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दुसरे बच्चे के लिए इस तरीके से करें प्लानिंग!

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संशोधित किया गया Apr 06, 2018

दुसरे बच्चे के लिए इस तरीके से करें प्लानिंग

जैसे ही पहला बच्चा खेलने लगता है परिवार वाले दुसरे बच्चे के लिए दबाव डालना शुरू कर देते है | हर कोई अलग अलग सलाह देता हैं लेकिन एक छोटे बच्चे के होते हुए दूसरे बच्चे के बारे में फैसला  केवल आप दोनों का है।बच्चा पालने की आपकी काबिलियत पर कोई शक नहीं है लेकिन फिर भी कुछ बातें हैं जिनके बारे में सोचना जरूरी है।  आपकी उम्र, आपकी आर्थिक स्थिति, आपका शरीर आदि कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातें हैं जिनका ध्यान रखना अतिआवश्यक है।
 

आपका शरीर दुसरे बच्चे के लिए तैयार है या नहीं  -- हो सकता है की आप दूसरे बच्चे के लिए तैयार हों लेकिन हो सकता है की आपका शरीर इसके लिए तैयार ना हों। बाहरी तौर पर आपका शरीर तैयार दिख सकता है लेकिन दूसरे बच्चे की तैयारी से पहले एक डॉक्टर से बात जरूर करें, खासकर के अगर आपके पहले बच्चे के प्रसव के दौरान कोई समस्या हुई हो।
 

उम्र को ध्यान में रखे-- अधिक उम्र में माँ बनने में आपको को परेशानीया हो सकती है।  अगर आपकी उम्र 35 से ऊपर है तो  है की आपको बच्चों के बीच में अंतर रखने का 3 से 4 साल से ज्यादा का वक़्त ना मिले।  हालांकि अगर आपकी उम्र 35 से काम है तो आप दूसरे बच्चे के होने के बारे में सोच सकती हैं।
 

आपकी आर्थिक स्थिति कैसी है -- आज कल लोगो को एक बच्चा पालना ही काफी महंगा पड़ता है |और दूसरे बच्चे का होना खर्च को दोगुना कर देता है, खाने से लेकर खिलौनों तक और कपड़ों से लेके देखभाल और स्कूल तक। इससे पहले की आप दूसरे बच्चे की तैयारी करें आप अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में भी सोचिये। अगर आप कामकाजी महिला हैं तो हो सकता है की आप दफ्तर के समय से ताल-मेल नहीं बैठा पाएंगे।  अपने आप से पूछें की क्या आप नौकरी छोड़ने के लिए तैयार हैं?
 

परिवार का सहयोग -- समय आने पर आप सब कुछ सम्हाल सकते है चाहे आपको किसी का सहयोग मिल रहा हो या नहीं पर अगर परिवार का कोई सदस्य नए मेहमान की देखभाल कर रहा है तो उसकी सलाह भी बहुत मायने रखता है। अगर आप दूसरे बच्चे के बाद भी काम चाहती हैं तो उसका ध्यान कौन रखेगा? क्या आप बच्चे के लिए दाई रखना चाहेंगी ?
 

बच्चों में 3 साल से कम का अंतर -- बच्चों के बीच काम अंतर होने के अपने नुकसान और फायदे हैं।  कुछ माता पिता एक के बाद एक बच्चों को जन्म दे देते हैं ताकि एक काम खत्म हो। वहीँ कुछ माता पिता एक बच्चे के बड़े होने का इंतज़ार करते हैं। जल्दी जल्दी बच्चे होने का मतलब है की दोनों बड़े प्यारे दोस्त की तरह आपस में खेलेंगे और बड़े होंगे। नए बेबी का ध्यान कैसे रखना है वो आपके दिमाग में ताजा होगा जैसे स्तनपान, नहाना, डायपर बदलना आदि।  आपके बड़े बच्चे के खिलौने, किताब, कपडे आदि छोटे बच्चे के काम आ जाएंगे| पर पयदे के साथ कुछ नुक्सान भी होते ही है जैसे की दोनों बच्चे छोटे हैं इसीलिए दोनों आपका ध्यान बराबर रूप से मांगेंगे। इसका मतलब लड़ना, चिल्लाना आदि भी चलता रहेगा।  आप दोनों पर ध्यान देते हुए थक जाएंगी।
 

बच्चे में 3 - 4 साल के अंतर का होना -- आपका बड़ा बच्चा कुछ हद तक समझदार हो जाएगा और आपको उसके काम नहीं करने पड़ेंगे।  बच्चों की देखभाल करना आप सीख चुकी होंगी इसीलिए कोई परेशानी नहीं होगी।  क्योंकि बच्चों में अंतर ज्यादा नहीं है इसिलए उनकी पसंद और नापसंद भी ज्यादा अलग नहीं होंगे।पर कभी कभी जब आप अपने छोटे बच्चे के साथ आपकी वव्यस्तता की वजह से बड़े बच्चे को अपनी अहमियत काम होती दिखाई देगी जिससे उसमे ईर्ष्या की भावना आ जाएगी।

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