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गर्भावस्था में पैर व पीठ की मालिश के क्या हैं फायदे ?

Supriya Jaiswal
गर्भावस्था

Supriya Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Feb 18, 2019

गर्भावस्था में पैर व पीठ की मालिश के क्या हैं फायदे

गर्भावस्था मे महिलाओ का शरीर बहुत तरह के बदलाव को झेलता है जिससे उन्हें थकावट और सूजन हो जाता है ,मालिश गर्भवती महिलाओं के खून का संचार बढाता है। इससे गर्भवती महिलाओं के पैर की सूजन भी कम होती है। मालिश करने से तनाव कम होता है और मालिश प्रसव मे भी सहायक होता है।

गर्भावस्था  मे मालिश का सही तरीका / Right way of massage during Pregnancy In Hindi

गर्भावस्था में मालिश करने के बहुत फायदे हैं लेकिन मालिश के समय में कुछ बातों का खास ख्याल रखने की आवश्यकता है।

  • मालिश के लिए जगह स्वच्छ और शांत होना चाहिए। एकदम बंद जगह की बजाय खुला स्थान चुनें जहां ताजी हवा मिलती रहे।
     
  • कोशिश करें कि मालिश करवाते समय सारी चिंताये भूल जाये और दिमाग को शांत रखें।  इसके साथ ही मालिश करने वाले का दिमाग जितना शांत और एकाग्र होगा, मालिश करवाने वाले को उतना ही फायदा मिलेगा।
     
  • मालिश नीचे से शुरू करके ऊपर की ओर की जानी चाहिए।
     
  • मालिश करने वाले को पहले अपने हाथ किसी क्रिया द्वारा गर्म कर लेने चाहिए क्योंकि गर्म हाथ नरम होते हैं।
     
  • मालिश धीरे-धीरे व दबाव डालकर करनी चाहिए।
     
  • मालिश करवाते समय यह ध्यान देना चाहिए कि यदि ठंड है तो मालिश का स्थान गर्म होना चाहिए और यदि गर्मी है तो स्थान ठंडा होना चाहिए।
     
  • मालिश करने वाले का स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए।
     
  • गर्भावस्था के दौरान जो महिलाएं कमजोर होती है उनकी मालिश आधे घंटे से ज्यादा समय तक नहीं करनी चाहिए। परंतु एक स्वस्थ महिला की 45 मिनट या 1 घंटे तक मालिश करनी चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान मालिश करवाने के फायदे / Benefits of Massage During Pregnancy In Hindi

जब आपका गर्भ 4 महीने का हो जाता है तो आपको पीठ के बल लेटने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है क्योंकि इससे आपकी खून कणिका पर दबाव पड़ता है। इसलिए पीठ कि मालिश से आपको पीठ के बल लेटने में दिक्कत कम होगी और आपको अच्छा महसूस होगा।

  • गर्भावस्था के दौरान पैरों की मालिश से रक्त संचार तेज होता है और पैरों की जकड़न से राहत मिलती है।
     
  • इस दौरान जोड़ों में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है व पैरों में होने वाली सूजन की समस्या से भी मालिश करके निजात पाया जा सकता है।
     
  • गर्भावस्था के दौरान कभी जी मचलने, सीने में जलन या दर्द की शिकायत होती है। परंतु पैरों और पीठ की मालिश से इन समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
     
  • मालिश से कमर में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है।
     
  • गर्भावस्था के दौरान मालिश करने से आपका तनाव खत्म होता है और इससे आपको वह हार्मोन्स मिलते हैं जो आपको खुशी देते हैं। इन हारमोंस को एंडोर्समेंट कहते हैं।
     
  • इससे बेचैनी कम होती है और इंसान चिंता मुक्त होता है।मालिश करने से मन शांत होता है और इससे नींद भी अच्छी आती है।

कुछ विशेष बातो का ध्यान दें मालिश करवाते समय / Some important points to remember during massage In Hindi

  • गर्भावस्था के दौरान पैरों और पीठ की मालिश करवानी चाहिए क्योंकि मालिश से कई समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है लेकिन कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी है।
     
  • जब आप गर्भावस्था के दौरान मालिश करवाती हैं तो ध्यान रहे कि मालिश करने वाला व्यक्ति अनुभवी हो क्योंकि इस दौरान पेट की कुछ मांसपेशियों पर दबाव डाला जाता है जिससे गर्भावस्था की सूजन कम होती हैं।
     
  • कोई भी मालिश से पहले आपको अपने डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए।
     
  • अगर आपअधिक समय तक लेटकर थक जाएं या फिर अपको किसी तरह की बैचेनी होने लगे तो मालिश को तुरंत रुकवा दे।
     
  • जो महिलाएं ब्लड प्रेशर रोग से ग्रस्त हो उनकी मालिश ऊपर से नीचे की ओर करनी चाहिए और धीरे-धीरे और सावधानी के साथ करनी चाहिए।

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