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शिशु की देख - रेख

शिशु के नाजुक अंगों की कैसे करें सफाई?

स्पर्धा रानी
0 से 1 वर्ष

स्पर्धा रानी के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Apr 23, 2021

शिशु के नाजुक अंगों की कैसे करें सफाई
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

आस्था को जब शादी के 3 साल बाद बेटा हुआ तो आस्था अपनी मम्मी के पास चली गई ताकि उसकी और उसके बेटे युग की अच्छे से देखभाल हो सके। डिलीवरी के करीब 4 महीने तक तो आस्था को कोई दिक्कत नहीं हुई, क्योंकि युग से संबंधित सारा काम आस्था की मम्मी ही कर देती थी। लेकिन जब आस्था को वापस अपने पति के पास जाना पड़ा तो उसे समझ ही नहीं आया कि वह कौन सा काम पहले करे और कौन सा बाद में। हालांकि, उसकी मम्मी ने उसे सब कुछ अच्छे से समझाया था लेकिन आस्था को युग का कोई भी काम करने में डर लगता था। कुछ ही दिनों बाद आस्था की रिश्ते की बिन्नी  मौसी आस्था और युग से मिलने आई। उन्होंने जैसे ही युग को गोद में लिया, उन्हें लगा कि युग का डायपर भर गया है और उन्होंने उसका डायपर उतार दिया। डायपर उतारते ही बिन्नी मौसी ने देखा कि युग के नाजुक अंग गंदे (How to clean your baby's delicate organs/ genitals) हो रहे हैं। वहां गंदगी चिपकी हुई है। उन्होंने तुरंत आस्था से पूछा कि क्या वह सफाई नहीं करती है, जिसके जवाब में आस्था ने कहा कि वह करती तो है लेकिन उसे बहुत डर लगता है। दो- चार दिनों में उसकी सासू मां आने वाली हैं, अब वही ये सब करेंगी। यह सुनते ही बिन्नी मौसी ने आस्था को शिशु के नाजुक अंगों को साफ करने के लिए कुछ टिप्स दिएं और आस्था से अपने सामने ही युग के नाजुक अंगों की सफाई करवाई।

किस तरह करें शिशु के नाजुक अंगों की सफाई? / How to clean your baby’s genitals?

नवजात शिशु के सभी अंग बहुत सॉफ्ट होते हैं। और बात जब नाजुक अंगों की आती है तो यहां ज्यादा ध्यान देने की जरूरत रहती है। यहां आज हम शिशु के नाजुक अंगों की सफाई (How to clean your baby’s genitals) से संबंधित बातें करेंगे। हम जानेंगे कि कि तरह हम शिशु के नाजुक अंगों को साफ रख सकते हैं।

हमेशा नहीं

शिशु के नाजुक अंगों की सफाई का कतई यह मतलब नहीं है कि आप हमेशा उसे साफ पोंछते और साफ करते रहें। अगर आप ऐसा करेंगे तो आपके शिशु की सेंसिटिव स्किन इरिटेट हो सकती है, वहां रैश आ सकते हैं।

डायपर चेक करते रहें

यदि आप पूरे दिन अपने शिशु को डिस्पोजेबल डायपर पहनाकर रखते हैं तो चेक करते रहें कि आपके शिशु का डायपर कब भर गया है और कब उसे बदलने की जरूरत है। रात में कम से कम एक बार शिशु का डायपर जरूर बदलना चाहिए।

यदि आप कपड़े से बने नैप्पी अपने शिशु को पहना रही हैं तो उसके गीला होते ही तुरंत बदल दें। इस तरह से आपके शिशु की बॉडी पर रैश नहीं आएगा और उसकी स्किन सॉफ्ट और सपल बनी रहेगी। डायपर रैश से आपके शिशु के नाजुक अंगों पर असर पड़ सकता है। साथ ही हिप और जांघों पर भी।

अगर आपके शिशु ने पॉटी की है तो उसके लिए पानी और लिक्विड माइल्ड बेबी क्लींजर या बेबी वाइप्स का इस्तेमाल सही रहता है। सिर्फ पानी इसके लिए सही नहीं है।

अपने शिशु के बॉटम को हल्के से साफ करें और सूखे मुलायम तौलिए से थपथपा कर पोंछ दें। ज्यादा रगड़ने से आपके शिशु की स्किन डैमेज हो सकती है। कोशिश करें कि आप जहां तक संभव हो, अपने शिशु को नैप्पी फ्री रहने दें, इससे उसकी स्किन सही रहेगी।

बेटे के नाजुक अंगों की देखभाल / Taking care of your baby boy’s genitals

नहाते समय या नैप्पी बदलते समय अपने बेटे के नाजुक अंगों को अच्छे से साफ करें ताकि वहां कोई गंदगी न रह जाए। गंदगी अगर रह जाती है तो वह सूख जाती है और फिर हटाने के लिए रगड़ने की जरूरत पड़ सकती है। यह इतने नन्हे बच्चे के लिए सही नहीं है।

आपका शिशु एक लड़का है तो उसके नाजुक अंग की सफाई (How to clean your baby’s genitals) अलग तरह से की जायेगी। उसके पेनिस का ऊपरी हिस्सा काफी हद तक अपने आप साफ हो जाता है। अगर आपको वहां कोई गंदगी दिख रही है तो वेट वाइप्स की मदद से हल्के हाथ साफ करें।

आपके शिशु की फोरस्किन उसके पेनिस के ऊपरी हिस्से से जुड़ी रहती है। जब वह दो साल का होगा, टी यह अपेन आप अलग हो जाएगी। इसके लिए आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। इसको जबरदस्ती पीछे करने से यह वह से फट जायेगी, जहां से नैचुरली अटैच है। इससे उसे चोट लग सकती है और वह डर सकता है। इससे उसे आगे चलकर भी दिक्कत हो सकती है।

यदि आपका शिशु सर्कम्साइज्ड हुआ है तो उसकी नैप्पी लगातार बदलते रहें। उसके पेनिस को साफ अकरने के लिए लिक्विड माइल्ड बेबी क्लींजिंग का इस्तेमाल करें। उसकी चोट पर पेट्रोलियम जेली लगाएं। उसे ठीक होने के लिए आस- पास हवा लगने दें।

जब भी आप अपने बेटे को नैप्पी पहनाते हैं तो उसके पेनिस को नीचे कर दें ताकि नैप्पी के साथ वह रगड़ न खाए।

अगर आपके बेटे के पेनिस में इन्फेक्शन हुआ है तो यह लाल हो सकता है। उसे शुशु करते समय दर्द हो सकता है। अगर ऐसा है तो तुरंत उसके पेडियाट्रिशियन को कॉल करें।

बेटी के नाजुक अंगों की देखभाल / Taking care of your baby girl’s genitals

अपनी बेटी को नहलाते या नैप्पी बदलते समय उसके नाजुक अंगों और बॉटम को अच्छे से साफ (How to clean your baby’s genitals) करें।

वहां हमेशा आगे से पीछे की ओर साफ करें, इससे उसके बॉटम से वजाइना तक बैक्टीरिया ट्रांसफ़र नहीं होंगे।

वाइप करने के लिए आपमाइल्ड बेबी क्लींजिंग लिक्विड के साथ सॉफ्ट, साफ सूती कपड़े या तौलिए का इस्तेमाल कर सकते हैं।

यदि आपको अपनी बेटी के वजाइनल लिप्स पर गंदगी दिख रही है तो गीले सॉफ्ट कपड़े या बेबी वाइप से टॉप से बॉटम या आगे से पीछे साफ करें। फिर अंदर की ओर दोनों तरफ दूसरे गीले साफ कपड़े या वाइप से सफाई करें।

अपने शिशु को सभी प्यार करते हैं और उसकी अच्छे से अच्छे देखभाल भी करते हैं। बावजूद इसके, कभी- कभार सफाई ठीक से नहीं हो पाती है। आपको अपने शिशु के नाजुक अंगों की सफाई के लिए एक सॉफ्ट, गीले सूती कपड़े या वाइप्स का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर आपको अपने शिशु के नाजुक अंगों में कोई बदलाव दिख रहा है तो सीधे डॉक्टर से संपर्क करें।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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