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हर बच्चे को चाहिए भाई-बहन का साथ? कितना सत्य है यह वाक्य... आईए जानें!!!

Parentune Support
1 से 3 वर्ष

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संशोधित किया गया Nov 17, 2017

हर बच्चे को चाहिए भाई बहन का साथ कितना सत्य है यह वाक्य आईए जानें

माता-पिता बनने के बारे में फैसला लेना अपने-आप में बड़ी बात है लेकिन इसके साथ आपको यह प्लानिंग भी करनी होती है कि आप एक बच्चा चाहते हैं या ज्यादा क्योंकि हर पैदा होने वाला बच्चा आपके लिए नई जिम्मेदारियां लेकर आता है।

 

आजकल के माॅर्डन माता-पिता एक ही बच्चा चाहते हैं।

ऐसी सोच होने की बड़ी वजह है कि आजकल ज्यादातर पति-पत्नि, दोनों कामकाजी होते हैं और अपनी व्यस्ता की वजह से उन्हे इतनी फुर्सत ही नहीं होती कि वे अपने बच्चों के साथ समय बिता सकें।

इसके अलावा जीवन के कठिन होते हालात और दिन-ब-दिन बढ़ती हुई रहन-सहन की लागत को देखते हुए भी बहुत से पति-पत्नि केवल एक ही बच्चा पैदा करने को प्राथमिकता देते हैं।

क्यों करें दूसरा बच्चा-

यहाँ हम आपको कुछ उन बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको दूसरे शिशु के लिए प्रेरित कर सकती हैं लेकिन फिर भी ध्यान रहे कि इस बारे में लिया गया कोई भी फैसला आपका निजी और अपनी परिस्थितियों के मुताबिक होना चाहिए-

  • आपसी प्रेमभाव और चीजों को साझा एक बड़ी खूबी है लेकिन यह तभी मुमकिन है जब आपके बच्चे का कोई भाई-बहन हो क्योंकि यह बातें बच्चे घर में ही सबसे पहले सीखते हैं। ऐसा देखा गया है कि इकलौती संतानों में यह गुण नहीं मिलता और वे स्वार्थी होते हैं।
  • अगर आपके बच्चों के बीच उम्र का अंतर सही हो तो यह बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि कई बार बड़ा बच्चा अपने छोटे भाई-बहन की देखभाल बड़े अच्छे से कर लेता है और उनका ख्याल भी रखता हैं।
  • कामकाजी माता-पिता का इकलौता बच्चा अक्सर कुछ न कुछ ऐसी हरकतें करता है जिससे वह उनका का ध्यान और लाड़-प्यार पा सके पर दो (या ज्यादा) बच्चे होने पर ऐसा नहीं होता क्योंकि वे आपस में व्यस्त रहते हैं और आप भी चिंतामुक्त रहती हैं।
  • जब आपका दूसरा बच्चा पढ़ना-लिखना सीखना शुरू करता है तो जरूरी नहीं कि उसकी शुरूआती शिक्षा का सारा बोझ आप माता-पिता पर ही हो क्योंकि उसके बड़े भाई या बहन के होने पर यह बड़ा मददगार होता है। बच्चे एक-दूसरे के साथ रहकर बड़ी जल्दी सीखते हैं।
  • चूंकि इकलौते बच्चे अकेलेपन के शिकार भी होते हैं तो इस वजह से उन्हे माता-पिता का ज्यादा लाड़-प्यार मिलता है पर कई बार देखने में आता है कि ऐसे बच्चे बिगड़ैल और शैतान होते हैं लेकिन बच्चे का भाई या बहन होने पर वे अकेलेपन का शिकार नहीं होते और उनकी परवरिश भी बेहतर होती है।

 

  • यह जानी-मानी बात है कि किसी व्यक्ति के जीवन में सगे भाई-बहनों की कमी किसी और रिश्ते से पूरी नहीं की जा सकती। माता-पिता के जीवित न रहने या किसी वजह से दोनों के अलग हो जाने पर भाई-बहनों का रिश्ता और मजबूत हो जाता है जो बच्चों को जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की सीख देने के साथ-साथ आगे बढ़ते रहते की ताकत देता है।


हालांकि ऐसा नहीं कहा जा सकता कि बच्चा एक या दो होना किसी तरह से नुकसानदायक या फायदेमंद हो सकता है लेकिन व्यवहारिक तौर पर देखा जाए तो यह बात एकदम सही है कि यदि आपके बच्चे का कोई सगा भाई या बहन है तो यह ज्यादा बेहतर होता है और इसके अपने फायदे हैं .... और इसे ज्यादा आसान शब्दों में समझना चाहें तो ‘एक से भले दो&...जैसा हमारे बड़े-बुजुर्ग कहते आए हैं।

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