स्वास्थ्य

कैसे पाएँ बच्चे की अंगूठा चूसने की आदत से छुटकारा

Gaurima
0 से 1 वर्ष

Gaurima के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 18, 2018

कैसे पाएँ बच्चे की अंगूठा चूसने की आदत से छुटकारा

आपने कई बच्चों को अंगूठा चूसते हुए देखा होगा। 3 से 6 महीने की उम्र के बच्चों में अक्सर अंगूठा चूसने की आदत की शुरुआत देखी गई है। पर कई बच्चों के साथ ये आदत उम्र बढ़ने के बाद भी बनी रहती है। चार साल तक भी यह आदत काफी सामान्य मानी जाती है, लेकिन इसके बाद भी अगर बच्चा अंगूठा चूसता रहता है तो इस आदत को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। बच्चों को ही नहीं कई लोग तो बारह से पंद्रह साल या उससे ज्यादा उम्र में भी अंगूठा चूसते हैं। साथ ही इस आदत को लेकर माँ बाप का परेशान होना भी स्वाभाविक होता है, क्योंकि इसके कारण बच्चे की शारीरिक ग्रोथ पर भी असर पड़ता है, और साथ ही बच्चे का अंगूठा पतला होता है। आइये अब विस्तार से जानते हैं कि बच्चे के अंगूठा चूसने के क्या कारण होते हैं, बच्चे को इसके कारण क्या क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं और बच्चे में होने वाली इस आदत को आप कैसे छुड़वा सकते हैं। 

बच्चा अंगूठा चूसता है तो इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। How To Break The Thumb Sucking Habit In Babies In Hindi

  • जब बच्चा अंगूठा चूसता है तो उसके अंगूठे में एंडोफिन्स नाम के द्रव्य का निर्माण होता है, जिससे जब शिशु अंगूठा चूसता है, तो उसका दिमाग शांत होता है, और उसे नींद अच्छे से आती है। कई बार बच्चे को जब भूख लगती है और वो आपसे नहीं कह पाता है तो अपने हाथ- पैर मारने लगता है, जिसके कारण उसको अंगूठा चूसने की आदत पड़ जाती है, और उसे आराम मिलता है। यह आदत उन बच्चों में भी देखने को मिलती है जो कि बोतल में दूध पीते है और जब उनका दूध जल्दी खत्म होने लगता है और उनका पेट नहीं भरता है तो उन्हें यह आदत लग जाती है। जब बच्चे के दाँत निकलते हैं, तो उसके जबड़े में खारिश होने लगती है। जिससे अंगूठा चूसने पर उन्हें जबड़े में दबाव महसूस होता है और अच्छा लगता है।
     
  • कई बच्चों को यह आदत चार से पांच साल की उम्र में लगती है। इसका कारण होता है बच्चे को भरपूर प्यार न मिलना, अनिंद्रा की समस्या होने के कारण, तनाव महसूस करना और असुरक्षित महसूस करना। इससे राहत पाने के लिए बच्चा अंगूठा चूसने लगता है और ऐसे बच्चे प्यार से बहुत जल्दी ठीक हो जाते हैं।
     
  • अंगूठा चूसने से बच्चों को कई दुष्प्रभाव भी झेलने पड़ते हैं। अंगूठा चूसने के कारण इसके कारण बच्चे के आगे के दाँत टेढ़े मेढे आते हैं या उनके बीच में गैप होने लगता है। साथ ही कई बार बच्चों के आगे के दाँत ऊँचे हो जाते है, जिसके कारण बच्चों का चेहरा अच्छा नहीं लगता। यदि दांतो के बीच में गैप आ जाता है तो इसके कारण कई बार बच्चे को साफ़ बोलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
     
  • कई बार बच्चा नीचे खेल रहा होता है, तो मिट्टी आदि के कण उसके अंगूठे पर लगे होते हैं और वो बच्चे के पेट में चले जाते हैं जिसके कारण बच्चा बीमार हो सकता है या उसे इन्फेक्शन हो सकता है और अंगूठा चूसने के कारण बच्चों की शारीरिक ग्रोथ पर भी असर पड़ता है।
     
  • हो सकता है कि आप अपने बच्चे को लंबे समय से अंगूठा चूसवाने की आदत छुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह इस आदत को नहीं छोड़ रहा है। ऐसे में उस पर गुस्सा ना हों। बच्चे के अंगूठा चूसने के एक कारण उसे भूख का लगना होता है, इसीलिए बच्चे के खाने में ज्यादा समय का अंतराल नहीं रखना चाहिए, और उसे कुछ न कुछ खाने के लिए देते रहना चाहिए। बच्चे को अंगूठा चूसने पर धमकाने या डांटने की जगह आपको उसका ध्यान कहीं और लगाने के लिए खिलौने आदि देने चाहिए। बच्चे को बाहर घुमाने ला जाएँ या उसके साथ खेलें ताकि उसका ध्यान दूसरी ओर लगा रहे। बच्चों के अंगूठा चूसने की आदत छुड़वाने के लिए कुछ लोग कड़वी चीजों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करना बच्चों के लिए हानिकारक होता है। इसलिए ऐसा ना करें।
     
  • इसमें बच्चे को स्नेह, अनुराग व मानसिक सुरक्षा की जरूरत होती है। बच्चे को लाड़ में और प्रेम से चुनौती देते हुए इस आदत को छोड़ने को कहें। कभी भी दूसरों के सामने बच्चे की उपेक्षा न करें, और इस आदत के लिए बार बार न सुनाएँ, इससे बच्चा और अधिक अंगूठा चूसने लगता है। उसे ये भी बताएं कि बड़े होकर भी यदि वह इस आदत को नही छोड़ता तो उसके दाँत टेढ़े- मेढ़े निकलेंगे, दाँतों पर तार लगवाने में कितना दर्द होता है और उसके स्कूल/ कॉलेज में वह सबकी हँसी का पात्र बन सकता है। बच्चों को अचानक से अंगूठा चूसने की आदत छुड़वाने के लिए अगर आप बाधित करते हैं तो वे बैचेन हो जाते हैं। इसलिए धीरे-धीरे ये आदत छुड़वाएं।

    तो ये कुछ कारण है जिसकी वजह से आपका बच्चा अंगूठा चूसता है, और इनके दुष्प्रभाव को जानने के बाद आपको बच्चे की इस आदत को जितना जल्दी हो सकें छुड़वा देना चाहिए। परन्तु प्यार से ताकि बच्चा इसके कारण चिड़चिड़ा न हो और उसे इस आदत से निजात भी मिल जाएँ। उन्हें समझायें कि ये आदत उन्हें बीमार कर सकती है।

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  • 6
कमैंट्स()
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| Sep 29, 2018

archana gondhali नमस्ते। अंगूठा चूसना बच्चे लगभग दो से तीन साल के अंदर अपने आप ही छोड़ देते है। ये समस्या तब बड़ी होती है जब पांच साल के बाद भी बच्चा अंगूठा लेता हो। ये बड़े होने पर एक लत कि तरह बन जाती है। आपकी बच्ची अभी बहुत छोटी है तो वैसे भी कोई चिंता की बात नहीं है। फिर भी आप छुड़ाना चाहती है तो आप कुछ कड़वी चीजें जैसे नीम की पत्ती, नींबू का रस, कड़वा एलोवेरा आदि अंगूठे पर लगा सकती हैं। आप जब भी ये उपाय आजमाएं, तब आप बच्चे के पास रुकें और उसका रिएक्शन देखें।

  • रिपोर्ट

| Sep 28, 2018

meri bachhi 1 years ki hai uski ye adat Kaiser chudani chahiye

  • रिपोर्ट

| Sep 27, 2018

Bhavna Ravi Rajwani नमस्ते। आपकी बच्ची अगर साल भर से ऊपर है तो हो सकता है वो किसी डर से ऐसा करती हो। आप उसको जब सुलाए तो उसको बोले की मम्मा आपके पास ही है और अपना हाथ उसकी पीठ पर रखें। उसको अच्छी कहानी सुनाते हुए सुलाए।थोड़े दिनों में ये आदत छूट जाएगी।

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| Sep 27, 2018

Priya Divate Satav नमस्ते। अंगूठा मुंह में लेने और चूसने की आदत बच्चों में सामान्य तौर पर तीन से छह महीने से शुरू होती है।लेकिन कई बच्चे इससे पहले भी शुरू कर देते है।बच्चे ऐसा दो कारणों से करते है एक तो उन्हें भूख लग रही होती है और दूसरा बच्चे मानसिक डर, बैचैनी से करते है। आपके बच्चे के साथ पहला कारण है। कई बार बच्चे गहरी नींद में होते है तो वो भूख लगने पर रोते नहीं है और नींद में ही अंगूठा लेने लेते है। एक महीने के बच्चे को बहुत जल्दी जल्दी भूख लगती है आप बच्चे को हर एक दो घंटे में दूध पिलाएं। उसको ये आदत नहीं पड़ेगी।

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| Sep 27, 2018

meri beti 1 mahine ki ho gai hain aur vo rat ko uthakr rone ki jagah angutha chusne lagti hain.. har bar nahi pr kabhi kbhi kr rahi hain kya kru...

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| Aug 18, 2018

bt meri beti ko nind ke samay thodi dar ungli muh me dalti hai.. fir nind aate hi nikal deti hai..

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