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गर्भावस्था के दौरान कैसे रखें बुरे सपनों से अपनों को दूर?

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संशोधित किया गया Oct 28, 2017

गर्भावस्था के दौरान कैसे रखें बुरे सपनों से अपनों को दूर

आप उठना चाह रहे हों लेकिन शरीर हिल ही नहीं रहा, न जाने कौन गला दबा रहा है लेकिन आप चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं या फिर किसी जंगल में रास्ता भटक गए हैं और आपको सही रास्ता नहीं मिल रहा है। चारों ओर डर के सिवा कुछ नहीं है।

अक्सर बिस्तर पर आंख लगने के कुछ मिनटों बाद ही सपनों की दुनिया आपके लिए किसी डरावने डाक बंगले जैसी हो जाती है और न चाहते हुए भी कई बार आप ऐसे डरावने सपनों का शिकार होते हैं जिनके बारे में सोचकर आपकी नींद उड़ जाती है।

डरावने सपनों से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले इनके कारणों को जानना आवश्यक है और इनके कारणों को समझकर ये उपाय अपनाये जा सकते है। गर्भावस्था के दौरान ऐसे सपने देखने से जन्म लेने वाले बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है।

सपनों की है एक अलग दुनिया

  • यद्यपि विज्ञान हमेशा से सपनों की वजह आंखों का 'रेपिड आइ मूवमेंट' है लेकिन इनके विषय को हमारा मस्तिष्क और स्वास्थ्य जरूर प्रभावित करता है। हमारे मस्तिष्क में जो विचार आते हैं सपनों की दिशा भी अक्सर उसी ओर होती है।
  • अमेरिका के एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ ड्रीम्स के विशेषज्ञों के अनुसार करीब पांच से दस प्रतिशत वयस्क महीने में एक बार या इससे अधिक बार बुरे सपनों का अनुभव लेते हैं।
  • शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में बुरे सपनों के लिए तनाव, गर्भावस्था, मोटापा जैसे कारणों को तरजीह दी है।
  • वहीं इस शोध में यह भी माना गया है कि बच्चे अक्सर बुरे सपनों के दौरान नीद में चलने या बिस्तर गीला करने जैसी समस्याओं से जूझते हैं। इन समस्याओं के आधार पर उपायों पर गौर करना जरूरी है।

सोने से पहले करें ले तैयारी

गर्भावस्था के दौरान बुरे सपनों से बचने के लिए जरूरी है कि सोने से पहला आप पूरी तरह से तनावमुक्त हों और आराम की मुद्रा में रहें। और ऐसे समय सोने से पहले स्ट्रेस दूर करने के लिए आप ध्यान, गर्म पानी से स्नान जैसे उपायों को आजमा सकते हैं जिससे यकीनन लाभ होगा।

इनसे बचाव जरूरी

गर्भावस्था के दौरान सोने से पहले क्या करना है और क्या नहीं करना है, इस पर भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है। सोने से पहले डरावने सीरियल या फिल्में, बहुत हिंसक वीडियो आदि देखने से बचना चाहिए। इससे शरीर का स्ट्रेस लेवल बढ़ता है ज‌िनका प्रभाव सोने के बाद भी नजर आता है।

खानपान पर दें विशेष ध्यान

  • गर्भावस्था के दौरान रात में ऐसी डाइट लेने से बचें जो आपका तनाव बढ़ाती हो। भारी और ऑयली डाइट या ओवर डाइट से शरीर में कोर्टिजोल नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ता है और डरावने सपने अधिक आते हैं और यह आपके और होने वाले बच्चे पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है।
  • इस मामले में सोने से पहले एक ग्लास गर्म दूध आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

सपनों के बारे में न सोचें

  • कभी-कभी एक ही तरह के सपना लगातार आता रहता है। ऐसे में सबसे आसान तरीका यह है कि नींद से जागने के तुरंत बाद आप अपने करीबियों से सपने में क्या घटा, यह सांझा कर लें। इससे तनाव कम होता है और दोबारा डरावना सपना आने की संभावना कम हो जाती है।
  • कहने का तात्पर्य यह है कि गर्भावस्था के दौरान बुरे सपने आने से न केवल माँ के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है बल्कि होने वाले बच्चे के लिए भी यह घातक हो सकता है। इसके लिए अच्छी पुस्तकें पढ़ना भी फायदेमंद हो सकता है। ऐसे समय में परिवार के सदस्यों का सहयोग भी आवश्यक है।
  • गर्भावस्था के दौरान बुरे सपने आने से न केवल माँ के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है बल्कि होने वाले बच्चे के लिए भी यह घातक हो सकता है। इसके लिए अच्छी पुस्तकें पढ़ना भी फायदेमंद हो सकता है। ऐसे समय में परिवार के सदस्यों का सहयोग भी आवश्यक है।

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