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स्वास्थ्य गर्भावस्था

प्रेगनेंसी में हाई ब्लड प्रेशर

Supriya Jaiswal
गर्भावस्था

Supriya Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 30, 2019

प्रेगनेंसी में हाई ब्लड प्रेशर
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

प्रेगनेंसी में आपको अनेक तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इन में से हाई ब्लड प्रेशर प्रमुख है। प्रेगनेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम और भी बढ़ जाता है। यह आपके लीवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही भ्रूण को पर्याप्‍त मात्रा में ऑक्‍सीजन और रक्‍त की आपूर्ति से रोकता है। कुछ मामलो में यह गंभीर दौरे यानी एक्‍लंप्‍षण का कारण भी बनता है। जब महिलाओं का प्रेगनेंसी में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और प्रसव में कुछ समय बाद रक्तचाप सामान्य हो जाता है तो गर्भावस्थाजनित उच्च रक्तचाप या प्रेगनेंसी इंड्यूस हाइपरटेंशन कहलाता है।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण / Symptoms of high blood pressure in Pregnancy In Hindi 

उच्च रक्तचाप का उपचार / Some Tips To Follow  For High Blood Pressure In Pregnancy  

प्रेगनेंसी में ब्लडप्रेशर बढ़ जाना गंभीर समस्या है। अगर समय पर उपचार नहीं किया गया, तो आपको अनेक गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। परहेज और उपचार से काफी हद तक बचाव संभव है। गर्भावस्था में पर्याप्त परहेज और उपचार कर ब्लडप्रेशर को सामान्य बनाए रखने की कोशिश करें।  इस दौरान आपके और  शिशु के स्वास्थ्य पर बराबर निगरानी होनी चाहिए। कुछ बातों का ध्यान दें जैसे की --

  1. आराम करे -- प्रेगनेंसी में अगर आप हाई ब्लडप्रेशर ग्रस्त हैं तो आप को बाईं करवट लेट कर आराम करना चाहिए।
     
  2. ब्लडप्रेशर कम करने वाली दवा ले -- अगर सिस्टोलिक प्रेशर 160 मि.मी. या डायस्टोलिक रक्तचाप 100 मि.मी. से ज्यादा है तो आप को ब्लडप्रेशर कम करने वाली दवाओं का नियमित सेवन अवश्य करना चाहिए। लेकिन इस दौरान दवाएं बहुत सावधानीपूर्वक ले| कुछ दवाएं जैसे पेशाब ज्यादा होने वाली दवाओं के सेवन से घातक प्रभाव हो सकते हैं।
     
  3. अल्ट्रासाउंड आदि जांच (ultrasound )-- गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी रखने के लिए उन का हर 3 सप्ताह पर अल्ट्रासाउंड तथा मां के रक्त की जांचें करानी चाहिए।
      
  4. वजन जांच करे(check weight) -- जब तक आपका ब्लडप्रेशर सामान्य न हो जाए,तब तक हर दिन वजन जांच करे, हर दूसरे दिन पेशाब में प्रोटीन की जांच तथा हर 4 घंटे पर रक्तचाप की माप होनी चाहिए।
     
  5. प्रोटीन और कैल्शियम लें(take protein and calcium) -- प्रेगनेंसी में आपको  पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कैल्सियम का सेवन करना चाहिए.रोजाना 2 ग्राम कैल्सियम की गोलियों का सेवन करना चाहिए।
     
  6. नियमित जांच (regular check-up)-- हर गर्भवती महिला की नियमित अंतराल पर रक्तचाप तथा पेशाब में प्रोटीन की जांच जरूरी है, जिस से रोग का जल्दी से जल्दी उपचार शुरू हो सके
     
  7. परिवार में इसकी समस्या(family background of high blood pressure ) -- अगर आपके परिवार में यह कई वंश से है या अन्य कारणों से आपको ग्रस्त होने का भय है तो आपको  इस से बचाव के उपाय करने चाहिए और सावधान रखना चाहिए| 

 

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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