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क्या गर्भावस्था मे पपीता खाना सुरक्षित है ?

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संशोधित किया गया Sep 30, 2018

क्या गर्भावस्था मे पपीता खाना सुरक्षित है

पपीता एक स्वादिष्ट फल है और स्वास्थ के लिये भी बहुत लाभदायक है यह फल  कैल्शियम, पोटेशियम, फाइबर, फ्लेवोनोइड्स और कैरोटीनॉइड से भरा हुआ है। यह कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करता है और पेट के कैंसर से बचाव करता है।
 

 रोज़ाना पपीता खाने के लाभ में कोई संदेह नहीं है लेकिन महिलाओं को अक्सर यह सलाह दी जाती है कि वे अपने गर्भावस्था के दौरान इसे न खाएं क्योंकि यह माना जाता है कि पपीता गर्भपात या मिसकैरेज का कारण बन सकता है।
 

पका हुआ ​​पपीता पोषक तत्वों से भरा होता है, लेकिन यह थोड़ी मात्रा में खाया जाना चाहिए। यह माना जाता है कि कच्चा पपीता गर्भवती महिलाओं के लिए असुरक्षित होता है, लेकिन एक पूर्ण रुप से पका पपीता का कोई नुकसान नहीं करता है। फिर भी सभी महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पपीता का सेवन करते समय बहुत सावधान रहना चाहिए।
 

गर्भावस्था में पपीता खाने की जोखिम
 

पपीते मे पाये जाने वाले लाभों में किसी को भी संदेह नहीं होगा, लेकिन यह केवल सामान्य परिस्थितियों में लागू होता है। अगर आप गर्भवती हैं, पपीता एक अच्छा विकल्प नहीं है क्योंकि इससे गर्भपात या मिसकैरेज हो सकता है।
 

  • आधा पके या कच्चे पपीते में लेटेक्स पाया जाता है जिससे गर्भाशय संकुचन शुरू हो सकते हैं। पपीता को आम तौर पर खाने की सलाह दी जाती है जब महिलाओ को अनियमित माहवारी होती हैं, जिसका अर्थ है कि यह एक शक्तिशाली एमिन्गोगुआ है जो गर्भाशय संकुचन तथा सिंथेटिक श्रम को प्रोत्साहित करता है और इससे गर्भपात होता है।
     
  • पपीता को गर्भावस्था के दौरान असुरक्षित मानने का एक और कारण यह है कि इसमें पेरीसिंन और पोपीन शामिल है जो आपके भ्रूण का बढ्ना और  उसका विकास कम कर सकता है। कुछ मामलों में, पपैन भ्रूण के अस्तित्व की संभावना को खत्म कर सकता है।
     
  • शोधों से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान पपीता लेने से एंटी-इम्प्लांटेशन, प्रत्यारोपण हानि और भ्रूण विषाक्तता की संभावना बढ़ सकती है।
     

 क्या कहते हैं डॉक्टर्स
 

  • गर्भावस्था के दौरान पपीता खाना चाहिए या नहीं यह अभी तक भी एक भ्रम बना हुआ है,लेकिन फिर भी किन्हीं कारणों से और गर्भवती महिला की स्थिति को देखकर ही डॉक्टर्स पपीता खाने की सलाह देते या मना करते हैं।
     
  • गर्भावस्था के दौरान जिन महिलाओं को विटामिन सी की कमी होती है उन्हें पपीता खाने की हिदायत दी जाती है।
     
  • गर्भावस्था के तीसरे महीने में खान पान का ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में आपको अपने आहार से संबंधित कोई भी शंका है तो अपने डॉक्टर से जरूर सलाह करें।
     

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कमैंट्स()
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| Sep 11, 2017

2. 5 ya 3 month me baby ki dhadkan or growth ruk Jane ka kya reason hai please btao mujhe aisa mere sath 3baar ho chuka hai

  • रिपोर्ट

| Sep 11, 2017

गर्भवती महिला को इन नो महीनों में कई प्रकार के घरेलू नुस्खे बताए जाते है घर की बड़ी बुजुर्ग महिलाओं द्वारा। जिसमे की पपीता का सेवन न करना भी शामिल हैं। उसका वैज्ञानिक कारण इस ब्लॉग को पढ़कर साफ तौर से समझ मे आता है।।धन्यवाद Parentune Support इस ब्लॉग को शेयर करने हेतु उनकी पपीता खाएं या न खाएं इस दुविधा को दूर करने के लिए।

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