुड़ी चीजें ड्रॉ करने को कहें.

5. ज्यादातर लोग अभी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। तो आप अपने बच्चे को अपने दिन भर के शेड्यूल के बारे में अच्छे से बता दें जैसे कि आप किस समय में खाना बनाती हैं और किस समय में आपको ऑफिस का काम करना है। किस समय में क्या करना ज्यादा महत्वपूर्ण है ये अगर आपका बच्चा जान लेता है तो लॉकडाउन के दौरान आपको किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना होगा।

चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट के मुताबिक आप अपने घर के कुछ कामों में बच्चे की मदद ले सकते हैं। किचन का काम हो या घर के कई अन्य काम, इसमें अगर आपने अपने बच्चे को व्यस्त कर दिया तो उनका समय भी अच्छा कट सकता है।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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