पेरेंटिंग

दूसरे बच्चे के लिए इस तरीके से करें प्लानिंग!

Supriya Jaiswal
3 से 7 वर्ष

Supriya Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Apr 06, 2018

दूसरे बच्चे के लिए इस तरीके से करें प्लानिंग

जैसे ही पहला बच्चा खेलने लगता है परिवार वाले दूसरे बच्चे के लिए दबाव डालना शुरू कर देते है। हर कोई आपको सलाह देना शुरू कर देता है लेकिन एक छोटे बच्चे के होते हुए दूसरे बच्चे के बारे में फैसला  केवल आप दोनों को ही लेना है। बच्चा पालने की आपकी काबिलीयत पर कोई शक नहीं है लेकिन फिर भी कुछ बातें हैं जिनके बारे में सोचना जरूरी है। आपकी उम्र, आपकी आर्थिक स्थिति, आपका शरीर आदि कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातें हैं जिनको ध्यान में रखना अतिआवश्यक है।
 

दूसरे बच्चे की प्लानिंग करने से पहले इन बातों को ध्यान में रखें / Keep These Things In Mind Before Planning Second Child In Hindi

  1. आपका शरीर दूसरे बच्चे के लिए तैयार है या नहीं  -- हो सकता है की आप दूसरे बच्चे के लिए तैयार हों लेकिन ये भी मुमकिन है कि आपका शरीर इसके लिए तैयार ना हों। बाहरी तौर पर आपका शरीर तैयार दिख सकता है लेकिन दूसरे बच्चे की तैयारी से पहले एक डॉक्टर से बात जरूर करें, खासकर के अगर आपके पहले बच्चे के प्रसव के दौरान कोई समस्या हुई हो। ध्यान रहे कि डॉक्टर से परामर्श लेना बहुत जरूरी होता है। इस ब्लॉग को जरूर पढ़ लें :- सबसे कठिन फैसला दूसरा बच्चा हो या न हो
     
  2. उम्र को ध्यान में रखे-- अधिक उम्र में मां बनने में आपको इन परेशानियं का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपकी उम्र 35 से ऊपर है तो आपको बच्चों के बीच में अंतर रखने का 3 से 4 साल से ज्यादा का वक़्त ना मिले।  हालांकि अगर आपकी उम्र 35 से काम है तो आप दूसरे बच्चे के होने के बारे में सोच सकती हैं। ये ब्लॉग आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है :- 35 वर्ष के बाद की प्रेगनेंसी में क्या सावधानी बरते ?
     
  3. आपकी आर्थिक स्थिति कैसी है -- आज कल लोगो को एक बच्चा पालना ही काफी महंगा पड़ता है और दूसरे बच्चे का होना खर्च को दोगुना कर देता है, खाने से लेकर खिलौनों तक और कपड़ों से लेके देखभाल और स्कूल तक। इससे पहले की आप दूसरे बच्चे की तैयारी करें आप अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में भी सोचिये। अगर आप कामकाजी महिला हैं तो हो सकता है की आप दफ्तर के समय से ताल-मेल नहीं बैठा पाएंगे।  अपने आप से पूछें की क्या आप नौकरी छोड़ने के लिए तैयार हैं?
     
  4. परिवार का सहयोग -- समय आने पर आप सब कुछ संभाल सकते है चाहे आपको किसी का सहयोग मिल रहा हो या नहीं पर अगर परिवार का कोई सदस्य नए मेहमान की देखभाल कर रहा है तो उसकी सलाह भी बहुत मायने रखती है। अगर आप दूसरे बच्चे के बाद भी काम चाहती हैं तो उसका ध्यान कौन रखेगा? क्या आप बच्चे के लिए दाई रखना चाहेंगी ?
     
  5. बच्चों में 3 साल से कम का अंतर -- बच्चों के बीच कम अंतर होने के अपने नुकसान और फायदे हैं।  कुछ माता पिता एक के बाद एक बच्चों को जन्म दे देते हैं  वहीं कुछ माता पिता एक बच्चे के बड़े होने का इंतज़ार करते हैं। जल्दी जल्दी बच्चे होने का मतलब है की दोनों बड़े प्यारे दोस्त की तरह आपस में खेलेंगे और बड़े होंगे। नए बेबी का ध्यान कैसे रखना है वो आपके दिमाग में ताजा होगा जैसे स्तनपान, नहाना, डायपर बदलना आदि।  आपके बड़े बच्चे के खिलौने, किताब, कपडे आदि छोटे बच्चे के काम आ जाएंगे| पर फायदे के साथ कुछ नुक्सान भी होते ही है जैसे की दोनों बच्चे छोटे हैं इसीलिए दोनों आपका ध्यान बराबर रूप से मांगेंगे। इसका मतलब लड़ना, चिल्लाना आदि भी चलता रहेगा।  आप दोनों पर ध्यान देते हुए थक जाएंगी
     
  6. बच्चे में 3-4 साल के अंतर का होना -- आपका बड़ा बच्चा कुछ हद तक समझदार हो जाएगा और आपको उसके काम नहीं करने पड़ेंगे।  बच्चों की देखभाल करना आप सीख चुकी होंगी इसीलिए कोई परेशानी नहीं होगी।  क्योंकि बच्चों में अंतर ज्यादा नहीं है इसिलए उनकी पसंद और नापसंद भी ज्यादा अलग नहीं होंगे पर कभी कभी जब आप अपने छोटे बच्चे के साथ आपकी वव्यस्तता की वजह से बड़े बच्चे को अपनी अहमियत काम होती दिखाई देगी जिससे उसमे ईर्ष्या की भावना आ सकती है।

तो इन बातों पर अच्छे से विचार करने के बाद ही आप दूसरे बच्चे के बारे में सोच विचार कर कोई फैसला करें। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • 1
कमैंट्स()
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| Sep 20, 2018

दूसरा बच्चा करने से पहले ऑफकोर्स स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और परिवार की मदद आदि सभी का ध्यान रखना होता है।लेकिन इन सब से ज्यादा ये जरूरी है के पहले बच्चे को मानसिक रूप से उसके भाई_बहिन से मिलाने को तैयार करना।क्योंकि पहले सिर्फ एक बच्चे पे ही मां_बाप और फैमिली का ध्यान होता है जब दूसरा बच्चा आ जाता है तो थोड़ा सा ध्यान पहले बच्चे से हट जाता है। ये स्वाभाविक है लेकिन एक छोटा बच्चा ये समझ नहीं पाता। जरूरी है कि बच्चा कंसीव करने से पहले ही आप पहले बच्चे को उसके दैनिक काम उसको खुद करने कि आदत डालें। जैसे_ब्रश करना, खाना खाना, कपड़े पहनना। जिससे धीरे_ धीरे बच्चा बिना किसी प्रेशर के जिम्मेदार बन सके। साथ ही बच्चे को छोटे बच्चो के साथ घुलना मिलना सिखाए जिससे जब दूसरा बच्चा आए तो उसमे jealousy ना हो।

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