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बच्चों में ड्राई स्किन की समस्या से निपटने के 8 आसान उपाय

Deepak Pratihast
0 से 1 वर्ष

Deepak Pratihast के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 02, 2019

बच्चों में ड्राई स्किन की समस्या से निपटने के 8 आसान उपाय

बड़ों की तुलना में छोटे बच्चों की त्वचा काफी पतली, संवेदनशील व नाजुक होती है और आसानी से ड्राई हो जाती है। यह समस्या सर्दी व गर्मी दोनों ही मौसम में हो सकती है। सर्दियों में मौसम में नमी व हीटर के इस्तेमाल से बच्चे की स्किन की नेचुरल नमी खो जाती है। वहीं गर्मी में धूप व एयर कंडीशन से बच्चे की त्वचा रूखी हो जाती है। ऐसे में 2 साल तक के बच्चों पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। इस ब्लॉग में हम बताएंगे आखिर बच्चों की त्वचा क्यों सूखती है और किस तरह आप बच्चे की त्वचा का ध्यान रखते हुए उसे मुलायम बना सकते हैं।

बच्चों में सूखी त्वचा के कारण / Dry skin on a baby's face: Causes

जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि बच्चों की त्वचा बेहद नाजुक होती है, जिस वजह से यह बहुत जल्दी ड्राई हो जाती है। इसके अलावा कुछ और वजहें भी हैं।

  1. मौसम – अधिक ठंडा और गर्म मौसम दोनों ही बच्चों की त्वचा से नमी चुराते हैं। बच्चों को धूप, शुष्क या ठंडी हवा के संपर्क में लाने से स्किन ड्राई हो सकती है।

  2. घर व आसपास का तापमान -  अगर किसी घर में केंद्रीय ताप प्रणाली कमरे को बहुत ज्यादा गर्म या एयर कंडीशन बहुत ज्यादा ठंडा बना दे तो हवा घर में अपनी नमी खो देती है, जिससे बच्चे की स्किन भी ड्राई होने की आशंका रहती है।

  3. लंबा स्नान – काफी समय तक बच्चे को स्नान कराना भी स्किन ड्राई का कारण बन सकता है। दरअसल काफी समय तक स्नान से प्राकृतिक त्वचा का तेल सूख जाता है और बच्चे की स्किन ड्राई हो जाती है।

  4. क्लोरीन युक्त पानी का इस्तेमाल – अगर आप बच्चे को क्लोरीन युक्त पानी से नहलाते हैं, तो इससे भी उसकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और स्किन ड्राई हो सकती है।

  5. कठोर व गैर-शिशु साबुन का इस्तेमाल – अगर आप बच्चे को नहलाने के दौरान कोई कठोर या फिर गैर शिशु साबुन का इस्तेमाल करते हैं, इससे भी उसकी नाजुक त्वचा सूख कर कठोर हो जाती है।

कुछ और ऐसे कारण होते हैं, जिनकी वजह से बच्चों की त्वचा सूखती है।

  1. एकजिमा -  यह एक त्वचा एलर्जी की स्थिति है। यह खुजली वाले चकत्ते के रूप में जानी जाती है औऱ ज्यादातर गाल और माथे पर होती है। सूखी त्वचा पर चकत्ते एकजिमा के प्रमुख लक्षण हैं।

  2. पिट्रियासिस अलवा – यह भी एक एकजिमा है, जो केवल चेहरे, हाथ व धड़ पर दिखाई देता है।

  3. सोरायसिस -  बेशक यह एकजिमा की तरह लगता है, लेकिन यह स्किन एलर्जी नहीं है। यह त्वचा से जुड़ी एक बीमारी है। इसमें स्किन पर लाल चकत्ते पड़ने लगते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर कोहनी के बाहरी हिस्से व घुटने पर दिखता है। इसमें स्किन की ऊपरी परत पर पपड़ी बन जाती है और सफेद धब्बे भी बन जाते हैं।

  4. पालना टोपी (क्रैडल कैप) -  क्रैडल कैप शिशु के सिर (खोपड़ी) की त्वचा पर बनती है। इसमें त्वचा पर पपड़ीदार, शुष्क, रूसीयुक्त, पीली या भूरी पपड़ी बन जाती है।

शिशुओं की सूखी त्वचा से कैसे निपटें / Home remedies for dry skin: 8 home remedies

बच्चों की सूखी त्वचा का इलाज उनके सूखने के स्तर के आधार पर होता है। इसके इलाज के कई तरीके हैं। ड्राई स्किन जो आमतौर पर पर्य़ावरण के मुद्दों के कारण होती है, निम्न तरीकों से इससे बचाव किया जा सकता है।

  1. बच्चे के नहाने का समय सीमित करें – अपने शिशु को ज्यादा देर तक न नहलाएं। इससे उसके त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। बच्चे को 10 मिनट से ज्यादा न नहलाएं। नहलाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। रोजाना नहलाने की जगह हफ्ते में 3-4 बार ही नहलाएं।

  2. खराब या कठोर साबुन से बचें – बच्चे को ड्राई स्किन की समस्या से बचाने के लिए जरूरी है कि आप खराब या कठोर साबुन से बचें। स्टैंडर्ड बेबी शॉप चुनने की जगह आपको ऐसा शावर जैल या तरल साबुन लेना चाहिए, जिसमें नमी प्रदायक क्रीम की मात्रा प्रचूर हो। अगर आप बेबी शॉप को पसंद करते हैं, तो ऐसा साबुन चुनें जिसमें अतिरिक्त मॉइश्चराइजर व तेल हो। बच्चों के लिए ऐसे साबुन से परहेज करना चाहिए जिसमें सुगंध, बुलबुले व अल्कोहोल हो।

  3. बच्चे को नहाने के बाद मॉइश्चराइजिंग लोशन का प्रयोग करें – बच्चे को नहलाने के बाद उसके शरीर पर मॉइश्चराइजिंग लोशन का प्रयोग जरूर करें। बच्चे के स्नान के बाद तीन मिनट के अंदर इसका उपयोग करना महत्वपूर्ण है। इससे आप बच्चे की त्वचा पर नमी को बनाए रख सकते हैं।

  4. बच्चों को लिए नैचुरल फैब्रिक से बने कपड़े ही पहनाएं – बच्चे की त्वचा उसके कपड़ों से भी प्रभावित होती है। ऐसे में जरूरी है कि आप उसे नैचुरल फैब्रिक से बने सूती कपड़े पहनाएं। कपड़ा ऐसा हो जो नरम हो और सांस लेने में दिक्कत न दे। आपको सिंथेटिक फाइबर कपड़ों से दूर रहना चाहिए।

  5. कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट पर भी दें ध्यान – सिर्फ अच्छे कपड़े चुनना ही काफी नहीं है। आप बच्चों के उन कपड़ों को किस तरह के डिटर्जेंट का इस्तेमाल करते हैं, ये भी बहुत मायने रखता है। अगर आप बच्चों के कपड़ों को धोने के लिए कठोर डिटर्जेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे बच्चे की त्वचा सूखेगी और जलन भी बढ़ेगा। आपको उनके कपड़े बच्चों के वस्त्र धोने वाले डिटर्जेंट से ही साफ करने चाहिए।

  6. सर्दियों में बच्चे को अच्छी तरह कपड़े पहनाकर रखें – ठंड में आपको बच्चे को अच्छी तरह से कपड़े पहनाकर रखना चाहिए। यह न केवल ड्राई स्किन रोकने में मदद करेगा, बल्कि उसे अन्य बीमारियों से भी दूर रखेगा। जब कभी बच्चे को घर से बाहर निकालें तो उसे पूरे बाजू की जैकेट या स्वैटर पहनाएं। कानों को टोपी से ढकें। हाथों को दस्ताने से ढकें। सर्दियों में बच्चे के चेहरे पर पेट्रोलियम जेली भी लगाएं। इससे बच्चे का चेहरा यानी त्वचा नहीं फटेगी।

  7. घर में ह्यूमिडिफायर लगाएं -  सूखी हवा बच्चों की त्वचा की सबसे बड़ी दुश्मन है। सर्दियों के मौसम में बच्चे के कमरे में हवा की नमी का स्तर स्थिर रखने के लिए ह्यूमिडिफायर लगवाएं। इसे नियमित रूप से साफ करना न भूलें। इसके अलावा अपने थर्मोस्टेट को हमेशा 68 ° F के आसपास ही रखें।

  8. बच्चे को हाइड्रेटेड रखें – बच्चे की त्वचा पर मॉइश्चराइजर की जरूरत होती है और इसके लिए उसे भरपूर हाइड्रेशन की जरूरत होती है। ऐसे में जरूरी है कि आप उसे हाइड्रेटेड रखें, खासकर सर्दियों में। हाइड्रेशन के लिए उसे ज्यादा से ज्यादा मां का दूध पिलाएं। अधिक पानी पिलाएं।

 

ये घरेलू नुस्खे भी हो सकते हैं कारगर

बच्चे की त्वचा को सूखने से बचाने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे भी अपना सकते हैं। ये काफी कारगर होते हैं। हालांकि इनका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए। दरअसल सावधानी की जरूरत इसलिए है क्योंकि आप घर में जिन चीजों का इस्तेमाल करें वह मिलावटी न हो इसकी जांच जरूरी है। इन्हें यूज करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

  1. ओटमिल – बच्चे को नहलाते वक्त आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। यह स्किन को पोषण पहुंचाता है। आधा कप ओटमिल धीमी आंच पर पकाएं। इसके बाद इसे पानी में मिला दें। कुछ देर बाद बच्चे को उस पानी में 10-15 मिनट के लिए रखें और फिर साफ पानी से नहलाएं।

  2. तेल की मालिश -  बच्चे को नहलाने के बाद तेल से मालिश करना भी काफी फायदेमंद होता है। इससे त्वचा जलनियोजित रहती है। आप वनस्पति तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल इनमें लिनोलिएक एसिड की मात्रा उच्च होती है। यह स्किन पर नमी को बचाता है।

  3. ग्लिसरीन और गुलाब जल – आप ग्लिसरीन और गुलाब जल को बराबर मात्रा में लेकर एक बोतल में मिला लें। जब लगे कि शिशु की त्वचा सूखे तो इसका इसका इस्तेमाल करें। इसके सूखने के बाद आप क्रीम या लोशन भी लगा सकते हैं।

  4. अंडे की जर्दी – आप अंडे की जर्दी लें और एक चम्मच शहद मिलाकर इसका उबटन बना लें। इसे हल्के हाथ से अपने बच्चे की त्वचा पर लगाएं। सूखने के बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि इस मिश्रण को बच्चा निगले न।

  5. बादाम का तेल – बादाम का तेल भी आपके बच्चे की त्वचा में नमी बनाए रख सकता है। आप बादाम के तेल की कुछ बूंदें दही में मिलाएं। इस मिश्रण को बच्चे के शरीर पर लगाएं। पांच मिनट तक इसे लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से धो दें।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • 5
कमैंट्स()
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| Aug 18, 2019

no

  • रिपोर्ट

| Aug 11, 2019

very nice information

  • रिपोर्ट

| Aug 08, 2019

Very helpful

  • रिपोर्ट

| Aug 08, 2019

pitrasis ka koi upay btaiye plzzz

  • रिपोर्ट

| Aug 03, 2019

Hello Ma'am/sir meri beti 34 week pregnancy me hui thi. 2. 2 kg ki . Formula milk leti hai. 2 Month me 3. 4 kg hui matr . mujhe kya karna chahiye jise uska bajn ache se bade.

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