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अफवाहों पर ध्यान ना दें पैरेंट्स! बच्चे को पोलियो वैक्सीन जरूर पिलाएं: स्वास्थ्य मंत्रालय

Prasoon Pankaj
0 से 1 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Oct 06, 2018

अफवाहों पर ध्यान ना दें पैरेंट्स बच्चे को पोलियो वैक्सीन जरूर पिलाएं स्वास्थ्य मंत्रालय
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

  उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना समेत कई और राज्यों में पोलियो की दवा के कुछ बैच में संक्रमण पाए जाने की खबरों के सामने आने के बाद अब बहुत सारे माता-पिता संशय की स्थिति में आ गए हैं।  कुछ पैरेंट्स ये भी सवाल पूछ रहे हैं कि क्या उन्हें अपने बच्चों को पोलियो की दवा पिलानी चाहिए या नहीं ? हम आपको बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को सभी माता-पिता एवं अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं। तो आइये जानते हैं इस ब्लॉग में कि स्वास्थ्य मंत्रालय एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) की तरफ से पोलियो की दवा के संबंध में क्या बयान जारी किया गया है। ये जानना सभी पैरेंट्स के लिए बहुत जरूरी है ताकि वो पोलियो की दवा के संबंध में किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति में ना रहें।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 4 अक्टूबर यानि गुरुवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान में ये स्पष्ट रूप से कहा गया है कि WHO के साथ मिलकर सरकार ने ये सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाया है कि बच्चों को दिए जाने वाले सभी टीके सुरक्षित और प्रभावी हों। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से ये बयान उस वक्त जारी किया गया है जब कुछ राज्यों में पोलियो की खुराक के कुछ बैच में पोलियो वायरस टाइप 2 का संक्रमण मिलने का मामला सामने आया। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि जिस कंपनी की दवा में संक्रमण पाया गया था उसकी दवाओं का प्रयोग बंद कर दिया गया है और उस कंपनी की सारी दवाओं के स्टॉक को वापस मंगवा लिया गया है। एक और अहम बात की इस बयान में ये भी कहा गया है कि पोलियो की खुराक मुहैया कराने वाली अन्य कंपनियों की दवाओं का परीक्षण किया गया है और ये पुष्टि की गई है कि ये दवाएं सभी तय मानकों पर खरे उतरें। तो आप बेफिक्र होकर अपने बच्चे को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं।

इस ब्लॉग को जरूर पढ़ें : संक्रमित पोलियो ड्रॉप: स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, रोक के बावजूद बच्चों को दी गई

पोलियो की दवा को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किया गया आधिकारिक बयान/ Health Ministry Advisory  On Infected Polio Vaccine In Hindi

हाल में कुछ ऐसी अफवाहें फैलाई गईं कि बाइवेलन्ट ओरल पोलियो की दवा में कुछ वायरस पाए गए हैं। यह अफवाह मीडिया के कुछ वर्ग में आई उन खबरों के बाद फैली है जिसमें कहा गया है कि एक खास कम्पनी द्वारा आपूर्ति की गई पोलियो की दवा गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है। टीकाकरण कार्यक्रम में इस कम्पनी द्वारा सप्लाई की गई पोलियो की दवा का इस्तेमाल रोक दिया गया है साथ ही पहले आपूर्ति की जा चुकी उसकी दवा का सारा स्टॉक भी वापस ले लिया गया है।

इस कम्पनी के अलावा दूसरी कई ऐसी दवा निर्माता कम्पनियां हैं जो पोलियो की दवा की आपूर्ति करती है। इन दवाओं की गुणवत्ता जांच की गई है और इन्हें तय मानकों के अनुरूप पाया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए बच्चों को सुरक्षित और प्रभावी पोलियो की दवा मिल सके इन कम्पनियों की दवा का टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल किया जा रहा है।

        पोलियो की दवा पूरी तरह सुरक्षित है। इसने पोलियो से होने वाली शारीरिक अपंगता से लाखों बच्चों को बचाया है। ऐसे में सभी को पोलियो से बचाव के लिए अपने बच्चों को यह दवा जरूर पिलानी चाहिए। भारत सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी हो।

        भारत पिछले सात वर्ष से भी ज्यादा समय से पोलियो मुक्त हो चुका है हालांकि कुछ पड़ोसी देशों में पोलियो के कुछ मामले अभी भी देखे जा रहे है ऐसे में इस बीमारी के फिर से देश में आने के खतरे को देखते हुए उच्‍च प्रतिरक्षा बनाये रखने के प्रयासों के तहत पूरे देश में नियमित टीकाकरण के तहत सभी नवजात शिशुओं को बाइवेलन्ट ओरल पोलियो की दवा के साथ ही निष्क्रिय पोलियो वायरस टीका (आईपीवी) भी उपलब्‍ध कराया गया है।

सूचना का स्रोत - स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 2
कमैंट्स ()
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| Oct 06, 2018

Thank you for removing my doubts

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| Oct 07, 2018

v very an can set so to e 9 g on

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