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क्या हैं बच्चो की आँखों में इन्फेक्शन के कारण, लक्षण और सावधानियां ?

Prasoon Pankaj
0 से 1 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया May 02, 2019

क्या हैं बच्चो की आँखों में इन्फेक्शन के कारण लक्षण और सावधानियां

आंख हमारे शरीर के सबसे नाजुक और खास अंगों में से एक है। आंखों में किसी प्रकार की समस्या होने पर जरा सी लापरवाही जिंदगी भर के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। जहां तक बात रही बच्चों की तो उनके आंख बहुत ज्यादा संवेदनशील होते हैं और उनके आंखों की सेहत का विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। आंखों में इन्फेक्शन की समस्या से सिर्फ हम बड़े लोग ही नहीं बल्कि हमारे बच्चे भी पीड़ित होते हैं। तो चलिए आज हम आपको इस ब्लॉग में बच्चों की आंखों में इन्फेक्शन के कारण, लक्षण और उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्यों होता है आंखों में संक्रमण ?Eye Infection Causes in Hindi

आपने अक्सर सुना होगा कि आखों में इन्फेक्शन हो गया है, दरअसल आंखों में संक्रमण का होना आम बीमारी है और ये किसी को भी हो सकती है। आंखों में इन्फेक्शन को आई फ्लू (Eye Flu) के नाम से भी जानते हैं। ये जीवाणु से फैलने वाला एक संक्रामक बीमारी है जो घर-परिवार या दफ्तर में भी किसी को होने पर आपको अपना शिकार बना सकती है। इस बीमारी के जीवाणु रोगी के इस्तेमाल में लाई जाने वाली चीजों जैसे कि रूमाल, तौलिया, या अन्य किसी दूसरी वस्तुओं के माध्यम से कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) का मरीज बना सकता है।

 

क्या नवजात शिशु को भी हो सकता है आंखों का संक्रमण? / Eye Infections in Newborn & Infants in Hindi

नवजात शिशु के जन्म लेने के 3 से 4 हफ्तों में जन्मजात इन्फेक्शन होने की संभावना बनी रहती है जिसे ऑफ्थैलमिया नियोनेटोरम कहा जाता है। शिशु के जन्म लेने के समय होने वाली लापरवाही के चलते ये इन्फेक्शन हो सकता है। शिशु की आंखों से पानी आना, बच्चे के आंखों का चिपकना, आंखों का लाल हो जाना एवं अन्य प्रकार की समस्याएं इसके लक्षण हो सकते हैं। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक शिशु की आंखों का ध्यान रखने और सफाई बरतने पर ये इन्फेक्शन ठीक हो जाता है।
 

क्या हैं आंखों में संक्रमण होने के लक्षण?Reasons of Eye Infection in Hindi

आंखों में इन्फेक्शन या संक्रमण होने के बहुत प्रकार के लक्षण हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरंदाज नहीं करना चाहिए। अगर इस प्रकार के लक्षण नजर आए तो तत्काल ऑंख के डॉक्टर से संपर्क करें और अपना उपचार शुरू करवाएं।

  1. आंखों का लाल हो जाना
     
  2. वायरल कंजक्टिवाइटिस होने पर आंखों से चिपचिपा जैसा तरल पदार्थ निकलता है। इसके अलावा आंखों में जलन और दर्द की समस्या भी बनी रहती है। तेज रोशनी या धूप में निकलने पर रोगी को कठिनाइयों का सामना करना पड़ जाता है इसके अलावा सुबह जगहने पर आंखें चिपक जाती है।
     
  3. आंखों की पलकों पर सफेद परत 
     
  4. आंखों से निकलने वाले चिपचिपे पदार्थ के प्रभाव से धुंधला नजर आने लगता है
     
  5. आंखों से आंसू निकलना
     
  6. आंखों में या आंखों के नीचे खुजलाहट महसूस होना
     
  7. आंखों में तेज दर्द का महसूस होना या जलन होना
     
  8. कई बार तो खून भी आने लगता है 
     

आंखों में संक्रमण के प्रकार

जैसा कि आप जानते हैं कि आंखें बेहद संवेदनशील अंग होते हैं। आंखों के सामने के भाग में एक पतली श्लेष्मा झिल्ली होती है। यह धूलकणों, बाहरी कचड़ें इत्यादि से हमारे आंखों को बचाता है। इसमें कई प्रकार के संक्रमण हो सकते हैं और इसमें सूजन आ जाती है। कंजक्टिवाइटिस या आंखों में संक्रमण कई प्रकार के होते हैं।

  • वायरल कंजक्टिवाइटिस 
  • एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस
  • बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस
  • केमिकल कंजक्टिवाइटिस

अगर बच्चे को किसी चीज से एलर्जी है तो उसकी वजह से भी कंजक्टिवाइटिस हो सकता है, जैसे कि साबुन, शैंपू या परफ्यूम से भी संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा आंखों में गंदगी का जाना, धूल का जाना या छोटे-मोटे कीट पतंग के प्रवेश कर जाने से भी कंजक्टिवाइटिस हो सकता है। प्रदूषण या गंदे पानी का इस्तेमाल करने से भी इन्फेक्शन हो सकता है। मानसून के समय में यानि बारिश के मौसम में विशेष रूप से एहतियात बरतना चाहिए।

क्या हैं सावधानियां और उपचार आंखों में संक्रमण होने पर ?Eye Infection Precautions & Treatments in Hindi

सबसे पहली और जरूरी बात कि अगर आपके आसपास में कोई भी व्यक्ति आंखों में इन्फेक्शन की समस्या से पीड़ित है तो उसके इस्तेमाल में आने वाली किसी भी सामान का प्रयोग ना तो आप करें और ना ही अपने बच्चे को करने दें।

  1. इन्फेक्शन से पीड़ित व्यक्ति की आंखों से निकलने वाले पानी में इस बीमारी के वायरस होते हैं। बीमार व्यक्ति के हाथों, कपड़ों, रूमाल, चश्मा एवं अन्य सामानों के माध्यम से ये वायरस घर परिवार के दूसरे सदस्यों तक आसानी से पहुंच जाता है। इसलिए एहतियात बरतें और रोगी के किसी भी सामान का प्रयोग तब तक ना करें जब तक ये बीमारी खत्म ना हो जाए। 
     
  2. होता ये है कि एक ही आई ड्रॉप से कई लोग अपनी आंखों में दवा डाल लेते हैं लेकिन ये पूरी तरह से गलत है। एक आई ड्रॉप का प्रयोग सिर्फ एक रोगी को करना चाहिए नहीं तो इसके माध्यम से भी संक्रमण हो सकता है क्योंकि आई ड्राॉप का प्रयोग करते समय मरीज अपने हाथों और अंगुलियों का प्रयोग करता है।
     
  3. हमलोग पीने के पानी का तो बहुत ध्यान रखते हैं लेकिन नहाने के पानी को लेकर उतना ख्याल नहीं रख पाते हैं। आप नहाने के लिए भी साफ पानी का प्रयोग करें और संभव हो तो नहाने के लिए जो बाल्टी प्रयोग कर रहे हैं उसमें 2 या 3 बूंद डेटॉल को मिला लें।
  4. संक्रमण या कंजक्टिवाइटिस का प्रभाव जब ज्यादा हो तो उस दौरान अपने बच्चे को पब्लिक प्लेस जैसे कि सिनेमाघर या भीड़ भाड़ वाले जगहों पर ले जाने से बचें।
     
  5. अपने आंखों को बार-बार नहीं मसलें। ये आपके आंखों के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकता है और अंदरूनी जख्म भी हो सकते हैं।
     
  6. अपने बच्चे को विटामिन ए की खुराक जरूर पिलवाएं। जैसा कि आप जानते हैं कि विटामिन ए की कमी से रतौंधी जैसी बीमारी हो सकती है।
     
  7. अगर इस बीमारी की वजह से आपका एक आंख प्रभावित है तो अपने दूसरे आंख की सुरक्षा के लिए प्रभावित आंख की तरफ करवट लेकर सोने का प्रयास करें।
     
  8. बच्चे की आंखों में किसी प्रकार का काजल या शहद का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ये आपके बच्चों की आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

 

अगर आपके आंख में किसी प्रकार की समस्या या बीमारी नहीं है तो आई ड्रॉप या  दवा नहीं डालें। अगर आप इन्फेक्शन से पीड़ित हैं तो सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें। एक और जरूरी बात कि आई ड्रॉप को अगर आपने प्रयोग करने के लिए खोल लिया है तो ये सिर्फ एक महीने तक के लिए ठीक रहता है। एक महीने का समय पूरा होने के बाद उस खुली हुई आई ड्रॉप का इस्तेमाल बिल्कुल ना करें।

 

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  • 5
कमैंट्स()
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| Sep 24, 2019

Humare baby 2 yrs ki hai wo kisi kisi time aajeba se dekhte hai hum kiya kare

  • रिपोर्ट

| Aug 05, 2019

meri beti ki dono akho me Pani aata tha ab ek me Abhi bhi ata he or Wah 4 month ki he kya kre

  • रिपोर्ट

| May 08, 2019

mera baby 22 month ka hai pr sust sa rhta hai

  • रिपोर्ट

| May 05, 2019

mera baby 2 month ka hai or kl se uski aankh se pani ja rha hai or yellow discharge v boht ho rha hai puri aankh pr chipchipa pdarth hai , kya kru?

  • रिपोर्ट

| May 03, 2019

so much in m in a meeting and I will ihioih kio thekioikk keep a key KK keep ok

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