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स्वास्थ्य

इस महीने से वैक्सीनेशन के लिए नई गाइडलाइन जारी

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jun 10, 2021

इस महीने से वैक्सीनेशन के लिए नई गाइडलाइन जारी
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

जैसा कि आप जानते होंगे कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 साल से अधिक उम्र को लोगों को फ्री वैक्सीन लगाने का ऐलान किया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब 21 जून से 18+ के सभी नागरिकों को मुफ्त वैक्सीनेशन मुहैया कराने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। वैक्सीनेशन को लेकर आपके मन में बहुत सारे सवाल भी होंगे तो चलिए इस ब्लॉग में हम वैक्सीनेशन से संबंधित आपके मन में उठ रहे तमाम सवालों का जवाब देने जा रहे हैं। 

वैक्सीनेशन को लेकर पहले और अब के गाइडलाइन में क्या व्यापक बदलाव किए गए हैं?

वैक्सीनेशन के पहले गाइडलाइन के मुताबिक अगर राज्यों ने वैक्सीनेशन फ्री नहीं किया है तब 18 साल से 44 साल तक के लोगों को वैक्सीनेशन कराने के लिए पैसे देने पड़ सकते थे अब 21 जून के बाद से सभी सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर में सब को मुफ्त में वैक्सीन लगाए जाएंगे। मौजूदा समय में केंद्र सरकार वैक्सीन कंपनियों से 50 फीसदी वैक्सीन खरीदती है लेकिन अब नए गाइडलाइन के मुताबिक केंद्र सरकार वैक्सीन कंपनियों से 75 फीसदी डोज खरीदेगी। पहले राज्य सरकारें वैक्सीन कंपनियों से 25 फीसदी डोज खरीदते थे और अब नई गाइडलाइन के लागू हो जाने के बाद से वैक्सीन खरीदने में राज्य सरकारों की कोई भूमिका नहीं रहेगी और इसके साथ ही आपको बता दें कि प्राइवेट हॉस्पीटल पहले की तरह ही वैक्सीन कंपनियों से 25 फीसदी तक डोज खरीद सकेंगे।

 क्या वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुकिंग कराने के नियमों में भी बदलाव आएगा?

 हम आपको बता दें कि कोविन पोर्टल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं आया है और आप कोविन पोर्टल की मदद से भी स्लॉट बुक करा सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही नए गाइडलाइन में प्रत्येक वैक्सीन सेंटर पर आप ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं। इसका मतलब ये हुआ कि अगर आपने कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो भई आप वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। वैसे लोग जो इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं उनके लिए ये प्रक्रिया अत्यंत सुविधाजनक साबित हो सकता है।

कोविड वैक्सीनेशन के नए गाइडलाइन की मुख्य बातें

21 जून से कोविड वैक्सीनेशन की गाइडलाइन में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। अब केंद्र सरकार राज्यों की सरकारों को पहले से ही जानकारी मुहैया करा देगी की उनको कितने डोज मिलने वाले हैं और अब इस आंकड़ें के आधार पर राज्य सरकारें वैक्सीनेशन कार्यक्रम को लेकर अपनी तैयारी कर सकते हैं।

  • अब राज्यों में प्रत्येक जिले और वैक्सीनेशन सेंटर को अपने पर वैक्सीन की उपलब्ध डोज की जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई ना हो।

  • आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को सरकार की तरफ से ई-वाउचर मुहैया कराया जाएगा। अब आप सोच रहे होंगे कि इस वाउचर का क्या लाभ है, इस वाउचर के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर लोग प्राइवेट अस्पतालों में भी फ्री वैक्सीन लगवा सकेंगे।

  • ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन की गति को बढाने के लिए सरकार प्राइवेट अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन की आपूर्ति कर सकती है। 

  • हालांकि इसके साथ ही सरकार ने ये अपील भी की है कि जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम हैं वे प्राइवेट अस्पतालों में पैसे देकर वैक्सीन लगवाएं ताकि लोक कल्याण की भावना को बढ़ावा मिल सके।

  • हम आपको बता दें कि अपने देश में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत की गई। शुरुआती दौर में हेल्थ केयर वर्कर्स को प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले वैक्सीनेशन कराया गया।

  • समय-समय पर वैक्सीनेशन कार्यक्रम में बदलाव भी किए गए। 1 मई को वैक्सीन गाइडलाइन में जो बदलाव किए गए उसके बाद ये नियम लागू किए गए कि 50 फीसदी डोज केंद्र सरकार खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त में देगी। बाकी बचे हुए 50 फीसदी वैक्सीन राज्य और प्राइवेट अस्पताल सीधे वैक्सीन कंपनियों से खरीद सकते थे।

अब राज्यों को किस हिसाब से वैक्सीन मिलेगी?

किस राज्य को कितनी मात्रा में वैक्सीन मुहैया कराया जाएगा इसको लेकर बहुत सारी बातों को ध्यान में रखा जाएगा जैसे की राज्यों की जनसंख्या क्या है? उस राज्य में कोरोना के मामलों की स्थिति क्या है? इसके अलावा उस राज्य में वैक्सीनेश की रफ्तार क्या है इसको भी ध्यान रखा जाएगा। एक और जरूरी बात की जिन राज्यों में वैक्सीन के वेस्टेज के मामले सामने आएंगे वहां वैक्सीन की सप्लाई में कमी की जा सकती है। 

 प्राइवेट हॉस्पिटल्स में वैक्सीनेशन के लिए कितने पैसे वसूले जा सकते हैं?

21 जून से जारी हो रहे वैक्सीनेशन की नई गाइडलाइन के मुताबिक देश के सभी सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर में वैक्सीन मुफ्त में दिया जाएगा लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन के लिए पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। 

  • अगर आप प्राइवेट अस्पताल में वैक्सीनेशन करवाना चाहते हैं तो ये जान लें कि अलग अलग वैक्सीन के लिए अलग-अलग कीमत देना पड़ सकता है।

  • स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार प्राइवेट अस्पताल में कोवीशील्ड की कीमत 780 रुपए तय की गई है। 

  • स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक प्राइवेट अस्पतालों में कोवैक्सिन के लिए 1410 और स्पुतनिक-V के लिए आपको 1145 रुपए तक देने पड़ सकते हैं। आप ये भी जान लें कि ये वैक्सीन के एक डोज की कीमत है। इसके अलावा  प्राइवेट हॉस्पिटल आपसे सर्विस चार्ज के रूप में 150 रुपए तक ले सकते हैं।

जून के प्रथम सप्ताह तक के आंकडों के मुताबिक कुल 23 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, आने वाले दिनों में वैक्सीनेशन के कार्यक्रम में और तेजी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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