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स्वास्थ्य

मंकी वायरस के लक्षण और बचाव के उपाय

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 22, 2021

मंकी वायरस के लक्षण और बचाव के उपाय
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

कोरोना वायरस का जिक्र होते ही अनायास आपके जेहन में चीन का नाम आ जाता होगा क्योंकि सबसे पहले चीन के वुहान प्रांत में ही कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला सामने आया था। कोरोना वायरस ने पिछले 2 साल में आम लोगों के जीवन में उथल-पुथल मचाकर रख दिया। कोरोना संकट के बीच ही चीन में एक और वायरस से इंसान के संक्रमित होने और उसकी मौत होने का ताजा मामला सामने आया है। खबरों के मुताबिक ये वायरस बंदर के जरिए फैला है और इसलिए इसका नामकरण मंकी बी वायरस रखा गया है। बताया जाता है कि जानवरों के एक डॉक्टर की मंकी वायरस से मौत हो गई है। 

क्या है मंकी बी वायरस ?

चीन में मंकी बी वायरस से किसी इंसान के संक्रमित होने का ये पहला मामला सामने आया है। ग्लोबल टाइम्स अखबार के मुताबिक बीजिंग में जानवरों के एक डॉक्टर की मंकी बी वायरस से संक्रमित होने से मौत हो गई है। हालांकि इसके साथ ही ये भी जानकारी सामने आई है कि डॉक्टर के संपर्क में आए अन्य लोग अभी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। 53 साल का ये डॉक्टर नॉन ह्यूमन प्राइमेट्स पर शोध कर रहा था।

  • इसी साल मार्च महीने में डॉक्टर ने 2 मृत बंदरों पर रिसर्च किया था। रिसर्च के दौरान ही उसमें मतली और उल्टी के लक्षण नजर आने लगे। इसके बाद डॉक्टर का कई अस्पतालों में इलाज किया गया लेकिन बाद में उसकी मृत्यु हो गई।
     

  • ICMR के पूर्व कंसल्टेंट डॉक्टर वीके भारद्वाज के मुताबिक हर्पीस बी वायरस या फिर मंकी वायरस सामान्यतया वयस्क मैकाक बंदरों से फैलता है। इसके अलावा रीसस मैकाक, सूअर पूंछ वाले मैकाक और सिनोमोलगस बंदर या फिर लंबी पूंछ वाले प्रजाति वाले मैकाक बंदर से भी ये वायरस फैलता है।

  • डॉक्टरों के मुताबिक इस वायरस का इंसानों में पाया जाना दुर्लभ है, राहत की बात ये है कि ये वायरस भारत के बंदरों में अब तक नहीं पाया गया है लेकिन अगर कोई व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित हो जाता है तो उसको दिमाग से जुड़े समस्या हो सकते हैं।

  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक हालांकि अभी तक इंसानों में इस वायरस से संक्रमित होने का खतरा कम है लेकिन अगर कोई व्यक्ति संक्रमित मैकाक बंदरों के संपर्क में आता है तो वो व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है।

  • इंसानों में इस वायरस के लक्षण 1 महीने के भीतर या फिर 1 सप्ताह के अंदर भी दिखाई दे सकते हैं। इसके लक्षण अलग-अलग इंसानों में अलग हो सकते हैं।

मंकी बी वायरस के लक्षण क्या हैं?

मंकी बी वायरस के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं।

  1. खुजली होना

  2. फ्लू

  3. थकान

  4. उल्टी या मतली

  5. मांसपेशियों में अकड़न

  6. घाव के पास दर्द होना

  7. बुखार और ठंड लगना

  8. 24 घंटे से अधिक समय तक सिरदर्द का होना

  9. बंदरों के काटने से, बंदरों के खरोचने, उनके लार, मल-मूत्र या संक्रमित इंजेक्शन से संक्रमित होने का खतरा बना होता है।

  10. जो लोग वायरोलॉजी लैब में काम करते हैं, पशु चिकित्सक हैं और बंदरों के पास रहकर काम करते हैं उनमें इस वायरस से संक्रमित होने का ज्यादा खतरा होता है।

मंकी बी वायरस के बचाव व इलाज के उपाय

बोस्टन पब्लिक हेल्थ कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक मंकी बी वायरस से संक्रमित व्यक्ति को अगर समय पर इलाज मिल जाए तो उनकी जान बचाई जा सकती है। इलाज में देरी हो जाने पर लगभग 70 फीसदी मामलों में मरीज की मौत हो सकती है। ध्यान इस बात का रखें कि अगर आपको किसी बंदर ने काट लिया है या खरोंच दिया है तो पूरी एहतियात अवश्य बरतें। सबसे पहले प्राथमिक चिकित्सा शुरू कर दें और अस्पताल से संपर्क करें। घाव वाली जगह को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करें। रिपोर्ट के मुताबिक मंकी बी वायरस के इलाज के लिए अभी किसी प्रकार का वैक्सीन उपलब्ध नहीं है लेकिन एंटी वायरल दवाएं मौजूद हैं।

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