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बाढ़ के दौरान रेस्क्यू बोट में हुआ बच्ची का जन्म, आप इन 10 बातों का जरूर रखें ध्यान

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 06, 2020

बाढ़ के दौरान रेस्क्यू बोट में हुआ बच्ची का जन्म आप इन 10 बातों का जरूर रखें ध्यान
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

अभी देश के कई हिस्सों में बाढ़ आने की खबरें सामने आ रही है। बाढ़ की स्थिति कितनी भयावह होती है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा लीजिए की बाढ़ में फंसे लोगों को हर तरफ पानी ही पानी नजर आता है लेकिन सच्चाई यही है की पीने के पानी को लेकर भी संकट बना होता है। सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना गर्भवती महिलाओं व छोटे बच्चों को होता है। यातायात के तमाम साधन ठप पड़ जाते हैं और ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए यकीनन चुनौती से भरा समय होता है। लेकिन वो कहते हैं ना कि जहां चाह वहां राह तो कठिनाईयों से भरे इस समय में भी धैर्य बनाए रखने से रास्ता निकल ही आता है। हम बात कर रहे हैं बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की जहां एनडीआऱएफ की बोट पर एक गर्भवती महिला ने बच्ची को जन्म दिया। 

रेस्क्यू बोट पर गर्भवती महिला ने बच्ची को जन्म दिया

पूर्वी चंपारण के बंजारिया प्रखंड का गोबरी गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ था। इस गांव के मुनीलाल महतो की पत्नी रीमा को अचानक से प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अब पूरे परिवार के सामने ये चुनौती आ गई कि किन उपायों की मदद से रीमा को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जाए। रीमा की इस स्थिति के बारे में एनडीआऱएफ के कमांडर सहायक जितेंद्र कुमार को जैसे ही मिली उन्होंने अपने मातहत कर्मचारियों को तत्काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम फौरन गर्भवती महिला के घर रेस्क्यू बोट लेकर पहुंच गए। 

NDRF की टीम ने रेस्क्यू बोट में रीमा देवी, उनके परिजन व साथ में एक आशा देवी को लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के प्रयास में जुट गए। आपको बता दें कि बूढ़ी गंडक नदी भी पूरे उफान पर बह रही थी। नदी के बीच में मंजधार में गर्भवती महिला की प्रसव पीड़ा औऱ बढ़ती गई। हालात की गंभीरता को देखकर एनडीआऱएफ की टीम ने रेस्क्यू बोट पर ही प्रसव कराने का फैसला कर लिया। बोट में मौजूद आशा सेविका और परिवार की महिलाओं के सहयोग से सफल औऱ सुरक्षित प्रसव करा लिया गया, बच्ची के बोट पर जन्म लेने के बाद वहां उपस्थित सभी लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बाद में मां औऱ बच्ची को एंबुलेंस की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवा दिया गया है। बाद में जानकारी देते हुए NDRF की टीम ने बताया कि साल 2013 से अब तक 9वीं बटालियन के रेस्क्यू बोट में अब तक कुल 10 शिशु जन्म ले चुके हैं औऱ जिनमें एक जुड़वां बच्चा भी शामिल है। 

बाढ़ या किसी प्रकार के प्राकृतिक आपदा के दौरान गर्भवती महिलाएं किन बातों का रखें ध्यान /Safety Messages For Pregnant Women During Disasters & Flood In Hindi

बाढ़ जैसी आपदा के दौरान गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों को विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोग इन महत्वपूर्ण बातों का जरूर ध्यान रखें।

  1. अगर आप गर्भवती हैं तो अपने डॉक्टर या अस्पताल से ये जरूर पूछ लें कि किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के दौरान आपको चिकित्सा सुविधा कैसे प्राप्त हो सकता है।
     
  2. आपके डॉक्टर आपको इस तरह की आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाने में जरूर मदद करेंगे
     
  3. लेबर पेन के शुरुआती लक्षणों को महसूस करने के बाद अगर आपको घर से अस्पताल जाना है तो आप ये जरूर सुनिश्चित कर लें कि आपको कहां आश्रय मिल सकता है औऱ इसके साथ ही सभी जरूरी सामानों व दवाओं को पहले से ही अपने बैग में रख लें। अपना मेडिकल रिपोर्ट्स, वे दवाएं या विटामिन की गोलियां जिसे आपके डॉक्टर ने उपयोग करने की सलाह दी है उसको साथ में लेना बिल्कुल ना भूलें।
     
  4. अपने साथ में कम सोडियम वाले स्नैक्स, बोतलबंद पानी और अन्य पौष्टिक सामान का स्टॉक अवश्य कर लें और हमेशा पानी पीते रहें।
     
  5. इस विपरित स्थितियों में भी ज्यादा मानसिक तनाव ना लें नहीं तो इसका असर होने वाले बच्चे पर भी हो सकता है। खुद को मानसिक तौर पर पहले से ही मजबूत कर लें और ये विश्वास रखें कि सब बेहतर ही होगा।
     
  6. अगर आप बाढ़ प्रभावित इलाके में हैं और राहत के लिए किसी अस्थाई शिविर में हैं तो वहां के कर्मचारी को ये जरूर सूचित कर दें कि आप गर्भवती हैं ताकि वो आपकी मदद कर सकें।
     
  7. लेबर पेन होने पर स्वास्थ्य केंद्र या हेल्पलाइन नंबर 911 पर जरूर कॉल करें। वहां शिविर में मौजूद कर्मचारियों का भी सहयोग लेने से बिल्कुल ना हिचकिचाएं।
     
  8. प्रेग्नेंसी के दौरान आपके डॉक्टर के द्वारा बताए गए सभी वैक्सीन समय पर लें। टीकाकरण गर्भवती महिलाओं व उनके होने वाले बच्चे को बहुत सारी बीमारियों से रक्षा करता है।
     
  9. किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर अस्पताल या डॉक्टर से मोबाइल फोन के माध्यम से जरूर संपर्क करें। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी प्रकार की दवा का सेवन ना करें।
     
  10. बाढ़ के दौैरान बहुत सारे कीड़े मकोड़े व सांप इत्यादि का खतरा बना होता है। इसलिए बेहतर है कि आप सोने समय में मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें।

इसके अलावा फुल बाजूबंद कपडों को पहने व संक्रमण इत्यादि से बचने का प्रयास करें। सबसे बड़ी बात कि तनाव बिल्कुल ना लें

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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