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स्वास्थ्य

गर्मी में बच्चों में पानी की कमी (Dehydration) के संकेत या लक्षण

Prasoon Pankaj
0 से 1 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया May 28, 2019

गर्मी में बच्चों में पानी की कमी Dehydration के संकेत या लक्षण

शरीर में पानी की कमी को निर्जलीकरण व डिहाइड्रेशन (Dehydration)  के नाम से जाना जाता है। यह समस्या गर्मियों में आम होती है। वैसे तो कोई भी इसका शिकार हो सकता है, लेकिन डिहाइड्रेशन की समस्या बच्चों व व्यस्कों में ज्यादा होती है और इनके लिए यह खतरनाक भी हो सकता है। दरअसल बच्चे छोटे होते हैं और वे अधिक पानी पीने व तरल पदार्थ को लेकर इतने संवेदनशील नहीं होते हैं। यही वजह है कि वे ज्यादा इसकी चपेट में आते हैं। ऐसे में समय रहते इसका इलाज व बचाव जरूरी है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे गर्मी में बच्चों में पानी की कमी के लक्षण व इससे बचाव के उपाय।

डिहाइड्रेशन के क्या हैं लक्षण /  Signs of Dehydration in Toddlers: Warning Signs In Hindi 

डिहाइड्रेशन तब होता है, जब आपके शरीर में उतना पानी नहीं होता है जितने की शरीर को जरूरत होती है। इसके कई लक्षण होते हैं, आइए जानते हैं क्या हैं इसके प्रमुख संकेत।

  1. धंसी हुई आंखें – अगर आपको बच्चे की आंखें धंसी हुई लग रहीं हैं, तो सावधान होने की जरूरत है। दरअसल यह शरीर में पानी की कमी का एक लक्षण है।
     
  2. तेज सांसे चलना – डिहाइड्रेशन होने पर बच्चे की सांसें तेज चलने लगती हैं। यह लक्षण दिखे तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी तरफ से बच्चे को अधिक से अधिक पानी पिलाएं।
     
  3. रोते वक्त आंसू न आना –  शरीर में पानी की कमी होने के कारण बच्चा जब रोता है तो आंसु नहीं निकलते। ऐसे में अगर आपका बच्चा भी बिना आंसुओं के रोता दिखे तो सावधानी बरतें। यह डिहाइड्रेशन का एक प्रमुख लक्षण है।
     
  4. रुखी त्वचा व होंठ -  पानी की कमी होने पर बच्चे की त्वचा व होंठ रुखी हो जाती है। इस लक्षण से भी आप पहचान सकती हैं कि आपका बच्चा डिहाइड्रेशन से पीड़ित है।
     
  5. गहरा पीला पेशाब आना – अगर बच्चे को गहरा पीला पेशाब आ रहा है, तो इसका मतलब है कि उसके शरीर में पानी की कमी है और उसे ज्यादा से ज्यादा पानी की जरूरत है।
     
  6. सुस्ती व चिड़चिड़ापन  - पानी की कमी से गुजर रहे बच्चों में अक्सर सुस्ती व चिड़चिड़ेपन के भी लक्षण देखे जाते हैं। आपको इस पर भी नजर रखनी चाहिए।
     
  7. 3-4 घंटे तक पेशाब न आना – बच्चे को अगर 3-4 घंटे तक पेशाब नहीं आ रहा है, तो यह भी शरीर में पानी की कमी के लक्षण हैं।
     
  8. शुष्क मुंह व जीभ – पानी की कमी होने पर अक्सर बच्चे का मुंह या जीभ सूखी रहती है। इस लक्षण के दिखने पर भी आपको उसे ज्यादा पानी पिलाना चाहिए।
     
  9. खोपड़ी के ऊपर का नर्म स्थान अंदर धंसना – डिहाइड्रेशन के दौरान बच्चे की खोपड़ी के ऊपर का नर्म स्थान अंदर धंस जाता है। यह भी शरीर में पानी की कमी का एक लक्षण है।
     
  10.  ठंडे व धब्बेदार हाथ-पैर – अगर बच्चे के हाथ-पैर ठंडे व धब्बेदार नजर आ रहे हैं, तो समझ लीजिए कि वह डिहाइड्रेशन की समस्या से पीड़ित है।

क्या हैं बच्चों में डिहाइड्रेशन के कारण /  Dehydration In Children: Causes In hindi 

बच्चों के शरीर में पानी की कमी का कोई एक कारण नहीं होता। इसकी पीछे कई वजहें हो सकती हैं। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख कारण।

  1. दस्त (डायरिया) व उल्टी -  अगर बच्चे को दस्त (डायरिया) और उल्टी की समस्या है तो उसके शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो सकती है। दरअसल डायरिया होने पर बच्चा अपने मल से तरल पदार्थों को अवशोषित नहीं कर पाता। साथ ही वह शरीर में तरल पदार्थों को समाहित करने में भी असफल होता है।
     
  2. बुखार – बच्चे में पानी की कमी का अहम कारण बुखार भी है। जब बच्चे को बुखार होता है, तो उसे पसीना ज्यादा आता है और शरीर के ठंडा होने के प्रयास में उसकी त्वचा से पानी वाष्पित हो जाता है। इसके अलावा बुखार के दौरान बच्चे तेज सांसे भी लेते हैं और छोड़ते हैं। इससे ज्यादा तरल ह्रास होता है।
     
  3. पेय पदार्थ न लेना व स्तनपान न करना – बच्चे सही गलत नहीं जानते। वह खुद ज्यादा पानी नहीं पीते। इससे भी पानी की कमी होती है। इसके अलावा हाथ, पैर, मुंह के रोग, थ्रश, गले में दर्द व दांत निकलने की वजह से भी बच्चे कुछ भी पीने से मना करते हैं। वह स्तनपान भी नहीं करते। ऐसी स्थिति में उनमें पानी की कमी हो जाती है।
     
  4. शरीर में अधिक गर्मी बढ़ना – बच्चों को खेलना अच्छा लगता है। गर्मी में जब वह ज्यादा खेलते हैं या धूप में रहते हैं तो इससे उन्हें पसीना आता है और शरीर से तरल पदार्थ निकल जाता है। इसके अलावा बिना हवादार व तपते कमरे में रहने या कई कपड़े पहनने से भी शरीर में गर्मी बढ़ती है और पसीना अधिक निकलता है। ये सब स्थितियां शरीर में डिहाइड्रेशन को जन्म देती हैं।

डिहाइड्रेशन से निपटने के उपाय / Protect your Body against Dehydration this Summer In Hindi

यूं तो बच्चे को अगर डिहाइड्रेशन हो तो सबसे पहले डॉक्टर को जरूर दिखाएं। इसके अलावा कुछ घरेलू उपाय से भी आप इस पर काबू पा सकती हैं। ये हैं कुछ उपाय..

  1. ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ दें – इस स्थिति से निपटने के लिए आपको बच्चे को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन कराना चाहिए। उसे स्तनपान कराएं या फॉर्म्युल दूध पिलाएं। अगर बच्चा ठोस आहार खाने वाला है, तो उसे ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं।
     
  2. ओआरएस घोल – शरीर में पानी की समस्या से निपटने का यह सबसे बेहतर उपाय है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए उपयोगी होता है। एक-एक घंटे पर बच्चे को ओआरएस का गोल पिलाएं। बच्चे को कितनी मात्रा में ओआरएस दें, इसके लिए एक बार डॉक्टर से भी बात कर सकती हैं।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

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कमैंट्स()
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| Jun 25, 2019

mera beta 4 mahine ka hai par toilet jyada karta hai kya karo

  • रिपोर्ट

| Jun 04, 2019

Hmara bachche ko dehydration bar bar ho jata h... kyo? Dr. Ka khna h food poisoning h. Dehydration or food poisoning m kya difference h?

  • रिपोर्ट

| May 29, 2019

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