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स्वास्थ्य

ना करें कफ सीरप और पेरासिटामोल का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के

Anubhav Srivastava
1 से 3 वर्ष

Anubhav Srivastava के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 14, 2018

ना करें कफ सीरप और पेरासिटामोल का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के

अक्सर पैरेंट्स बच्चों को खांसी होने पर कफ सीरप व बुखार होने पर पेरासिटामोल देते हैं। कई बार ऐसा बिना डॉक्टरी सलाह के ही किया जाता है, जो गलत है। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो इस आदत को बदल डालिए। दरअसल कफ सीरप व पेरासिटामोल का बच्चों पर नकुसान भी होता है। आज हम आपको बताएंगे आखिर किस तरह ये दोनों चीजें बिना डॉक्टर की सलाह के लेने से आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं।
 

कफ सीरप से नुकसान/ Damage From Cough Syrup In Hindi

  • रिसर्च के अनुसार सीरप में कौडीन होता है। कौडीन युक्त कफ सीरप ज्यादा लेने से बच्चे भ्रम की समस्या से पीड़ित हो सकते हैं। इसके अलावा उन्हें नई बातों को भी याद रखने में दिक्कत हो सकती है।
     
  • इसके अलावा कफ सीरप ज्यादा पीने से आपके बच्चे को त्वचा में खुजली की दिक्कत, सांस लेने की समस्या आ सकती है। यही नहीं इसके अधिक सेवन से बच्चे का पाचन तंत्र भी खराब हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार कफ सीरप बच्चे ही नहीं बल्कि बड़ों के लिए भी नुकसानदायक होता है। पर बच्चों को इसका सेवन न ही कराएं तो बेहतर।
     

पेरासिटामोल से नुकसान/ Damage From Paracetamol In Hindi

  • रिसर्च से पता चला है कि पेरासिटामोल बच्चों को देना नुकसानदायक है। अगर बच्चा 2 साल से कम उम्र का है, तो उसके लिए और खतरा है। 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कई बार पेरासिटामोल देने से अस्थमा जैसी शिकायत होने लगती है। कई मामलों में ज्यादा डोज होने से बच्चे की मौत तक की बात सामने आई है। 3 महीने के बच्चे को तो ये दवाई बिल्कुल भी न दें।
     
  • पेरासिटामोल की अधिक मत्रा बच्चे के लीवर को भी खराब कर सकती है। इसके अलावा बच्चे को इसकी वजह से त्वचा संबंधित दिक्कतें भी हो सकती हैं।
     
  • कई केस में देखा गया है कि पेरासिटामोल की वजह से कई बच्चों को सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना व उल्टी का अहसास होने जैसी समस्या आती है।
     
  • कई मामलों में पेरासिटामोल की वजह से बच्चों का मुंह सूजना, त्वचा पर लाल धब्बे व होठों या मुंह पर सफेद स्पॉट की दिक्कत आती है।
     

इन बातों का रखें ध्यान

अगर बहुत जरूरी हो तो भी पेरासिटामोल की खुराक बच्चे के वजन के अनुसार देनी चाहिए। अगर बच्चे का वजन 5 किलो से कम हो, तो उसे यह दवाई बिल्कुल भी न दें। इसके अलावा टीकाकरण के फौरन बाद बच्चे को पेरासिटामोल देने से बचें।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

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कमैंट्स()
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| Mar 31, 2019

अभी के doctor ￰प्रायः otc मेडिसिन ही लिखते हैं, जैसे तैसे disease को ठीक कर दें, पर एक्चुअल में बीमारी ठीक नहीं hoti, सिर्फ symptoms दबा दिए जातें हैं, और फिर इन दवाइयों के पेशेंट पर होने वाली इफ़ेक्ट से किसी डॉक्टर को कोई मतलब नहीं रहता,,, इसी तरह पेरासिटामोल और कफ सिरप को डॉक्टर्स चॉकलेट्स की तरह प्रेस्क्राइब कर देते हैं, जो बहुत गलत बात है

  • रिपोर्ट

| Sep 12, 2018

docs bi vaccination k BAAD fever same par paracetamol hi detection h.. air iska alternative kya h

  • रिपोर्ट

| Aug 19, 2018

but sbhi medicines main paracetamol hoti h ,jo fever ki hoti hain.... dr. bhi prescribed krte hain....

  • रिपोर्ट

| Apr 16, 2018

hlo mam mera beta 30 April ko 6 month ka ho jayega ton isko kya Khilana start kro

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