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गर्भावस्था में इन 10 दवाओं से करें परहेज

Sadhna Jaiswal
गर्भावस्था

Sadhna Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jan 06, 2020

गर्भावस्था में इन 10 दवाओं से करें परहेज
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

बदलते मौसम में गर्भवती महिलाओ को अपना ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत होती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए। बुखार आने पर कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा मंगवाकर नहीं खाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना नुकसान दायक हो सकता है। डॉक्टर्स का कहना है कि अगर गर्भवती महिला बिना चिकित्सक की सलाह के बुखार दूर करने या कोई अन्य दवा का सेवन करती है, तो उसके साइड इफेक्ट से बच्चे पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। यह समस्या गर्भवती महिलाओ में प्रथम तिमाही में अधिक रहती है। इसलिए कोई भी दवा खाने से पहले डॉक्टर से जांच अवश्य कराएं। प्रेगनेंसी के दौरान घबराहट की समस्या ज्यादा है तो, ये कमजोरी की वजह से भी हो सकती है। गर्भावस्था में कोई  बड़ी समस्या ना आये उसके लिए नियमित रूप से फिजीशियन से जांच कराएं। फल, हरी सब्जी, नींबू पानी, नमक पानी व चीनी का घोल अधिक लें उससे लाभ मिलेगा। आइये जानते है वो कौन सी  ऐसी 10 दवाए है जो गर्भावस्था के दौरान महिला को बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं खाना चाहिए।  

गर्भावस्था में इन 10 दवाओं से करें परहेज / Do not consume these medicines during pregnancy in hindi

गर्भावस्था के दौरान इस बात का पूरा ख्याल रखें कि बिना किसी डॉक्टरी सलाह के किसी भी प्रकार की दवा का सेवन ना ही करें तो बेहतर।

  • दर्द नाशक दवाएं: गर्भावस्था में सर दर्द की समस्या होना आम बात है। ये गैस के कारण भी हो सकता है। ऐसे में दर्द की दवाओ का इस्तेमाल ना करे।  अगर महिला को सर दर्द है तो प्राकृतिक उपचार करना चाहिए। डॉक्टर्स का ये कहना  है कि दर्दनाशक दवाओं का गर्भावस्था के दौरान लम्बे समय तक इस्तेमाल करने से होने वाले बच्चे के प्रजनन अंगों के विकास को नुकसान पहुंच सकता है।
     
  • पिम्पल की दवाई: गर्भाधान व शिशु को सुरक्षित रखने के लिए शरीर प्राकृतिक रूप से ईस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रॉन नामक रसायनिक हार्मोन बनाता है। इन्ही हॉर्मोन सम्बन्धी बदलाव के कारण मुहांसे बढ़ते हैं। अधिकांश दवाईयाँ  हार्मोन को प्रभावित करती है, और शिशु के लिए हानिकारक होती हैं। इसके लिए आपको मुहांसों से छुटकारा पाने के लिए दवाइयां खाने की ज़रुरत नहीं है। इन मुहांसों को खुद से ही ठीक होने दें।
     
  • बुखार की दवाइयां: गर्भावस्था के शुरुवाती तीन महीनो में हल्का बुखार आता ही है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पियें और पोष्टिक आहार,ताजा फलो का सेवन करें। गर्भावस्था के दौरान बुखार में खायी जाने वाली दवाई पेरासिटामोल या अन्य कोई दवाई खाने से बचे। पहली तिमाही में बच्चे की विकास पर इस दवाई का काफी असर पड़ता है और बच्चे का विकास सही ढंग से नहीं हो पाता।
     
  • डिप्रेशन से बचाव की  दवाइयां:  गर्भवस्था में खुश रहने की कोशिश करें। डिप्रेशन से बचे।  डिप्रेशन से बचने वाली दवाइयों को खाने से बच्चे में जन्म से ही कुछ दोष हो सकते हैं। तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान का सहारा लेना चाहिए।
     
  • एंटी एलर्जी दवाएं: गर्भवती महिलाओ को  एंटी एलर्जी दवाओं को खाने से बचना चाहिए। एलर्जी का उपचार प्राकृतिक तरीके से करें। जैसे धूल से बचें, घर को साफ सुथरा रखें और पौष्टिक आहार खाये।
     
  • एंटीबायोटिक्स: गर्भवती महिला के लिए कोई भी एंटीबायोटिक दवाइया गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरा हो सकती है। पर अगर कोई दूसरा उपाय नहीं है तो डॉक्टर की सलाह ले।
     
  • एंटी मोशन सिकनेस दवाएं: गर्भावस्था में एंटी मोशन सिकनेस दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। इसका बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है। इस समस्या का समाधान दुसरे तरीके से निकालने का उपाय ढूँढें।
     
  • नींद की दवाएं: गर्भवती महिला को नींद की दवाई भूल कर भी नहीं खानी चाहिए। अगर महिला नींद की दवाई लेती है, तो  बच्चे पर इसका अच्छा असर नहीं पड़ता। सोने के लिए इस अवस्था में कोई भी दवाई लेने से बचें।
     
  • एंटी फंगल की दवाए: गर्भवस्था में बिना डॉक्टर की सलाह के एंटी फंगल दवाइया नहीं खानी चाहिए। एंटी फंगल दवाओ के कारण कभी-कभी पेट में दर्द, भूख की हानि, बीमार महसूस करना, (मिचली), पेट की गड़बड़ी,दस्त, सिरदर्द, दाने, स्वाद की गड़बड़ी और जोड़ो का दर्द हो सकता है। 
     
  • जड़ी–बूटी: प्राकृतिक तरीके से उत्पन्न जड़ी-बूटियों दवाई के रूप में इस्तेमाल में आती हैं पर गर्भावस्था में इनको लेने से भी बचना चाहिए। जैसे एलो वेरा, जिनसेंग और रोजमेरी। 

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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| Jul 09, 2019

mujhe pregnancy ka teesra hafta h mujhe chakkr or ghumeer hoti rehti h iske liye m Kya karun?

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| Jul 12, 2019

मेरा 12 हफ्ता खत्म हो गया है. क्या मैंबन्द नाक के लिए nasivion nasal drop का यूज़ कर सकती हूँ या नहीं।

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| Jul 27, 2019

मेरे दोनों पैरों में बहुत दर्द होता है जिस कारण मेरी नींद भी पूरी नहीं होती, कुछ उपाय btsye

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| Dec 03, 2019

I am depression patients my gynic doctor tald me for psychiatric treatment i am taking that pils under observation is it ok or harmful for my infant i started after 3 months now i completed 6 months of my pregnancy i am 39 years old and already have two kids

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| Jan 08, 2020

Mene 2 saal pahle abortion pill li thi kya iska effect meri pregnancy pr pdega me ab pregnancy plan karna chahti hu

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| Feb 10, 2020

Bar bar ulti ka hona doctor ke slah lene par bhi kya kare jaldi bataye

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| Aug 30, 2020

Thanks

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