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कोरोना ने जिन बच्चों को अनाथ बनाया उनके लिए पेरेंट्स बनेंगे जय शर्मा

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 19, 2021

कोरोना ने जिन बच्चों को अनाथ बनाया उनके लिए पेरेंट्स बनेंगे जय शर्मा
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

कुछ ऐसे व्यक्ति होते हैं जो नाउम्मीदी के दौर में भी उम्मीद का दीपक जलाते रहते हैं। कोरोना महामारी ने अनेक बच्चों को अनाथ बना दिया, सैकड़ो-हजारों बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। यूं तो अनाथ बच्चों की देखभाल को लेकर सरकार की तरफ से कई वादे किए जा रहे हैं लेकिन इन बच्चों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है अपनापन और सर पर पेरेंट्स का स्नेह भरा हाथ। देहरादून के जय शर्मा ने कुछ ऐसा काम करने का निश्चय किया है जिसके बारे में जानकर आप भी उनकी प्रशंसा अवश्य करेंगे। जय शर्मा ने कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हो चुके तकरीबन 100 बच्चों की परवरिश का बीड़ा उठाया है।

100 अनाथ बच्चों का लालन-पालन करेंगे जय शर्मा

कोरोना महामारी एक त्रासदी के रूप में सामने आया है। उन बच्चों के बारे में सोचकर मन द्रवित हो जाता है जिनके माता-पिता को कोरोना वायरस के प्रकोप ने छीन लिया। ऐसे ही बच्चों की मदद करने व उनकी परवरिश का जिम्मा उठाने के लिए देहरादून के जय शर्मा सामने आए हैं।

  • 21 साल के सामाजिक कार्यकर्ता जय शर्मा अब तक मिली जानकारी के मुताबिक 28 अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी ले चुके हैं और उन्होंने 100 बच्चों की परवरिश करने का बीड़ा उठाया है।

  • जय शर्मा अपने एनजीओ जस्ट फॉर योरसेल्फ यानि जॉय की तरफ से ऐसे अनाथ बच्चों की मदद कर रहे हैं जिनके पेरेंट्स की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हो गई है।

  • साल 2013 में केदारनाथ में आपदा के दौरान उन्होंने प्रभावित गावों में राहत सामग्री और राशन पहुंचाने का काम किया था।

  • अपनी संस्था जॉय के बारे में जय शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि नेक काम में मदद करने वाले बहुत सारे लोग हैं जो संस्था को हर संभव सहयोग प्रदान करते रहे हैं। जय शर्मा ने कहा कि उनके कई सारे दोस्त और रिश्तेदार जो विदेशों में रहते हैं वे समय-समय पर डोनेशन देकर इन नेक कामों में मदद करते रहते हैं।

  • उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी एवं अन्य जिलों में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान वैसे लोगों की मदद की गई जो आर्थिक संकटों का सामना कर रहे थे। जय शर्मा ने इस दौरान खाने पीने की चीजें, सैनिटाइजर, मास्क समेत कई जरूरी सामग्रियों को इन इलाकों में बांटा।

  • जय शर्मा ने अनुभव किया कि बहुत सारे ऐसे बच्चे हैं जिनके माता-पिता कोरोना संक्रमण के चलते अब इस दुनिया में नहीं रहे। जय शर्मा ने फिर ठान लिया कि उन बच्चों की परवरिश का इंतजाम करना चाहिए। 

  • सबसे पहले जय ने उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों मे अनाथ बच्चों के बारे में जानकारी जुटाई ताकि ऐसे बच्चों की शिक्षा और भोजन की आवश्यकताओं को पूरी की जा सके।

  • जय शर्मा पेशे से इंजीनियर हैं और उन्होंने अब इसे अपना ध्येय मानते हुए अनाथ बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने के अलावा उनके घर तक राशन पहुंचाने के काम में शिद्दत से जुट चुके हैं।

  • इस काम में मदद करने के लिए कुछ कंपनियां और आम लोग भी सामने आ रहे हैं। अमेरिका की एक कंपनी से सभी 100 बच्चों को टैबलेट्स देने की भी अनुशंसा की है ताकि ये सभी बच्चे अपने ऑनलाइन क्लासेज को ज्वाइन कर सकें।

उत्तराखंड सरकार की तरफ से भी कोरोना के दौरान अनाथ बच्चों की मदद करने के लिए मई महीने में वात्सल्य योजना की शुरुआत की गई है। उत्तराखंड सरकार ने ऐलान किया है कि सभी अनाथ बच्चों के पालन-पोषण हेतु उनके 21 साल के होने तक प्रतिमाह 3 हजार रुपये आर्थिक सहयोग के तौर पर दिए जाते रहेंगे। 

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